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Karnal: बरसात से खराब फसलों का जायजा लेने पहुंचे राकेश टिकैत, कहा-हेलीकॉप्टर से नहीं, धरातल पर हो सर्वे
Tue, 28 Mar 2023 01:26 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 28 Mar 2023 01:26 PM IST
सार
राकेश टिकैत मंगलवार सुबह करीब 11 बजे करनाल में निसिंग खंड के गांव शाहपुर पहुंचे। किसानों के साथ उनके खेतों में गए और तेज हवा और बारिश से बिछ गईं गेहूं की फसल देखी। वे कई किसानों के खेतों में पहुंचे और खराब हुई फसलों का निरीक्षण किया।
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करनाल में खराब फसल का जायजा लेते राकेश टिकैत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
हरियाणा में पिछले सप्ताह बदले मौसम के कारण किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। बारिश से खराब हुई फसलों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत करनाल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हेलीकॉप्टर से सर्वे नहीं होते हैं, इसके लिए धरातल पर उतरना होगा, तभी किसानों के नुकसान का पता चलेगा।
अधिकारियों को दी गांव-गांव जाने की सलाह
राकेश टिकैत मंगलवार सुबह करीब 11 बजे करनाल में निसिंग खंड के गांव शाहपुर पहुंचे। किसानों के साथ उनके खेतों में गए और तेज हवा और बारिश से बिछ गईं गेहूं की फसल देखी। वे कई किसानों के खेतों में पहुंचे और खराब हुई फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मौसम की वजह से 30 प्रतिशत फसल खराब हुई है। खराब हुई फसल का पता करने के लिए हेलीकॉप्टर से सर्वे काम नहीं करेगा। अधिकारियों को गांव-गांव जाना होगा। खेतों में उतरना होगा, तब ही खबर हुई फसल का सही पता चलेगा।
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उन्होंने कहा कि खराब फसलों की भरपाई के लिए सरकार को प्रति किसान 25000 रुपये का मुआवजा देना चाहिए। इसके साथ ही कहा कि सैटेलाइट से खराब फसलों का सर्वे करना चाहिए। जब पराली जलाने का पता करने के लिए सैटेलाइट से सर्वे हो सकता है तो किसानों के नुकसान का भी पता लगाया जा सकता है। जिसके बाद राकेश टिकैत कैथल और हिसार के लिए रवाना हो गए।
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अधिकारियों को दी गांव-गांव जाने की सलाह
राकेश टिकैत मंगलवार सुबह करीब 11 बजे करनाल में निसिंग खंड के गांव शाहपुर पहुंचे। किसानों के साथ उनके खेतों में गए और तेज हवा और बारिश से बिछ गईं गेहूं की फसल देखी। वे कई किसानों के खेतों में पहुंचे और खराब हुई फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मौसम की वजह से 30 प्रतिशत फसल खराब हुई है। खराब हुई फसल का पता करने के लिए हेलीकॉप्टर से सर्वे काम नहीं करेगा। अधिकारियों को गांव-गांव जाना होगा। खेतों में उतरना होगा, तब ही खबर हुई फसल का सही पता चलेगा।
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उन्होंने कहा कि खराब फसलों की भरपाई के लिए सरकार को प्रति किसान 25000 रुपये का मुआवजा देना चाहिए। इसके साथ ही कहा कि सैटेलाइट से खराब फसलों का सर्वे करना चाहिए। जब पराली जलाने का पता करने के लिए सैटेलाइट से सर्वे हो सकता है तो किसानों के नुकसान का भी पता लगाया जा सकता है। जिसके बाद राकेश टिकैत कैथल और हिसार के लिए रवाना हो गए।