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Karnal News: हड़ताल के लिए कर्मचारी संगठन लामबंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हड़ताल की तैयारी के लिए सीटू और सर्व कर्मचारी संघ के संयुक्त जत्थों ने करनाल में अलग-अलग गांवों व विभागों में बैठकें कीं।
सीटू राज्य उप प्रधान कामरेड सुरेंद्र मलिक ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार लगातार महंगाई बढ़ाकर गरीब आदमी को भूखा मरने पर मजबूर कर रही है। पूंजीपतियों को टैक्स में भारी छूट दे रही है। उन्होंने कहा कि नौ जुलाई की राष्ट्रीय हड़ताल ऐतिहासिक होगी जिससे मजदूर, किसान आंदोलन को ताकत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों की ओर से संघर्ष के बल पर हासिल किए गए 44 श्रम कानूनों को चार कोड में बदल कर मजदूरों के खिलाफ और कार्पेट के पक्ष में सुधार के नाम पर लागू किए जा रहे हैं।
सुधार के नाम पर श्रम कानून बदलना बंद करो, सभी उद्योगों और सरकारी क्षेत्र में श्रम कानून शक्ति से लागू किए जाए, आऊट सोर्स, ठेका प्रथा एवं कौशल रोजगार बंद करते हुए सभी कच्चे कर्मचारियों, परियोजना वर्करों आशा, मिड डे मील, आंगनवाड़ी एवं क्रैच वर्करों को पक्का किया जाए तब तक न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए लागू किया जाए।
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करनाल। हड़ताल की तैयारी के लिए सीटू और सर्व कर्मचारी संघ के संयुक्त जत्थों ने करनाल में अलग-अलग गांवों व विभागों में बैठकें कीं।
सीटू राज्य उप प्रधान कामरेड सुरेंद्र मलिक ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार लगातार महंगाई बढ़ाकर गरीब आदमी को भूखा मरने पर मजबूर कर रही है। पूंजीपतियों को टैक्स में भारी छूट दे रही है। उन्होंने कहा कि नौ जुलाई की राष्ट्रीय हड़ताल ऐतिहासिक होगी जिससे मजदूर, किसान आंदोलन को ताकत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों की ओर से संघर्ष के बल पर हासिल किए गए 44 श्रम कानूनों को चार कोड में बदल कर मजदूरों के खिलाफ और कार्पेट के पक्ष में सुधार के नाम पर लागू किए जा रहे हैं।
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सुधार के नाम पर श्रम कानून बदलना बंद करो, सभी उद्योगों और सरकारी क्षेत्र में श्रम कानून शक्ति से लागू किए जाए, आऊट सोर्स, ठेका प्रथा एवं कौशल रोजगार बंद करते हुए सभी कच्चे कर्मचारियों, परियोजना वर्करों आशा, मिड डे मील, आंगनवाड़ी एवं क्रैच वर्करों को पक्का किया जाए तब तक न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए लागू किया जाए।
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