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मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है गीता : डॉ. रेखा
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- राजकीय महाविद्यालय में गीता जयंती के उपलक्ष्य में हुई विशेषज्ञ वार्ता
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में गीता जयंती के उपलक्ष्य में विशेषज्ञ वार्ता का आयोजन किया गया। महत्वपूर्ण दिवस समिति के संयोजक डॉ. राजेश रांझा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यातिथि के रूप में प्रिंसिपल डॉ. रेखा त्यागी ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि गीता का महत्व समाज में सबसे अधिक दिखाई देता है। क्योंकि यह हिंदू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथ में से एक है। श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से समाज को एक संदेश दिया है। यह आत्म साक्षात्कार और मोक्ष की प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन करता है। भारतीय संस्कृति व सभ्यता के मूल्यों व सिद्धांतों का प्रसार करता है।
डॉ. सरिता आर्य ने गीता के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता महोत्सव भागवत गीता की शिक्षाओं और महत्व को जानने के लिए आयोजित किया जाता है। इस विभिन्न सांस्कृतिक धार्मिक और शैक्षणिक कार्यक्रम के माध्यम से गीता की शिक्षाओं को शैक्षणिक कार्यक्रम के माध्यम से गीता की शिक्षाओं का प्रसार करना अति आवश्यक रहा है। डॉ. मोना बत्रा ने बताया कि वर्तमान समाज में गीता का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है गीता की शिक्षाएं और सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। वर्तमान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद कर रही है। इस अवसर पर डॉ. संजीव कुमार, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. नवीन, डॉ. नीलम शर्मा और डॉ. रेखा तंवर मौजूद रहे। ब्यूरो
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय में गीता जयंती के उपलक्ष्य में विशेषज्ञ वार्ता का आयोजन किया गया। महत्वपूर्ण दिवस समिति के संयोजक डॉ. राजेश रांझा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यातिथि के रूप में प्रिंसिपल डॉ. रेखा त्यागी ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि गीता का महत्व समाज में सबसे अधिक दिखाई देता है। क्योंकि यह हिंदू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथ में से एक है। श्रीकृष्ण ने अर्जुन के माध्यम से समाज को एक संदेश दिया है। यह आत्म साक्षात्कार और मोक्ष की प्राप्ति के लिए मार्गदर्शन करता है। भारतीय संस्कृति व सभ्यता के मूल्यों व सिद्धांतों का प्रसार करता है।
डॉ. सरिता आर्य ने गीता के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता महोत्सव भागवत गीता की शिक्षाओं और महत्व को जानने के लिए आयोजित किया जाता है। इस विभिन्न सांस्कृतिक धार्मिक और शैक्षणिक कार्यक्रम के माध्यम से गीता की शिक्षाओं को शैक्षणिक कार्यक्रम के माध्यम से गीता की शिक्षाओं का प्रसार करना अति आवश्यक रहा है। डॉ. मोना बत्रा ने बताया कि वर्तमान समाज में गीता का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है गीता की शिक्षाएं और सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। वर्तमान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद कर रही है। इस अवसर पर डॉ. संजीव कुमार, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. नवीन, डॉ. नीलम शर्मा और डॉ. रेखा तंवर मौजूद रहे। ब्यूरो
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