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महामारी के बाद मनोरोगियों की संख्या में पांच गुना इजाफा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 02:12 AM IST
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Five-fold increase in the number of psychopaths after the epidemic
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। कैंसर और दिल के रोगों की तरह मानसिक रोगियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। कोरोना महामारी के बाद मानसिक रोगियों की संख्या में पांच गुना इजाफा हुआ है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी को देखा जाए तो जहां पहले औसतन 20 मरीज रोज आते थे, अब इनकी संख्या बढ़कर 100 के पार हो गई है। ऐसा नहीं है कि लोग इसके प्रति जागरूक नहीं है, इसके बावजूद पारिवारिक कलह, बेरोजगारी, घरेलू विवाद, नौकरी छूटने, प्रेम संबंध आदि कई ऐसे कारण हैं कि व्यक्ति की मनोदशा और व्यवहार को प्रभावित करते हैैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में व्यक्ति को जल्द संबंधित विशेषज्ञ से मिलकर उपचार कराना चाहिए।
जिला नागरिक अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता ने बताया कि इस साल अभी तक 3401 मानसिक रोगी उनके पास उपचार के लिए आए हैं। मरीजों की संख्या में वृद्घि के कई कारण हैं, जिसमें चिंता, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक विवाद आदि प्रमुख हैं।
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ये हो सकते हैं लक्षण
डॉ. मनन गुप्ता ने बताया कि घबराहट, चिंता, सिर दर्द, अनिद्रा, नशा, बेचैनी, कुछ याद न रहना, मिर्गी का दौरा आदि मानसिक बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य ठीक न होने से हार्ट और सांस से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। मनोरोग महिलाओं में अधिक देखा जा रहा है। जिसका कारण ये है कि वह किसी के साथ अपनी परेशानियों को साझा नहीं करती हैं। मानसिक रोगियों का परीक्षण करने के बाद देखा जाता है कि उन्हें किस प्रकार के इलाज की आवश्यकता है। इलाज के दौरान मरीजाें की काउंसलिंग की जाती है। जरूरत पढ़ने पर दवाई भी दी जाती है। कई बार मरीज बहुत गंभीर हालत में होते हैं, वो बार-बार आत्महत्या करने की बात करते हैं। ऐसे में मरीजों को अस्पताल में भर्ती भी कराया जाता है।
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कैसे करें बचाव
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता ने बताया कि मानसिक बीमारी से बचाव के लिए आप जिस पर यकीन करते हों, जैसे आपके दोस्त, पारिवारिक सदस्य, उनसे बात करें। यदि बात नहीं कर सकते तो लिखने का प्रयास करें और अपनी परेशानियों को किसी के साथ भी साझा करें। नींद का ध्यान रखें, कोशिश करें कि आपकी नींद पूरी हो। कम से कम दिन में आधा घंटा योग या कसरत जरूर करें। शुद्घ शाकाहारी भोजन का ही सेवन करें। तले हुए खाने से परहेज करें और मीठा कम खाएं। ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियों का सेवन करें।
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