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साधु-संतों के बताए रास्ते पर चलें : आशीष सागर
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राधे रानी सखी संग कीर्तन मंडल की ओर से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राधे रानी सखी संग कीर्तन मंडल की ओर से सिग्नेचर ग्लोबल सेक्टर-29 में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। प्रवचन करते हुए आशीष सागर महाराज ने काया कुटिया निराली जमाने भर से, काया कुटिया निराली दस दरवाजों वाली जमाने भर से, सबसे सुंदर आंखों की खिड़की जिसमें पुतली काली जमाने भर से... भजन गाकर मनुष्य शरीर की सुंदर काया का वर्णन कर उसका महत्व बताया। उन्होंने कहा कि लाख चौरासी जून भुगत के फिर यह मानुष का चोला मिलता है।
उन्होंने कहा कि साधु संतों की संगत से ही हमारे जीवन में नया संचार होता हैं। हमारा भी कर्तव्य बनता है कि साधु संतों के बताए रास्ते पर चलें। जगत के सारे सहारे झूठे हैं, केवल भगवान का नाम ही सच्चा सहारा है। श्रीमद्भागवत कथा का रस बार-बार पीना चाहिए। वहीं सभी ग्रंथों का सार श्रीमद्भागवत में ही है, जिनके पास भगवान होते हैं उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। जिसके सारथी खुद भगवान हो उनका रथ डगमगा ही नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि हमें सभी ग्रंथ पढ़ने चाहिए। काम, क्रोध, मद और लोभ ये हमारे सबसे बड़े दुश्मन हैं। हमें इनसे बचना चाहिए। हमें बड़े भाग्य से मानव शरीर मिला है, वही सबसे बड़ा सौभाग्य है कि भारत जैसे पवित्र देश में और सनातन धर्म में हमारा जन्म हुआ है और हम श्रीमद्भागवत की कथा सुन रहे हैं। मौके पर किरण गोयल, रूचि सिंगला, मीनाक्षी शर्मा, प्रिंयका श्रीवास्तव, सुनीता जैन, अंजु जैन, ललिता रानी, अनीता रानी, अंजु उप्पल, रंजनी कांबोज, रूबी रानी, तकक्षीला शिखावत, मनीषा अग्रवाल, अन्नु रानी, माया रानी, सीमा, जूली मौजूद रही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राधे रानी सखी संग कीर्तन मंडल की ओर से सिग्नेचर ग्लोबल सेक्टर-29 में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। प्रवचन करते हुए आशीष सागर महाराज ने काया कुटिया निराली जमाने भर से, काया कुटिया निराली दस दरवाजों वाली जमाने भर से, सबसे सुंदर आंखों की खिड़की जिसमें पुतली काली जमाने भर से... भजन गाकर मनुष्य शरीर की सुंदर काया का वर्णन कर उसका महत्व बताया। उन्होंने कहा कि लाख चौरासी जून भुगत के फिर यह मानुष का चोला मिलता है।
उन्होंने कहा कि साधु संतों की संगत से ही हमारे जीवन में नया संचार होता हैं। हमारा भी कर्तव्य बनता है कि साधु संतों के बताए रास्ते पर चलें। जगत के सारे सहारे झूठे हैं, केवल भगवान का नाम ही सच्चा सहारा है। श्रीमद्भागवत कथा का रस बार-बार पीना चाहिए। वहीं सभी ग्रंथों का सार श्रीमद्भागवत में ही है, जिनके पास भगवान होते हैं उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। जिसके सारथी खुद भगवान हो उनका रथ डगमगा ही नहीं सकता।
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उन्होंने कहा कि हमें सभी ग्रंथ पढ़ने चाहिए। काम, क्रोध, मद और लोभ ये हमारे सबसे बड़े दुश्मन हैं। हमें इनसे बचना चाहिए। हमें बड़े भाग्य से मानव शरीर मिला है, वही सबसे बड़ा सौभाग्य है कि भारत जैसे पवित्र देश में और सनातन धर्म में हमारा जन्म हुआ है और हम श्रीमद्भागवत की कथा सुन रहे हैं। मौके पर किरण गोयल, रूचि सिंगला, मीनाक्षी शर्मा, प्रिंयका श्रीवास्तव, सुनीता जैन, अंजु जैन, ललिता रानी, अनीता रानी, अंजु उप्पल, रंजनी कांबोज, रूबी रानी, तकक्षीला शिखावत, मनीषा अग्रवाल, अन्नु रानी, माया रानी, सीमा, जूली मौजूद रही।
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