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Karnal News: चार राइस मिलरों ने 17.80 करोड़ का चावल हड़पा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2024 03:13 AM IST
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Four rice millers grabbed rice worth Rs 17.80 crore
- हैफेड के तीन तो डीएफएससी का एक राइस मिलर शामिल, 18 लोगों के खिलाफ केस
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संवाद न्यूज एजंसी
करनाल। सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) का कार्य करने वाले चार राइस मिलरों ने सरकार के करीब 17.80 करोड़ रुपये के चावल की हेराफेरी कर ली है। इनमें तीन राइस मिलर हैफेड के शामिल हैं तो वहीं एक राइस मिलर डीएफएससी विभाग का है। सबसे अधिक राशी डकारने वाला राइस मिलर डीएफएसी विभाग का है। जिसने अकेले ही 10.34 करोड़ रुपये का सरकार का चावल हड़प लिया है।
हैफेड और डीएफएससी खरीद एजेंसी द्वारा इन राइस मिलरों को खरीफ 2023-24 के तहत धान अलॉट की थी। जिनका 67 प्रतिशत चावल उन्होंने इन एजेंसी को देना था लेकिन इन्होंने 17.80 करोड़ रुपये के चावल का गबन कर लिया है। यह चावल मिल से कहां गया। यह जांच का विषय है।
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इन राइस मिलरों में जुंडला का सरस्वती एग्रो फूड शामिल है। जिसके खिलाफ सदर थाना में मामला दर्ज किया गया है। वहीं हैफेड द्वारा घरौंडा के बजाज राइस मिल पर घरौंडा थाना में सूर्या राइस जनरल मिल जुंडला पर सदर थाना में और राम इंडस्ट्रीज सोहाना रोड फूसगढ़ पर सेक्टर-32 थाना में मामला दर्ज कराया गया है। इन सभी मामलों में पुलिस ने 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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केस-1
मिलर पर 27995.9285 क्विंटल चावल बकाया
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निरीक्षक संदीप के अनुसार खरीफ 2023-24 के दौरान सरस्वती एग्रो फूड, पिंगली रोड करनाल के साथ सरकारी धान की मिलिंग को लेकर समझौता हुआ था। राइस मिल को 49983.750 क्विंटल धान अलॉट की गई थी। जिसका 67 प्रतिशत के हिसाब से 33489.1125 क्विंटल चावल भारतीय खाद्य निगम को प्रेषित किया जाना था। जिसके अनुसार अब भी राइस मिलर पर 27995.9285 क्विंटल चावल बकाया है। जिसकी कीमत 10 करोड 34 लाख 98 हजार 988 रुपये है। आरोपी विपिन गुप्ता ओल्ड हाउसिंग कॉलोनी, रुचि गुप्ता, अनिल कुमार रमेश नगर, सुशील कुमार फफडाना ने मिलकर चावल का गबन किया है।

केस-2
2 करोड 66 लाख 53 हजार 704 रुपये के चावल का गबन

हैफेड प्रबंधक ने बताया कि हैफेड के साथ खरीफ-2023-24 की सीएमआर नीति के अनुसार चावल की कस्टम मिलिंग के लिए धान लेने और एफसीआई को इसकी डिलीवरी के लिए बजाज राइस मिल घरौंडा के साथ समझौता हुआ था। इसके तहत इस राइस मिल को विभाग की ओर से 49444.13 क्विंटल धान आवंटित की गई थी। आरोपी घरौंडा बजाज कॉलोनी निवासी मिल मालिक मोहित, वेद प्रकाश व महिंद्र ने विभाग के 5025.425 क्विंटल स्टॉक का गबन कर लिया। जिसकी कीमत 2 करोड़ 66 लाख 53 हजार 704 रुपये है। आरोपी ने विभाग को शर्त अनुसार न चावल लौटाया और न ही उसकी कीमत दी है।

केस-3

1.26 करोड़ का नहीं लौटाया चावल
हैफेड प्रबंधक के अनुसार सूर्या राइस जनरल मिल जुंडला के भागीदार दिनेश लूंबा, हनुमंत इंडेन गैस एजेंसी जुंडला के साथ खरीफ 2023-24 की सीएमआर नीति के अनुसार चावल की कस्टम मिलिंग के लिए धान लेने और एफसीआई को इसकी डिलीवरी के लिए तीन अक्टूबर 2023 को एक समझौता हुआ था। जिसमें इस राइस मिल को 22353.38 क्विंटल धान आवंटित किया गया था। राइस मिल द्वारा 3226.64 क्विंटल चावल का गबन कर लिया। जिसकी कीमत 1 करोड़ 26 लाख 75 हजार 850 रुपये है। आरोपी दिनेश लूंबा, ज्ञान चंद निवासी शिव मंदिर जुंडला और मंजीत सिंह, कर्मबीर ने मिलकर यह गबन किया है।



केस-4
नहीं वापस किया 11278.83 क्विंटल चावल
हैफेड के जिला प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि सीएमआर के तहत राम इंडस्ट्रीज सोहाना रोड फूसगढ़ को 39798.38 क्विंटल धान आवंटित किया था। राइस मिलर ने विभाग का 11278.83 क्विंटल चावल नहीं लौटाया और न ही उस चावल की कीमत 3 करोड 30 लाख 75 हजार 233 रुपये लौटाए हैं। राइस मिल के मालिक, संचालक व गारंटरों ने विभाग के चावल का गबन किया है। इसमें आरोपी दयाल सिंह कॉलोनी करनाल निवासी महिला राज मुंजाल, राजेश मुंजाल, रविंद्र मुंजाल, राजेश मुंजाल, असंध के वार्ड नंबर 7 निवासी देवी परसन गुप्ता, अशोक कुमार, जगतराम शामिल हैं।
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