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Karnal News: धनतेरस पर हुई धनवर्षा, मन हर्षा
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। धनतेरस का बाजार व्यापारियों की उम्मीदों पर खरा उतरा। पंच पर्व के पहले त्योहार धनतेरस पर शुक्रवार को बाजार में भारी भीड़ उमड़ी। जमकर खरीदारी को देख लगा जैसे धनतेरस पर धन की बारिश जैसी स्थिति बनी। कोरोना के बाद पहली बार बाजार में खरीदारों में इतना उत्साह दिखा। विशेष खरीदारी बर्तनों के साथ साथ सोने-चांदी के आभूषणों की भी हुई।
खास बात ये रही कि ये त्योहार महीने के पहले दस दिन के अंदर पड़ा, जब नौकरीपेशा लोगों को पिछले माह का वेतन मिल चुका है, वहीं किसानों को धान का भुगतान मिल चुका है। मान्यता है कि धनतेरस को बर्तन, सोना चांदी खरीदना शुरू माना जाता है, जिसके तहत बर्तनों की सभी बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ दिखी तो सराफा की दुकानों पर भी लोगों को बैठने तक की जगह मुश्किल से मिल सकी।
बाजार का आलम ये रहा कि पैदल निकलना भी दूभर रहा। दुकानदारों के अनुसार इस बार चांदी व तांबे के बर्तनों की खरीदारी में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं सोने व चांदी के आभूषणों की खरीदारी में भी खासा उछाल देखने को मिला है। सराफ दिनेश गुलाटी ने बताया कि खास बात ये भी रही कि धनतेरस के दिन में चांदी के भाव में 1000 रुपये और सोने के भाव में 500 रुपये तक की गिरावट आई, जिससे भी ग्राहक आकर्षित हुए।
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प्रमुख दुकानदारों का कहना है कि इस धनतेरस पर बाजार में धनवर्षा के साथ करोड़ो का कारोबार हुआ है। कोरोना काल के बाद पहली बार खरीदारों में इतना उत्साह दिखाई दिया। ज्वैलर्स व बर्तन की दुकानों पर देर रात तक रौनक बनी रहीं। दुकानदारों ने बताया कि उन्हें इस बार दुकानों पर बिक्री के लिए उन्हें अलग से व्यक्ति रखने पड़े, तब जाकर ग्राहकों को उनकी जरूरत अनुसार बर्तन व ज्वैलरी उपलब्ध करवाई जा सकी।
तांबे के बर्तनों की खरीदारी बढ़ी
आरके बर्तन स्टोर के मालिक अंश मदान के बताया कि इस बार तांबे के लोटे, चम्मच, थाली व गिलास की जमकर खरीद हो रही है। महिलाएं लड्डू गोपाल के लिए खरीदारी कर रही है। महिलाओं का मानना है कि तांबे के बर्तनों में भोग लगाने से मन का संतुष्टि मिलती है।
सुबह से ही आने लगे ग्राहक
नारंग बर्तन स्टोर के मालिक विजय नारंग ने बताया कि इस बार बर्तनों की खरीदारी में 35 से 40 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। इस बार धनतेरस पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने के कारण बर्तनों की बिक्री सुबह से ही होनी शुरू हो गई थी। देर शाम होते-होते भी ग्राहकों का तांता लगा रहा।
आभूषणों की खरीदारी में आया उछाल
ज्वैलर्स गुरबचन लाल ने बताया कि इस बार धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी में काफी उछाल आया है। आभूषणों की खरीदारी शुभ मानी जाती है। चांदी के सिक्के उपहार में भी देने के काम आते है और दिवाली पर पूजा भी होती है। शादियों का सीजन भी शुरू होने से शादी के लिए आभूषणों की खरीदारी भी लोग दिवाली के शुभ अवसर पर कर रहे हैं।
झाड़ू की भी हुई खरीदारी
हरियाणा बर्तन स्टोर के संचालक अभिषेक ने बताया कि इस बार धनतेरस पर बर्तनों के साथ-साथ झाडू की खरीदारी भी जमकर हुई। धनतेरस के पावन अवसर पर जहां बर्तन खरीदने का अपना महत्व है, वहीं झाडू की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है।
बर्तनों की हो रही खरीदारी
पवन बर्तन स्टोर के संचालक शशि भूषण ने बताया कि पीतल के बर्तनों की खरीदारी भी इस बार खूब हो रही है। महिलाएं अपनी जरूरत के बर्तन खरीदने में ज्यादा रुचि दिखाती हैं। जिस सामान की घर में कमी होती है महिलाएं उसी सामान की मांग करती हैं।
धनतेरस पर खरीदारी का अलग मजा
नेहरू पैलेस के सामने बर्तन स्टोर पर बर्तन खरीदने आई गृहिणी संगीता ने बताया कि वह खरीदारी तो साल भर करती है लेकिन धनतेरस पर बर्तनों की खरीदारी का अलग ही मजा है। इस दिन का इंतजार महिलाओं को खासतौर पर रहता है क्योंकि धनतेरस के पावन पर्व पर बर्तनों की खरीदारी शुभ मानी जाती है।
धनतेरस से गृहणियों के हाथ खुले
गृहिणी सुनीता ने बताया कि धनतेरस पर बर्तनों व आभूषणों की खरीदारी शुभ मानी जाती है। इस बार त्योहारी सीजन माह की शुरूआत में आने से खरीदारी के गृहणियों के हाथ खुले है इसलिए भी बाजार में काफी रौनक देखने को मिल रही है। फिर भी वह अपनी जरूरत के हिसाब से ही बर्तन व आभूषणों की खरीदारी करने आई है।
