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Karnal News: ग्रैप लागू, धूल और धुआं उड़ा तो लगेगा जुर्माना
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- निर्माण कार्य के दौरान करना होगा पानी का छिड़काव, पराली में आग लगाने पर 33 किसानों पर केस
- 200 एक्यूआई से अधिक होने पर 15 साल पुराने पेट्रोल व 10 साल पुराने डीजल के वाहनों पर होगी कार्रवाई
राकेश चौहान
करनाल। प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू हो चुका है। शहर में वायु प्रदूषण न बढ़े इसके लिए क्षेत्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से सभी विभागों के अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है। जिसमें निर्देश दिए गए हैं कि निर्माणाधीन कार्य के स्थल पर पानी का छिड़काव किया जाए, वहां पर धूल न उड़ने दें। सूखे कचरे व अन्य वस्तु में आग न लगाएं, यदि कोई आग लगाता है या फिर पानी का छिड़काव नहीं करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाए।
इतना ही नहीं यदि दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से पार गया तो 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों व 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर सख्ती बरती जाएगी। यदि फिर भी प्रदूषण कम नहीं हुआ और 300 एक्यूआई से पार पहुंच गया तो सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। फिलहाल जिले का एक्यूआई 68 है जो कि अच्छा है। संवाद
टीम बनाकर करेंगे जांच
ग्रैप लागू होते ही सभी विभाग अपनी-अपनी टीम बनाएंगे और अपने क्षेत्र में कूड़ा-कर्कट, पराली आदि में आग लगाने वाले पर कार्रवाई करेंगे। साथ ही जिन-जिन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क बनाई जा रही है या फिर कोई भवन बनाया जा रहा है। उसमें पानी का छिड़काव हुआ है या नहीं, इसकी भी जांच करेगी और उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक
तिथि वायु गुणवत्ता सूचकांक
25 सितंबर 122
26 सितंबर 53
27 सितंबर 46
28 सितंबर 69
29 सितंबर 39
31 सितम्बर 54
एक अक्टूबर 60
दो अक्टूबर 68
ग्रैप लागू हो चुका है। सभी विभागों को पत्र भेज दिया है। जहां धूल उड़ती है, निर्माण कार्य हो रहा है, सड़क बन रही है वहां पर पानी का छिड़काव निरंतर होना चाहिए। धूल नहीं उड़नी चाहिए और कूड़ा, पराली आदि में आग नहीं लगनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी टीम बनाकर जांच कराएंगे और जुर्माना भी लगाए। हमारे विभाग की टीमें निरंतर जांच कर रही हैं।
- शैलेंद्र अरोड़ा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, करनाल
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- 200 एक्यूआई से अधिक होने पर 15 साल पुराने पेट्रोल व 10 साल पुराने डीजल के वाहनों पर होगी कार्रवाई
राकेश चौहान
करनाल। प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू हो चुका है। शहर में वायु प्रदूषण न बढ़े इसके लिए क्षेत्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से सभी विभागों के अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है। जिसमें निर्देश दिए गए हैं कि निर्माणाधीन कार्य के स्थल पर पानी का छिड़काव किया जाए, वहां पर धूल न उड़ने दें। सूखे कचरे व अन्य वस्तु में आग न लगाएं, यदि कोई आग लगाता है या फिर पानी का छिड़काव नहीं करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाए।
इतना ही नहीं यदि दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से पार गया तो 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों व 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर सख्ती बरती जाएगी। यदि फिर भी प्रदूषण कम नहीं हुआ और 300 एक्यूआई से पार पहुंच गया तो सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। फिलहाल जिले का एक्यूआई 68 है जो कि अच्छा है। संवाद
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टीम बनाकर करेंगे जांच
ग्रैप लागू होते ही सभी विभाग अपनी-अपनी टीम बनाएंगे और अपने क्षेत्र में कूड़ा-कर्कट, पराली आदि में आग लगाने वाले पर कार्रवाई करेंगे। साथ ही जिन-जिन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क बनाई जा रही है या फिर कोई भवन बनाया जा रहा है। उसमें पानी का छिड़काव हुआ है या नहीं, इसकी भी जांच करेगी और उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक
तिथि वायु गुणवत्ता सूचकांक
25 सितंबर 122
26 सितंबर 53
27 सितंबर 46
28 सितंबर 69
29 सितंबर 39
31 सितम्बर 54
एक अक्टूबर 60
दो अक्टूबर 68
ग्रैप लागू हो चुका है। सभी विभागों को पत्र भेज दिया है। जहां धूल उड़ती है, निर्माण कार्य हो रहा है, सड़क बन रही है वहां पर पानी का छिड़काव निरंतर होना चाहिए। धूल नहीं उड़नी चाहिए और कूड़ा, पराली आदि में आग नहीं लगनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी टीम बनाकर जांच कराएंगे और जुर्माना भी लगाए। हमारे विभाग की टीमें निरंतर जांच कर रही हैं।
- शैलेंद्र अरोड़ा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, करनाल