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पानी की एक-एक बूंद बचाना जरूरी : रणबीर सिंह
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- अटल भूजल योजना की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें अटल भूजल योजना के तहत जिले में हुए कार्यों की समीक्षा की गई। कार्यकारी अभियंता एवं अटल भूजल योजना के जिले के नोडल अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा कि भूजल बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सजग होना पड़ेगा, यही समय की पुकार है। भविष्य के लिए पानी की एक-एक बूंद को बचाना जरूरी है।
उन्होंने पीपीटी के माध्यम से बताया कि अटल भूजल योजना की शुरुआत एक अप्रैल 2021 से सात राज्यों में शुरू हुई, जिसमें हरियाणा भी शामिल है। प्रदेश के 14 जिलों में यह योजना चल रही है, इसमें करनाल जिला भी शामिल है। करनाल उपमंडल के 41 गांवों में अटल भूजल योजना के अंतर्गत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भूजल बचाने के लिए अटल भूजल योजना की टीम इन गांवों में ग्राम सभाओं का आयोजन कर आईईसी गतिविधि के माध्यम से किसानों को फसल उत्पादन व सिंचाई बदलाव लाने के लिए जागरूक कर रही है। इन गांवों में ट्यूबवेलों पर फ्लो मीटर लगाए गए हैं। गांव में पानी की मांग व खपत के हिसाब से उस गांव का जल सुरक्षा प्लान तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इन सभी गांवों में जब भी बरसात आती है तो उसका डाटा 24 घंटे के अंदर-अंदर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता है। किसानों को समय-समय पर टपका सिंचाई और फव्वारा विधि अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। भूजल कृषि क्षेत्र में 85 प्रतिशत तथा घरेलू उपयोग में 15 प्रतिशत ही पानी इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है, हम सबको मिलकर भूजल बचाने के लिए प्रयत्न करना है। जब पानी की एक-एक बूंद बचेगी तो हमारी भविष्य की पीढ़ी भी सुरक्षित होगी।
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उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से अनुरोध किया कि आप भी अपने-अपने विभाग में कर्मचारियों को जल संरक्षण के विषय में जागरूक करें। इस मौके पर उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोजी रंगा, आईसीए एक्सपर्ट राजीव शर्मा, शुभम अग्रवाल, बलराम शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें अटल भूजल योजना के तहत जिले में हुए कार्यों की समीक्षा की गई। कार्यकारी अभियंता एवं अटल भूजल योजना के जिले के नोडल अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा कि भूजल बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सजग होना पड़ेगा, यही समय की पुकार है। भविष्य के लिए पानी की एक-एक बूंद को बचाना जरूरी है।
उन्होंने पीपीटी के माध्यम से बताया कि अटल भूजल योजना की शुरुआत एक अप्रैल 2021 से सात राज्यों में शुरू हुई, जिसमें हरियाणा भी शामिल है। प्रदेश के 14 जिलों में यह योजना चल रही है, इसमें करनाल जिला भी शामिल है। करनाल उपमंडल के 41 गांवों में अटल भूजल योजना के अंतर्गत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भूजल बचाने के लिए अटल भूजल योजना की टीम इन गांवों में ग्राम सभाओं का आयोजन कर आईईसी गतिविधि के माध्यम से किसानों को फसल उत्पादन व सिंचाई बदलाव लाने के लिए जागरूक कर रही है। इन गांवों में ट्यूबवेलों पर फ्लो मीटर लगाए गए हैं। गांव में पानी की मांग व खपत के हिसाब से उस गांव का जल सुरक्षा प्लान तैयार किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि इन सभी गांवों में जब भी बरसात आती है तो उसका डाटा 24 घंटे के अंदर-अंदर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता है। किसानों को समय-समय पर टपका सिंचाई और फव्वारा विधि अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। भूजल कृषि क्षेत्र में 85 प्रतिशत तथा घरेलू उपयोग में 15 प्रतिशत ही पानी इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है, हम सबको मिलकर भूजल बचाने के लिए प्रयत्न करना है। जब पानी की एक-एक बूंद बचेगी तो हमारी भविष्य की पीढ़ी भी सुरक्षित होगी।
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उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से अनुरोध किया कि आप भी अपने-अपने विभाग में कर्मचारियों को जल संरक्षण के विषय में जागरूक करें। इस मौके पर उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोजी रंगा, आईसीए एक्सपर्ट राजीव शर्मा, शुभम अग्रवाल, बलराम शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।