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Karnal News: मिट्टी खनन में हाईकोर्ट के संज्ञान पर जांच, कमिश्नर ने लिए बयान
Thu, 16 Apr 2026 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 16 Apr 2026 12:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। कालरों गांव में 58 एकड़ पंचायती भूमि पर कथित अवैध मिट्टी खनन के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सरकार ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बुधवार को जांच के लिए नियुक्त कमिश्नर श्रीनाथ ए. खेमका ने गांव में पहुंचकर निरीक्षण किया और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। खनन स्थल का निरीक्षण किया और वीडियोग्राफी भी करवाई।
ग्रामीणों गुलाब सिंह, सोमपाल सहित अन्य ने रूपेंद्र राणा पर आरोप लगाया कि पंचायती भूमि पर नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया गया है। रूपेंद्र राणा सरपंच के परिवार से हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने करीब 58 एकड़ समतल भूमि को कागजों में ऊबड़-खाबड़ दिखाकर प्रशासन से खनन की अनुमति प्राप्त की। इसके बाद आठ से 10 फीट तक गहराई में मिट्टी खोदकर बेच दी।
टीम पहले घरौंडा-कालरो रोड स्थित खनन स्थल पर पहुंची। इसके बाद बसताड़ा-कालरो रोड पर दो अलग-अलग स्थानों पर जाकर निरीक्षण किया। उनके साथ खंड एवं पंचायत विकास अधिकारी सोमबीर, नायब तहसीलदार अरविंद यादव माैजूद रहे।
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रूपेंद्र राणा ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि खनन विभाग से विधिवत अनुमति ली गई थी और उसी के अनुसार कार्य किया गया है। मौके पर जुटाए गए साक्ष्यों और वीडियोग्राफी के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी।
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घरौंडा। कालरों गांव में 58 एकड़ पंचायती भूमि पर कथित अवैध मिट्टी खनन के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सरकार ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बुधवार को जांच के लिए नियुक्त कमिश्नर श्रीनाथ ए. खेमका ने गांव में पहुंचकर निरीक्षण किया और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। खनन स्थल का निरीक्षण किया और वीडियोग्राफी भी करवाई।
ग्रामीणों गुलाब सिंह, सोमपाल सहित अन्य ने रूपेंद्र राणा पर आरोप लगाया कि पंचायती भूमि पर नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया गया है। रूपेंद्र राणा सरपंच के परिवार से हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने करीब 58 एकड़ समतल भूमि को कागजों में ऊबड़-खाबड़ दिखाकर प्रशासन से खनन की अनुमति प्राप्त की। इसके बाद आठ से 10 फीट तक गहराई में मिट्टी खोदकर बेच दी।
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टीम पहले घरौंडा-कालरो रोड स्थित खनन स्थल पर पहुंची। इसके बाद बसताड़ा-कालरो रोड पर दो अलग-अलग स्थानों पर जाकर निरीक्षण किया। उनके साथ खंड एवं पंचायत विकास अधिकारी सोमबीर, नायब तहसीलदार अरविंद यादव माैजूद रहे।
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रूपेंद्र राणा ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि खनन विभाग से विधिवत अनुमति ली गई थी और उसी के अनुसार कार्य किया गया है। मौके पर जुटाए गए साक्ष्यों और वीडियोग्राफी के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी।