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Karnal News: हड़ताल से एचआईवी, एड्स की जांच ठप
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एनएचएम के बाद अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसाइटी के प्रदेशभर के 492 कर्मचारी भी हड़ताल पर बैठ गए हैं। शुक्रवार को हड़ताल का दूसरा दिन रहा। जिले में 13 कर्मचारी हड़ताल पर है। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिला करनाल में एचआईवी एड्स की जांच पूरी तरह ठप पड़ी है।
एआरटी के माध्यम से एचआईवी से ग्रस्त मरीजों को दवाएं भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में जांच व दवाओं की सेवा ठप होने से जिलेभर में एचआईवी के केसों को बढ़ा सकता है। आईसीटीसी काउंसलर ममता ने बताया कि मांगों को लेकर प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में सभी एड्स कर्मी हड़ताल पर है। जब नहीं मानी जाएगी तब तक हमारी हड़ताल जारी रहेगी।
कर्मचारियों को आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। सोसाइटी की मुख्य मांगों में हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के सभी कर्मचारियों को एनएचएम की तर्ज पर सर्विस बायलाज मिले। कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर स्टेट शेयर दिए जाए। कर्मचारियों की लंबित पड़ी फाइल की शर्तों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए, शामिल है।
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उन्होंने बताया कि अबकी बार मांगे को लिखित रूप से मिलने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी। इस मौके पर आईसीटीसी काउंसलर कांता, रंगी राम, अजय, रचित, पूनम, प्रदीप, एलटी प्रीति, मीत सिंह, विजय, राजेंद्र व रजत मौजूद रहे।
कर्मचारी कटवा रहे चक्कर ः रामचंद्र
सग्गा गांव के रामचंद्र ने बताया कि श्रम विभाग में रोजाना सैकड़ों लोग आकर टोकन लेते हैं, लेकिन नंबर केवल 20 या 25 का ही लग पाता है। टोकन व्यवस्था ऐसी बना दी कि बिना इसके किसी अधिकारी से मिल भी नहीं सकते। अब कर्मचारी हमें जानबूझ कर चक्कर कटवा रहे हैं।
चुनाव आते ही फिर योजना शुरू ः राममेहर
करनाल के कलंदरी गेट की महिला रीता ने कहा कि साइट तीन घंटे बंद रहती है। लोग सारा दिन यहां बैठकर चले जाते हैं। बांसा गांव से आए राममेहर ने कहा कि वह राजमिस्त्री हैं। वह मजदूरी कॉपी की दिहाड़ी सत्यापित करवाने व नई कॉपी बनवाने आए है। पहले यह लाभ बंद था, अब चुनाव का समय है तो योजना फिर शुरू हो गई है।
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करनाल। एनएचएम के बाद अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसाइटी के प्रदेशभर के 492 कर्मचारी भी हड़ताल पर बैठ गए हैं। शुक्रवार को हड़ताल का दूसरा दिन रहा। जिले में 13 कर्मचारी हड़ताल पर है। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिला करनाल में एचआईवी एड्स की जांच पूरी तरह ठप पड़ी है।
एआरटी के माध्यम से एचआईवी से ग्रस्त मरीजों को दवाएं भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में जांच व दवाओं की सेवा ठप होने से जिलेभर में एचआईवी के केसों को बढ़ा सकता है। आईसीटीसी काउंसलर ममता ने बताया कि मांगों को लेकर प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में सभी एड्स कर्मी हड़ताल पर है। जब नहीं मानी जाएगी तब तक हमारी हड़ताल जारी रहेगी।
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कर्मचारियों को आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है। सोसाइटी की मुख्य मांगों में हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के सभी कर्मचारियों को एनएचएम की तर्ज पर सर्विस बायलाज मिले। कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर स्टेट शेयर दिए जाए। कर्मचारियों की लंबित पड़ी फाइल की शर्तों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए, शामिल है।
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उन्होंने बताया कि अबकी बार मांगे को लिखित रूप से मिलने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी। इस मौके पर आईसीटीसी काउंसलर कांता, रंगी राम, अजय, रचित, पूनम, प्रदीप, एलटी प्रीति, मीत सिंह, विजय, राजेंद्र व रजत मौजूद रहे।
कर्मचारी कटवा रहे चक्कर ः रामचंद्र
सग्गा गांव के रामचंद्र ने बताया कि श्रम विभाग में रोजाना सैकड़ों लोग आकर टोकन लेते हैं, लेकिन नंबर केवल 20 या 25 का ही लग पाता है। टोकन व्यवस्था ऐसी बना दी कि बिना इसके किसी अधिकारी से मिल भी नहीं सकते। अब कर्मचारी हमें जानबूझ कर चक्कर कटवा रहे हैं।
चुनाव आते ही फिर योजना शुरू ः राममेहर
करनाल के कलंदरी गेट की महिला रीता ने कहा कि साइट तीन घंटे बंद रहती है। लोग सारा दिन यहां बैठकर चले जाते हैं। बांसा गांव से आए राममेहर ने कहा कि वह राजमिस्त्री हैं। वह मजदूरी कॉपी की दिहाड़ी सत्यापित करवाने व नई कॉपी बनवाने आए है। पहले यह लाभ बंद था, अब चुनाव का समय है तो योजना फिर शुरू हो गई है।