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महामारी में लोन का झांसा देकर लाखों की ठगी
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असंध-सफीदों मार्ग स्थित एक कंपनी कार्यालय के कर्मचारी महिलाओं के समूह को सस्ता लोन देने का वायदा कर लाखों रुपये लेकर फरार हो गए। कंपनी के फरार होने की सूचना पर दर्जनों महिलाओं ने कार्यालय के बाहर हंगामा किया। वहीं एक कर्मचारी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। महिला सविता, शबनम, सलमा, मीना, माफी, बलजिंद्र कौर, कश्मीर कौर व कुलविंदर आदि ने बताया कि मोनी फाइनेंस कंसल्टेंट नाम की कंपनी के कुछ कर्मचारी पोपड़ा, बंदराला, मर्दानहेड़ी व बाहरी सहित अन्य गांवों में आए और बैठक कर कहा कि कोरोना काल में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनकी कंपनी बिना गारंटी के 45 हजार का ऋण देती है। उन्होंने महिलाओं से इसके एवज में 1650 रुपये की पहली एडवांस किस्त सहित 2330 रुपये जमा करवाने की शर्त रखी। महिलाओं ने बताया कि मंदी के दौर में उन्होंने इस आस में कि वो लोन लेकर कोई काम शुरू कर लेंगी हर गांव में ग्रुप बनाए और 2330 रुपये के हिसाब से पैसे इकट्ठा कर कंपनी के असंध स्थित दफ्तर में जमा करवा दिए। उन्होंने बताया कि किसी गांव में 50 तो किसी गांव से 21 व 11 महिलाओं के ग्रुप बने और सभी ने 2330 के हिसाब से लाखों रुपये कंपनी के कर्मचारियों को दे दिए।
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि शनिवार 12 जून को उनके खातों में 45 हजार रुपये आने का वायदा किया गया था परंतु राशि उनके खातों में नहीं आई। सुबह जब महिलाओं ने सफीदों मार्ग स्थित कंपनी के दफ्तर में जाकर देखा तो वहां ताला लटका था और कर्मचारी अपना सामान समेटकर फरार हो चुके थे। कंपनी के भागने की सूचना जैसे ही अन्य महिलाओं को लगी वे मौके पर पहुंच गई। इसी दौरान पीड़ितों को सूचना मिली कि एक कर्मचारी सफीदों में महिलाओं से इसी तरह से अभी पैसे ऐंठ रहा है। महिलाएं इकट्ठा होकर वहां गईं और कर्मचारी को पकड़कर असंध लाकर पुलिस को सौंप दिया।
पकड़ा गया कर्मी बोला-मुझे नहीं मालूम कि कंपनी फर्जी है, मैने स्वयं लोन के लिए एडवांस किश्त जमा कराई थी
पकड़े गए कंपनी के कर्मचारी रणजीत सिंह ने बताया कि वह भी क्षेत्र का ही एक बेरोजगार युवक है और पंजाब से आए कुछ युवकों ने उसे कंपनी में नौकरी की पेशकश की थी। वह एक कर्मचारी के नाते कार्य कर रहा था। उसने बताया कि उसे नहीं मालूम था कि कंपनी फर्जी है। उसने बताया कि उसने स्वयं अपनी बहन के नाम से लोन के लिए एडवांस किश्त जमा करवाई थी। फिलहाल पुलिस कंपनी कर्मचारी को पकड़कर पुलिस थाने ले गई और मामले की जांच कर रही है।
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पीड़ित महिलाओं ने बताया कि शनिवार 12 जून को उनके खातों में 45 हजार रुपये आने का वायदा किया गया था परंतु राशि उनके खातों में नहीं आई। सुबह जब महिलाओं ने सफीदों मार्ग स्थित कंपनी के दफ्तर में जाकर देखा तो वहां ताला लटका था और कर्मचारी अपना सामान समेटकर फरार हो चुके थे। कंपनी के भागने की सूचना जैसे ही अन्य महिलाओं को लगी वे मौके पर पहुंच गई। इसी दौरान पीड़ितों को सूचना मिली कि एक कर्मचारी सफीदों में महिलाओं से इसी तरह से अभी पैसे ऐंठ रहा है। महिलाएं इकट्ठा होकर वहां गईं और कर्मचारी को पकड़कर असंध लाकर पुलिस को सौंप दिया।
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पकड़ा गया कर्मी बोला-मुझे नहीं मालूम कि कंपनी फर्जी है, मैने स्वयं लोन के लिए एडवांस किश्त जमा कराई थी
पकड़े गए कंपनी के कर्मचारी रणजीत सिंह ने बताया कि वह भी क्षेत्र का ही एक बेरोजगार युवक है और पंजाब से आए कुछ युवकों ने उसे कंपनी में नौकरी की पेशकश की थी। वह एक कर्मचारी के नाते कार्य कर रहा था। उसने बताया कि उसे नहीं मालूम था कि कंपनी फर्जी है। उसने बताया कि उसने स्वयं अपनी बहन के नाम से लोन के लिए एडवांस किश्त जमा करवाई थी। फिलहाल पुलिस कंपनी कर्मचारी को पकड़कर पुलिस थाने ले गई और मामले की जांच कर रही है।
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