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करनाल। धनतेरस का बाजार व्यापारियों की उम्मीदों पर खरा उतरा। पंच पर्व के पहले त्योहार धनतेरस पर शुक्रवार को बाजार में भारी भीड़ उमड़ी। जमकर खरीदारी को देख लगा जैसे धनतेरस पर धन की बारिश जैसी स्थिति बनी। कोरोना के बाद पहली बार बाजार में खरीदारों में इतना उत्साह दिखा। विशेष खरीदारी बर्तनों के साथ साथ सोने-चांदी के आभूषणों की भी हुई।
खास बात ये रही कि ये त्योहार महीने के पहले दस दिन के अंदर पड़ा, जब नौकरीपेशा लोगों को पिछले माह का वेतन मिल चुका है, वहीं किसानों को धान का भुगतान मिल चुका है। मान्यता है कि धनतेरस को बर्तन, सोना चांदी खरीदना शुरू माना जाता है, जिसके तहत बर्तनों की सभी बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ दिखी तो सराफा की दुकानों पर भी लोगों को बैठने तक की जगह मुश्किल से मिल सकी।
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बाजार का आलम ये रहा कि पैदल निकलना भी दूभर रहा। दुकानदारों के अनुसार इस बार चांदी व तांबे के बर्तनों की खरीदारी में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं सोने व चांदी के आभूषणों की खरीदारी में भी खासा उछाल देखने को मिला है। सराफ दिनेश गुलाटी ने बताया कि खास बात ये भी रही कि धनतेरस के दिन में चांदी के भाव में 1000 रुपये और सोने के भाव में 500 रुपये तक की गिरावट आई, जिससे भी ग्राहक आकर्षित हुए।
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प्रमुख दुकानदारों का कहना है कि इस धनतेरस पर बाजार में धनवर्षा के साथ करोड़ो का कारोबार हुआ है। कोरोना काल के बाद पहली बार खरीदारों में इतना उत्साह दिखाई दिया। ज्वैलर्स व बर्तन की दुकानों पर देर रात तक रौनक बनी रहीं। दुकानदारों ने बताया कि उन्हें इस बार दुकानों पर बिक्री के लिए उन्हें अलग से व्यक्ति रखने पड़े, तब जाकर ग्राहकों को उनकी जरूरत अनुसार बर्तन व ज्वैलरी उपलब्ध करवाई जा सकी।
तांबे के बर्तनों की खरीदारी बढ़ी
आरके बर्तन स्टोर के मालिक अंश मदान के बताया कि इस बार तांबे के लोटे, चम्मच, थाली व गिलास की जमकर खरीद हो रही है। महिलाएं लड्डू गोपाल के लिए खरीदारी कर रही है। महिलाओं का मानना है कि तांबे के बर्तनों में भोग लगाने से मन का संतुष्टि मिलती है।
सुबह से ही आने लगे ग्राहक
नारंग बर्तन स्टोर के मालिक विजय नारंग ने बताया कि इस बार बर्तनों की खरीदारी में 35 से 40 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। इस बार धनतेरस पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने के कारण बर्तनों की बिक्री सुबह से ही होनी शुरू हो गई थी। देर शाम होते-होते भी ग्राहकों का तांता लगा रहा।
आभूषणों की खरीदारी में आया उछाल
ज्वैलर्स गुरबचन लाल ने बताया कि इस बार धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी में काफी उछाल आया है। आभूषणों की खरीदारी शुभ मानी जाती है। चांदी के सिक्के उपहार में भी देने के काम आते है और दिवाली पर पूजा भी होती है। शादियों का सीजन भी शुरू होने से शादी के लिए आभूषणों की खरीदारी भी लोग दिवाली के शुभ अवसर पर कर रहे हैं।
झाड़ू की भी हुई खरीदारी
हरियाणा बर्तन स्टोर के संचालक अभिषेक ने बताया कि इस बार धनतेरस पर बर्तनों के साथ-साथ झाडू की खरीदारी भी जमकर हुई। धनतेरस के पावन अवसर पर जहां बर्तन खरीदने का अपना महत्व है, वहीं झाडू की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है।
बर्तनों की हो रही खरीदारी
पवन बर्तन स्टोर के संचालक शशि भूषण ने बताया कि पीतल के बर्तनों की खरीदारी भी इस बार खूब हो रही है। महिलाएं अपनी जरूरत के बर्तन खरीदने में ज्यादा रुचि दिखाती हैं। जिस सामान की घर में कमी होती है महिलाएं उसी सामान की मांग करती हैं।
धनतेरस पर खरीदारी का अलग मजा
नेहरू पैलेस के सामने बर्तन स्टोर पर बर्तन खरीदने आई गृहिणी संगीता ने बताया कि वह खरीदारी तो साल भर करती है लेकिन धनतेरस पर बर्तनों की खरीदारी का अलग ही मजा है। इस दिन का इंतजार महिलाओं को खासतौर पर रहता है क्योंकि धनतेरस के पावन पर्व पर बर्तनों की खरीदारी शुभ मानी जाती है।
धनतेरस से गृहणियों के हाथ खुले
गृहिणी सुनीता ने बताया कि धनतेरस पर बर्तनों व आभूषणों की खरीदारी शुभ मानी जाती है। इस बार त्योहारी सीजन माह की शुरूआत में आने से खरीदारी के गृहणियों के हाथ खुले है इसलिए भी बाजार में काफी रौनक देखने को मिल रही है। फिर भी वह अपनी जरूरत के हिसाब से ही बर्तन व आभूषणों की खरीदारी करने आई है।