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बूंदाबांदी के बीच हुई गेहूं खरीद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 May 2021 02:19 AM IST
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Farmers reached wheat shopping amidst drizzle
अनाज मंडी में वीरवार को गेहूं की खरीद हुई। इससे पहले सुबह के समय ही किसान गेहूं से भरी ट्रालियां लेकर अनाज मंडी में पहुंच गए। बारिश में भी किसानों की अनाज मंडी के गेट पर लंबी लाइन लगी रही। पूरा दिन किसानों की गेहूं से भरी ट्रालियां आती रहीं। अधिकारियों के अनुसार हैफेड और डीएफएसी की ओर से वीरवार को 10500 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई।
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बता दें सरकार ने दो दिन के लिए गेेहूूं की खरीद शुरू की थी, जिसमें 12 मई को वह गेहूं खरीदी गई थी जिनके गेट पास कटे हुए थे और वह गेहूं काफी समय से अनाज मंडी में पड़ा था। वहीं दूसरे दिन खरीद उन किसानों के लिए शुरू की गई, जिन किसानों की गेहूं की फसल नहीं बिकी थी, जिसे पछेती फसल कहा जाता है। यह खरीद सिर्फ हरियाणा के किसानों के लिए शुरू की गई थी।
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सुबह पोर्टल नहीं चलने से लगी कतार
वीरवार सुबह के समय पोर्टल न चलने के कारण किसानों की गेट नंबर एक पर लंबी लाइन लग गई। इसके बाद मार्केट कमेटी सचिव ने अधिकारियों से बात की और पोर्टल शुरू कराया। गेहूं खरीद की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के साथ हुई।
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सरकार के निर्देश पर वीरवार को एक दिन के लिए खरीद शुरू की गई थी। 10500 क्विंटल के करीब गेहूं की खरीद की गई है। दो सरकारी एजेंसियों ने खरीद की है। विभाग की ओर से आगामी आदेश नहीं आए हैं, इसलिए खरीद बंद हो गई है।
-हकीकत राय, सचिव, मार्केट कमेटी, करनाल।
गेट पास काटने को लेकर आढ़ती ओर किसानों ने किया प्रदर्शन
इंद्री। अनाज मंडी में गेहूं के गेटपास न काटे जाने पर किसान व आढ़ती भड़क गए और एंट्री गेट पर एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। इस मौके पर काफी संख्या में भाकियू के सदस्य भी मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि जो गेहूं मंडी के अंदर पहले से मौजूद है, मार्केट कमेटी के अधिकारी उसका गेट पास काटने की जगह अब आ रहे गेहूं के गेट पास काट रहे हैं। वहीं मार्केट कमेटी के सचिव राजकुमार का कहना है कि जिस गेहूं के गेटपास कटे हुए थे उनकी खरीद की जा चुकी है। अब मंडी में कोई भी गेहूं बकाया नहीं है। गौरतलब है कि इंद्री मंडी में करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं ऐसा पड़ा हुआ है जिसके गेट पास नहीं कटे हैं, जिससे नाराज आढ़ती व किसानों ने प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। इस मौके पर आढ़ती एसोसिएशन प्रधान सतपाल बैरागी, किसान नेता रामपाल चहल, मनजीत सिंह, सतीश कलसौरा, सुरेंद्र कुमार, प्रवीन कुमार, राहुल और आढ़ती सतीश सरोहा, धर्मराज गांधी, सुमेर कांबोज और सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
पहले पुरानी गेहूं के गेट पास कटे नई के बाद में।
भाकियू नेता रामपाल चहल ने कहा कि मंडी में काफी गेहूं बिना गेट पास के पड़ा है, जिसके गेट पास काटने को अधिकारी तैयार नहीं है, जबकि मंडी में आज आ रही गेहूं के गेटपास काटे जा रहे है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो वे किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
प्रशासन की कमी से बिना गेटपास मंडी में पहुंचा गेहूं
मामले में आढ़ती एसोसिएशन प्रधान सतपाल बैरागी का कहना है कि मार्केट कमेटी ने सरकार को गेहूं निल की रिपोर्ट भेजी है, जो सरासर गलत है। मंडी में करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं अब भी पड़ा हुआ है। अब अधिकारी बिना गेटपास के गेहूं खरीद नहीं करने की बात कह रहे हैं जबकि यह गेहूं प्रशासन की कमी से ही मंडी के अंदर पहुंचा है।
सरकार को भेजी जा चुकी है रिपोर्ट
मार्केट कमेटी के सचिव राजकुमार का कहना है कि जिस गेहूं के गेटपास कटे हुए थे उसकी खरीद बुधवार को की जा चुकी है। अब गेहूं निल की रिपोर्ट सरकार को भेजी जा चुकी है। इसके अलावा आज पहुंची गेहूं की वीडियोग्राफी करवाने के बाद ही गेटपास काटे गए हैं।

- राजकुमार, सचिव मार्केट कमेटी इंद्री।
हैफेड और डीएफएससी ने खरीदी 5 हजार क्विंटल गेहूं
निसिंग। मार्केट कमेटी सचिव बलवान ने बताया कि अंतिम खरीद में निसिंग की अनाजमंडी में करीब 5 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई, जिसमें 4 हजार हैफेड और 1 हजार क्विंटल डीएफएससी द्वारा खरीदी गई। मौके पर ही बारदाना वितरित कर तुलाई करवा दी गई।
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