{"_id":"67c6187ab41dc4113e0df887","slug":"germs-found-in-drinking-water-high-amount-of-chlorine-karnal-news-c-18-knl1008-594229-2025-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: पेयजल में मिले कीटाणु क्लोरीन की मात्रा अधिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: पेयजल में मिले कीटाणु क्लोरीन की मात्रा अधिक
विज्ञापन
राकेश चौहान
करनाल। सावधान! आपके क्षेत्र में सप्लाई हो रहा पानी दूषित है और इसमें कीटाणु व क्लोरीन की मात्रा भी अधिक है। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट में हुआ है।
विभाग की ओर से जिले में अलग-अलग जगहों से पानी के 178 नमूने लिए गए थे, इनमें से 17 फेल हो गए हैं। फेल आए नमूनों में सात ऐसे हैं, जिनमें कीटाणु मिले हैं और बाकी 10 नमूनों में क्लोरीन की मात्रा अधिक पाई गई है। मौसम में बदलाव हो रहा है, ऐसे में इस दूषित पानी से डायरिया हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रामनगर क्षेत्र में लिए गए पानी के चार नमूनों में क्लोरीन की मात्रा अधिक मिली है। वहीं तरावड़ी शहर क्षेत्र से लिए गए पानी के पांच नमूनों में भी क्लोरीन की मात्रा अधिक है। इससे अलग कुंजपुरा क्षेत्र में लिए गए पानी के नौ नमूनों में एक में क्लोरीन की मात्रा अधिक मिली है। मधुबन क्षेत्र में पानी के पांच नमूनों में से दो में कीटाणु मिले हैं।
विज्ञापन
पोपड़ा क्षेत्र में भी चार नमूनों में से एक में कीटाणु पाए गए हैं। निसिंग में एक व गुल्लपुर क्षेत्र के तीन नमूनों में कीटाणु पाए गए हैं।
टाइफाइड का खतरा
नागरिक अस्पताल के डॉ. कुलबीर ने बताया कि गंदा पानी पीने से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। जिनमें बुखार, उल्टी, दस्त, हैजा, टाइफाइड, पीलिया शामिल हैं।
यदि पानी में क्लोरीन की मात्रा ज्यादा है तो दंत रोग हो सकता है, उल्टी आ सकती है। ऐसे में साफ और स्वच्छ पानी पीना चाहिए। यदि पानी साफ नहीं है तो उबालकर पी सकते हैं।
विज्ञापन
करनाल। सावधान! आपके क्षेत्र में सप्लाई हो रहा पानी दूषित है और इसमें कीटाणु व क्लोरीन की मात्रा भी अधिक है। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट में हुआ है।
विभाग की ओर से जिले में अलग-अलग जगहों से पानी के 178 नमूने लिए गए थे, इनमें से 17 फेल हो गए हैं। फेल आए नमूनों में सात ऐसे हैं, जिनमें कीटाणु मिले हैं और बाकी 10 नमूनों में क्लोरीन की मात्रा अधिक पाई गई है। मौसम में बदलाव हो रहा है, ऐसे में इस दूषित पानी से डायरिया हो सकता है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रामनगर क्षेत्र में लिए गए पानी के चार नमूनों में क्लोरीन की मात्रा अधिक मिली है। वहीं तरावड़ी शहर क्षेत्र से लिए गए पानी के पांच नमूनों में भी क्लोरीन की मात्रा अधिक है। इससे अलग कुंजपुरा क्षेत्र में लिए गए पानी के नौ नमूनों में एक में क्लोरीन की मात्रा अधिक मिली है। मधुबन क्षेत्र में पानी के पांच नमूनों में से दो में कीटाणु मिले हैं।
विज्ञापन
पोपड़ा क्षेत्र में भी चार नमूनों में से एक में कीटाणु पाए गए हैं। निसिंग में एक व गुल्लपुर क्षेत्र के तीन नमूनों में कीटाणु पाए गए हैं।
टाइफाइड का खतरा
नागरिक अस्पताल के डॉ. कुलबीर ने बताया कि गंदा पानी पीने से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। जिनमें बुखार, उल्टी, दस्त, हैजा, टाइफाइड, पीलिया शामिल हैं।
यदि पानी में क्लोरीन की मात्रा ज्यादा है तो दंत रोग हो सकता है, उल्टी आ सकती है। ऐसे में साफ और स्वच्छ पानी पीना चाहिए। यदि पानी साफ नहीं है तो उबालकर पी सकते हैं।