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लेबर इंचार्ज पर एफआईआर, जांच करने पहुंचे तीन जिलों के अफसर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा/करनाल। बड़ा गांव के जंगल में अवैध रूप से पेड़ काटने के मामले में वीरवार को तीन जिलों के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच की। जिसमें झज्जर से डीएफओ विपिन कुमार सिंह के नेतृत्व में झज्जर के डिप्टी रेंजर श्रीभगवान, करनाल के रेंज अफसर सुभाष चंद, पानीपत के एडीएफओ मोहन वर्मा पहुंचे। जिन्होेंने जंगल में मौके पर कटे पेड़ों के तनों की मोटाई की पैमाइश की ताकि इस आधार पर पेड़ों की कीमत का अंदाजा लगाया जा सके।
वहीं स्थानीय विभागीय अधिकारियों के अनुसार जंगल में काम के लिए लगाई गई लेबर के इंचार्ज श्योकंद के खिलाफ एफआईआर करवा दी गई है, क्योंकि उसकी देखरेख में ही इस कार्य को अंजाम दिया गया है। जांच के बाद कुल कटे हुए पेड़ों की संख्या व वजन के हिसाब से दोषी पर जुर्माना लगाया जाएगा। शिकायतकर्ता बलबीर का कहना है कि स्थानीय अधिकारियों के आदेश पर ही पेड़ काटे गए हैं लेकिन अधिकारी आरोपों को निराधार बता रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
22 नवंबर 2021 में जंगल में तालाब बनाने को लेकर अनुमति मिल चुकी है। तालाब की जगह से पेड़ काटने को लेकर विभाग को लिखा गया है। जिसकी जल्द विभागीय अनुमति मिल जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर आरोपी से हर हाल में जुर्माना वसूल किया जाएगा।
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सुभाष, रेंज ऑफिसर
पेड़ क्यों व किसने काटे व काटे गए पेड़ कहां गायब किए गए, उसकी जांच की जा रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जिसके बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
विपिन कुमार सिंह, डीएफओ झज्जर
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कुंजपुरा/करनाल। बड़ा गांव के जंगल में अवैध रूप से पेड़ काटने के मामले में वीरवार को तीन जिलों के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच की। जिसमें झज्जर से डीएफओ विपिन कुमार सिंह के नेतृत्व में झज्जर के डिप्टी रेंजर श्रीभगवान, करनाल के रेंज अफसर सुभाष चंद, पानीपत के एडीएफओ मोहन वर्मा पहुंचे। जिन्होेंने जंगल में मौके पर कटे पेड़ों के तनों की मोटाई की पैमाइश की ताकि इस आधार पर पेड़ों की कीमत का अंदाजा लगाया जा सके।
वहीं स्थानीय विभागीय अधिकारियों के अनुसार जंगल में काम के लिए लगाई गई लेबर के इंचार्ज श्योकंद के खिलाफ एफआईआर करवा दी गई है, क्योंकि उसकी देखरेख में ही इस कार्य को अंजाम दिया गया है। जांच के बाद कुल कटे हुए पेड़ों की संख्या व वजन के हिसाब से दोषी पर जुर्माना लगाया जाएगा। शिकायतकर्ता बलबीर का कहना है कि स्थानीय अधिकारियों के आदेश पर ही पेड़ काटे गए हैं लेकिन अधिकारी आरोपों को निराधार बता रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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22 नवंबर 2021 में जंगल में तालाब बनाने को लेकर अनुमति मिल चुकी है। तालाब की जगह से पेड़ काटने को लेकर विभाग को लिखा गया है। जिसकी जल्द विभागीय अनुमति मिल जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर आरोपी से हर हाल में जुर्माना वसूल किया जाएगा।
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सुभाष, रेंज ऑफिसर
पेड़ क्यों व किसने काटे व काटे गए पेड़ कहां गायब किए गए, उसकी जांच की जा रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जिसके बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
विपिन कुमार सिंह, डीएफओ झज्जर