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दूध देने वाली गायों को खनिज मिश्रण देना ज़रूरी : डॉ. अजय डांग
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वैज्ञानिकों ने गांवों में जाकर किसानों, पशुपालकों को बनाई नई तकनीकें
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह की अगुवाई में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों के विशेषज्ञों की टीम ने सोमवार को डाकवाला, नलीपार टीला और डबरकी गांव में पहुंची। यहां करीब 670 किसानों, पशुपालकों को विज्ञानिकों ने नवीनतम तकनीकियों की जानकारी दी। एनडीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अजय डांग, आईआईडब्ल्यूबीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. ओमवीर सिंह, एसबीआई क्षेत्र केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पूजा, डॉ. विक्रम, डॉ. बलजीत, डॉ. गौरव महला, डॉ. रणबीर राणा ने किसानों से उनकी दिक्कतों के बारे में जाना। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एके. डांग ने कहा कि दूध देने वाली गायों को खनिज मिश्रण देना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इससे दूध का उत्पादन ज़्यादा होता है, जल्दी ही अधिकतम उपज मिलती है और जिन गायों को खनिज मिश्रण नहीं दिया गया, उनकी तुलना में इन गायों में गर्भधारण की दर ज़्यादा होती है। डॉ. डांग ने यह भी कहा कि गर्भवती गायों को खनिज मिश्रण देना मातृ स्वास्थ्य और भ्रूण के इष्टतम विकास दोनों के लिए ज़रूरी है। डॉ. पूजा ने गन्ने की नई किस्म, स्वस्थ बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में बताया। डॉ. ओमवीर सिंह ने किसानों को भूसी रहित जौ की नई किस्म के बारे में भी जानकारी दी।
इधर केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ.आरके यादव की अगुवाई में डॉ.कैलाश प्रजापत, डॉ.अनिल कुमार सहित कई वैज्ञानिकों ने तीन गांवों में जाकर लोगों को लवणीय और क्षारीय मिट्टी की पहचान बताते हुए उसे सुधारने की नई तकनीकियों की जानकारी दी।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह की अगुवाई में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों के विशेषज्ञों की टीम ने सोमवार को डाकवाला, नलीपार टीला और डबरकी गांव में पहुंची। यहां करीब 670 किसानों, पशुपालकों को विज्ञानिकों ने नवीनतम तकनीकियों की जानकारी दी। एनडीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अजय डांग, आईआईडब्ल्यूबीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. ओमवीर सिंह, एसबीआई क्षेत्र केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पूजा, डॉ. विक्रम, डॉ. बलजीत, डॉ. गौरव महला, डॉ. रणबीर राणा ने किसानों से उनकी दिक्कतों के बारे में जाना। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एके. डांग ने कहा कि दूध देने वाली गायों को खनिज मिश्रण देना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इससे दूध का उत्पादन ज़्यादा होता है, जल्दी ही अधिकतम उपज मिलती है और जिन गायों को खनिज मिश्रण नहीं दिया गया, उनकी तुलना में इन गायों में गर्भधारण की दर ज़्यादा होती है। डॉ. डांग ने यह भी कहा कि गर्भवती गायों को खनिज मिश्रण देना मातृ स्वास्थ्य और भ्रूण के इष्टतम विकास दोनों के लिए ज़रूरी है। डॉ. पूजा ने गन्ने की नई किस्म, स्वस्थ बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में बताया। डॉ. ओमवीर सिंह ने किसानों को भूसी रहित जौ की नई किस्म के बारे में भी जानकारी दी।
इधर केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ.आरके यादव की अगुवाई में डॉ.कैलाश प्रजापत, डॉ.अनिल कुमार सहित कई वैज्ञानिकों ने तीन गांवों में जाकर लोगों को लवणीय और क्षारीय मिट्टी की पहचान बताते हुए उसे सुधारने की नई तकनीकियों की जानकारी दी।
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