{"_id":"68647e413e0e162dbb0fa676","slug":"in-the-investigation-1441-percent-pregnant-women-were-found-to-be-at-high-risk-karnal-news-c-18-knl1008-682014-2025-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: जांच में 14.41 प्रतिशत गर्भवती हाई रिस्क पर मिलीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: जांच में 14.41 प्रतिशत गर्भवती हाई रिस्क पर मिलीं
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले की 680 गर्भवतियों की जांच की गई जिनमें से 98 यानी करीब 14.41 प्रतिशत हाई रिस्क पर पाई गईं और 11 महिलाओं को रेफर किया गया। इस दौरान गर्भवतियों को जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी विभिन्न लाभकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 31 जुलाई तक सुरक्षित जननी माह का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, विशेषकर ज्यादा जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, जांच, परामर्श एवं उचित उपचार सुनिश्चित करना है। डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि सुरक्षित जननी माह रोस्टर अनुसार सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपमंडल नागरिक अस्पतालों सहित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में मनाया जा रहा है। इस दौरान सभी गर्भवती महिलाओं की एंटीनेटल केयर जांच, रक्त जांच, अल्ट्रासाउंड, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन स्तर, वजन व शुगर की जांच की जा रही है।
साथ ही जिन गर्भवती महिलाओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता है, उन्हें उच्च केंद्रों पर रेफर कर उपचार दिया जाएगा। इस माह में सभी आशा कार्यकर्ता द्वारा गांव स्तर पर गर्भवती महिला को चिह्नित कर स्वास्थ्य संस्थाओं में लाने का कार्य करेंगीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। जिले की 680 गर्भवतियों की जांच की गई जिनमें से 98 यानी करीब 14.41 प्रतिशत हाई रिस्क पर पाई गईं और 11 महिलाओं को रेफर किया गया। इस दौरान गर्भवतियों को जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी विभिन्न लाभकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 31 जुलाई तक सुरक्षित जननी माह का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, विशेषकर ज्यादा जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, जांच, परामर्श एवं उचित उपचार सुनिश्चित करना है। डॉ. पूनम चौधरी ने बताया कि सुरक्षित जननी माह रोस्टर अनुसार सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपमंडल नागरिक अस्पतालों सहित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में मनाया जा रहा है। इस दौरान सभी गर्भवती महिलाओं की एंटीनेटल केयर जांच, रक्त जांच, अल्ट्रासाउंड, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन स्तर, वजन व शुगर की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
साथ ही जिन गर्भवती महिलाओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता है, उन्हें उच्च केंद्रों पर रेफर कर उपचार दिया जाएगा। इस माह में सभी आशा कार्यकर्ता द्वारा गांव स्तर पर गर्भवती महिला को चिह्नित कर स्वास्थ्य संस्थाओं में लाने का कार्य करेंगीं।
विज्ञापन