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Karnal News: मां शाकुंभरी देवी मंदिर में लगा मेला
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संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक। अलावला गांव की मां शाकुंभरी देवी के मंदिर में चौदस मेले का आयोजन किया गया। यह मेला साल में दो बार लगता है। मंदिर में विश्व शांति व गांव की भलाई के लिए हवन किया गया। उसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। पंडित सत्यनारायण शर्मा ने मंत्रोच्चारण किया।
मेला महंत श्री ब्रह्मचारी आजाद गिरी महाराज की देखरेख में लगा। यह तीर्थ हरियाणा के कुरुक्षेत्र के 40 कोस के तीर्थ में से एक है, जहां पर पांडव रुके थे। बताया जाता है कि युद्ध के दौरान भगवान श्री कृष्ण का भी इसी गांव में पांडवों ने स्वागत किया था। महंत ब्रह्मचारी का कहना है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से माता के दरबार में अपनी मांग रखता है तो उनकी मनोकामना माता पूरी करती हैं। मान्यता है कि इस तालाब में नहाने से अनेक बीमारियां कट जाती हैं। इस दौरान सरपंच अजीत सिंह, कुलदीप नंबरदार, विनोद राणा, राजकुमार राणा, राजेंद्र राणा, केवल, मांगेराम राणा व ग्रामीण मौजूद रहे।
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मूनक। अलावला गांव की मां शाकुंभरी देवी के मंदिर में चौदस मेले का आयोजन किया गया। यह मेला साल में दो बार लगता है। मंदिर में विश्व शांति व गांव की भलाई के लिए हवन किया गया। उसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। पंडित सत्यनारायण शर्मा ने मंत्रोच्चारण किया।
मेला महंत श्री ब्रह्मचारी आजाद गिरी महाराज की देखरेख में लगा। यह तीर्थ हरियाणा के कुरुक्षेत्र के 40 कोस के तीर्थ में से एक है, जहां पर पांडव रुके थे। बताया जाता है कि युद्ध के दौरान भगवान श्री कृष्ण का भी इसी गांव में पांडवों ने स्वागत किया था। महंत ब्रह्मचारी का कहना है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से माता के दरबार में अपनी मांग रखता है तो उनकी मनोकामना माता पूरी करती हैं। मान्यता है कि इस तालाब में नहाने से अनेक बीमारियां कट जाती हैं। इस दौरान सरपंच अजीत सिंह, कुलदीप नंबरदार, विनोद राणा, राजकुमार राणा, राजेंद्र राणा, केवल, मांगेराम राणा व ग्रामीण मौजूद रहे।
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