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कैसे पढ़ें सरकार, 600 विद्यार्थियों पर केवल दो शिक्षक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2022 02:36 AM IST
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How to study, only two teachers per 600 students
सरकारी स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभाग भले ही बड़े-बड़े दावा करता हो, लेकिन सच्चाई यह है कि अनदेखी के चलते स्कूली शिक्षा का ढांचा चरमरा रहा है। कुछ ऐसा ही हाल तरावड़ी के राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का है। जहां से कई शिक्षकों का तबादला होने के बाद स्थिति बिगड़ गई है।
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शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों में काफी रोष है। स्कूल में लगभग 1800 विद्यार्थी पढ़ते हैं। जिनमें कक्षा पहली से पांचवीं तक लगभग 700 बच्चे हैं। जिनको पढ़ाने के लिए 22 अध्यापकों की पोस्ट है। लेकिन इस समय इन बच्चों को पढ़ाने के लिए कार्यरत अध्यापक केवल आठ हैं। कक्षा छठी से आठवीं तक के बच्चों की संख्या लगभग 400 है। इनको पढ़ाने के लिए कार्यरत अध्यापक केवल दो हैं। जिनमें से एक शिक्षक की आगामी 31 मार्च को रिटायरमेंट है। इसके अलावा कक्षा 9वीं से 12वीं तक 600 विद्यार्थी हैं, इनके लिए भी आठ शिक्षकों की कमी है। इसके अलावा इस स्कूल में पीटीआई और डीपीई भी नहीं हैं।
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अभिभावकों का कहना है कि वैसे तो स्कूल को सरकार ने सीबीएसई से मान्यता दिलवा दी है। लेकिन शिक्षकों की कमी से बोर्ड का पाठ्यक्रम कैसे पूरा हो पाएगा। जो शिक्षक ड्यूटी कर रहे हैं उनमें कुछ अध्यापकों की ड्यूटी बीएलओ, मिड डे मील, परिवार पहचानपत्र के सत्यापन और आय सत्यापन में लगी है।
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तबादलों के बाद कई पद हो गए खाली
स्कूल प्रिंसिपल पवन कुमार का कहना है कि स्कूल में स्टाफ की कमी तो है, लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए सीनियर कक्षाओं के शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जाती है। ट्रांसफर ड्राइव के बाद से शिक्षकों के कई पद खाली हैं।
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