{"_id":"6928b3a7f0ed8ca44b01b771","slug":"five-raids-in-three-months-to-improve-sex-ratio-two-cases-from-up-karnal-news-c-18-knl1018-789317-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: लिंगानुपात सुधारने के लिए तीन महीने में पांच छापे, दो केस यूपी के शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: लिंगानुपात सुधारने के लिए तीन महीने में पांच छापे, दो केस यूपी के शामिल
Fri, 28 Nov 2025 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 28 Nov 2025 01:55 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में लिंगानुपात सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन महीनों में पांच बड़ी रेड कीं। रिवर्स ट्रैकिंग के दौरान कई नामी अस्पताल भी जांच के दायरे में आए। इन भ्रूण लिंग जांच के केसों में दो केस जिले की सीमा से बाहर से भी सामने आए हैं जहां जीरो एफआईआर दर्ज की गई।
सभी मामलों में रिवर्स ट्रैकिंग, संदिग्ध केंद्रों की निगरानी और सोशल सर्विलांस की वजह से यह सुधार देखने को मिला है। जैसे ही अपराध के मामले सामने आए, कार्रवाई के तहत तीन जगहों पर एफआईआर तो दो पर जीरो एमटीपी एक्ट के तहत एआईआर दर्ज की गई है। इनमें यूपी के सीमावर्ती जिलों में भ्रूण लिंग जांच की जा रही थी जहां सूचना मिलने पर नजर रखी जा रही थी और जैसे ही मामला सामने आया विभाग ने शिकंजा कसा। इन लगातार कार्रवाइयों का असर अब आंकड़ों में दिखने लगा है। क्योंकि एक महीने से जिले का लिंगानुपात पिछड़ रहा था, जो 926 तक पहुंच गया था लेकिन पिछले 13 वर्षों में पहली बार अक्तूबर माह में जिले का लिंगानुपात बढ़कर 939 पर पहुंच गया है, जो विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इन पांच छापे में 4 अगस्त को समौरा गांव से ओरोपी विजय पर एमटीपी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। शहर के नौराखेड़ी से 14 अगस्त को अनिल कुमार शर्मा के खिलाफ एफआईआर, रिवर्स ट्रैकिंग पर 26 सितंबर को यूपी सहारनपुर में शास्त्री नगर स्थित सेहगल अस्पताल जीरो एफआईआर, रिवर्स ट्रैकिंग पर 27 सितंबर को शामली के आस्था अस्पताल पर भी जीरो एफआईआर और रिवर्स ट्रैकिंग पर 27 अक्तूबर को निसिंग में बीएएमएस डॉ. नेहा गर्ग पर एमटीपी एक्ट के तहत निसिंग पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
विज्ञापन
जिले में समय पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापा मारा जाता है। आने वाले महीनों में भी इसी तरह सख्ती जारी रहेगी। अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी केंद्र या डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यूपी में निरीक्षण जारी रहेगा। रोजाना एएनएम और आशा वर्करों के साथ बैठकें ली जा रही हैं ताकि वें अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों का जागरूक करें और निगरानी रखें।
- डॉ. शीनू चौधरी, उप सिविल सर्जन, सिविल सर्जन कार्यालय
विज्ञापन
करनाल। जिले में लिंगानुपात सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन महीनों में पांच बड़ी रेड कीं। रिवर्स ट्रैकिंग के दौरान कई नामी अस्पताल भी जांच के दायरे में आए। इन भ्रूण लिंग जांच के केसों में दो केस जिले की सीमा से बाहर से भी सामने आए हैं जहां जीरो एफआईआर दर्ज की गई।
सभी मामलों में रिवर्स ट्रैकिंग, संदिग्ध केंद्रों की निगरानी और सोशल सर्विलांस की वजह से यह सुधार देखने को मिला है। जैसे ही अपराध के मामले सामने आए, कार्रवाई के तहत तीन जगहों पर एफआईआर तो दो पर जीरो एमटीपी एक्ट के तहत एआईआर दर्ज की गई है। इनमें यूपी के सीमावर्ती जिलों में भ्रूण लिंग जांच की जा रही थी जहां सूचना मिलने पर नजर रखी जा रही थी और जैसे ही मामला सामने आया विभाग ने शिकंजा कसा। इन लगातार कार्रवाइयों का असर अब आंकड़ों में दिखने लगा है। क्योंकि एक महीने से जिले का लिंगानुपात पिछड़ रहा था, जो 926 तक पहुंच गया था लेकिन पिछले 13 वर्षों में पहली बार अक्तूबर माह में जिले का लिंगानुपात बढ़कर 939 पर पहुंच गया है, जो विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
विज्ञापन
इन पांच छापे में 4 अगस्त को समौरा गांव से ओरोपी विजय पर एमटीपी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। शहर के नौराखेड़ी से 14 अगस्त को अनिल कुमार शर्मा के खिलाफ एफआईआर, रिवर्स ट्रैकिंग पर 26 सितंबर को यूपी सहारनपुर में शास्त्री नगर स्थित सेहगल अस्पताल जीरो एफआईआर, रिवर्स ट्रैकिंग पर 27 सितंबर को शामली के आस्था अस्पताल पर भी जीरो एफआईआर और रिवर्स ट्रैकिंग पर 27 अक्तूबर को निसिंग में बीएएमएस डॉ. नेहा गर्ग पर एमटीपी एक्ट के तहत निसिंग पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
विज्ञापन
जिले में समय पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापा मारा जाता है। आने वाले महीनों में भी इसी तरह सख्ती जारी रहेगी। अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी केंद्र या डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यूपी में निरीक्षण जारी रहेगा। रोजाना एएनएम और आशा वर्करों के साथ बैठकें ली जा रही हैं ताकि वें अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों का जागरूक करें और निगरानी रखें।
- डॉ. शीनू चौधरी, उप सिविल सर्जन, सिविल सर्जन कार्यालय