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Haryana: पश्चिमी यमुना नहर के तट में हुआ कटाव, मची खलबली, करनी पड़ी कड़ी मशक्कत
Tue, 27 Aug 2024 10:52 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 27 Aug 2024 10:52 PM IST
सार
पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तट को पाट दिया गया। तट टूट जाता तो आस पास के इलाकों में भारी नुकसान होता।
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.पश्चिमी यमुना नहर में आई दरार को पाटती जेसीबी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा में करनाल में पश्चिमी यमुना नहर बाईपास रेलवे अंडरपास के समीप पश्चिमी यमुना नहर के तट में कटाव हो गया। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों व ग्रामीणों में खलबली मच गई। नहर में पानी का तेज बहाव होने के कारण देखते ही देखते यह कटाव करीब 100 फीट लंबा हो गया। नहर के किनारे की मिट्टी लगातार कटने लगी थी।
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अधिकारियों ने तुरंत जेसीबी मशीन व मजदूरों को बुलाया और मिट्टी से भरे कट्टों को लगाकर तट को बनाने का काम शुरू कर दिया। करीब चार से पांच घंटे की मेहनत के बाद तट को दोबारा पाट दिया गया। गनीमत रही कि समय रहते इस कटाव को देख लिया गया। यदि तट टूट जाता तो पश्चिमी यमुना नहर के समीप रेलवे अंडरपास में पानी भर जाता। जिससे वाहनों का आना-जाना बंद हो जाता और साथ लगते खेतों की फसल नष्ट हो जाती।
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नहर में बह रहा था 12 हजार क्यूसेक पानी
कई दिनों से नहर में पानी काफी तेज बहाव से बह रहा है। मंगलवार सुबह भी करीब 12 हजार क्यूसेक पानी नहर में बह रहा था। कटाव की जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने नहर के पानी को कम कराया था। बताया जा रहा है कि नहर में पानी की क्षमता भी 13 हजार क्यूसेक के करीब है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे पुल पुराना है। इस कारण वहां से नहर की चौड़ाई कम है। जिस कारण उस क्षेत्र में पानी का बहाव तेज है। इसी कारण से नहर के किनारे कटाव हुआ है।
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आवर्धन नहर में भी हो चुका कटाव
इससे पहले 382 करोड़ रुपये से बन रही आवर्धन नहर की भी कलवेहड़ी गांव के समीप स्लैब टूट गई थी। वहां भी इसी तरह तट का कटाव हो गया था। इस नहर में तो अधिकारियों ने ट्रायल के लिए करीब 500 क्यूसेक पानी ही छोड़ा था पर ग्रामीणों ने घटिया सामग्री का प्रयोग करने के आरोप भी लगाए थे। जिसकी जांच कराने की मांग की गई थी।
रेलवे पुल के कारण नहर में पानी का बहाव तेज है। इस कारण नहर के किनारे कटाव हुआ है। उसे ठीक करा दिया है। विभाग का कर्मचारी निरंतर नहर के किनारों की जांच करता रहता है। -रणबीर सिंह, एक्सईन, सिंचाई विभाग करनाल