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Karnal News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने की नारेबाजी
Sat, 07 Dec 2024 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 07 Dec 2024 02:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। बिजली निगम का निजीकरण करने के विरोध में कर्मचारियों ने शुक्रवार को इंद्री पावर हाउस प्रांगण में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ सरकार से अपना फैसला लेने की मांग उठाते हुए नारेबाजी की।
ऑल हरियाणा पॉवर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के सदस्य मलकीत सिंह ने कहा कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए चंडीगढ़ बिजली निगम का निजीकरण किया जा रहा है। ऐसा कर सरकार धीरे धीरे सभी बिजली दफ्तरों को पूंजीपतियों के हवाले कर देगी।
ऐसा होने से आम व्यक्ति को बिजली काफी महंगे दामों पर मिलेगी। इस कारण से बिजली गरीब परिवारों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों पर मिलने वाली बिजली पर सब्सिडी खत्म हो जाएगी, किसान खेती छोड़ने पर मजबूर होंगें ओर महंगाई बढ़ेगी। उन्होंने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग उठाई।
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साथ ही कहा कि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया गया तो इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉय फेडरेशन ऑफ इंडिया का जो भी आगामी फैसला होगा चाहे वह हड़ताल का हो इंद्री सब डिवीजन का एक-एक कर्मचारी उस पर खरा उतरेगा।
प्रदर्शन की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान मुनीश कांबोज ओर संचालन सब यूनिट सचिऔर अमित कुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
मेरठ रोड सब यूनिट में की गेट मीटिंग
करनाल। ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन की राज्य कमेटी के आह्वान पर मेरठ रोड सब यूनिट में चंडीगढ़ बिजली बोर्ड व यूपी के आगरा और वाराणसी को प्राइवेट करने के विरोध में गेट मीटिंग की गई।
प्रधान सुरेंद्र कंबोज ने कहा कि चंडीगढ़ का बिजली विभाग हर वर्ष 100 करोड़ रुपये से ज्यादा मुनाफा कमाता है और लाइन लॉसेस भी 10 प्रतिशत से कम है।
सचिव प्रदीप कुमार ने विभाग को प्राइवेट करना तर्कसंगत नहीं है। बैठक में राज्य के उपमहासचिव राजेंद्र राणा व यूनिट के उप प्रधान संजीव कुमार, सुमित धनखड़, विशाल संदीप कुमार, विद्या निधि, महिमा सिंह, कैलाश चंद, राजेंद्र, मनोज सैनी, ओमकार मौजूद रहे। संवाद
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इंद्री। बिजली निगम का निजीकरण करने के विरोध में कर्मचारियों ने शुक्रवार को इंद्री पावर हाउस प्रांगण में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ सरकार से अपना फैसला लेने की मांग उठाते हुए नारेबाजी की।
ऑल हरियाणा पॉवर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के सदस्य मलकीत सिंह ने कहा कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए चंडीगढ़ बिजली निगम का निजीकरण किया जा रहा है। ऐसा कर सरकार धीरे धीरे सभी बिजली दफ्तरों को पूंजीपतियों के हवाले कर देगी।
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ऐसा होने से आम व्यक्ति को बिजली काफी महंगे दामों पर मिलेगी। इस कारण से बिजली गरीब परिवारों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों पर मिलने वाली बिजली पर सब्सिडी खत्म हो जाएगी, किसान खेती छोड़ने पर मजबूर होंगें ओर महंगाई बढ़ेगी। उन्होंने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग उठाई।
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साथ ही कहा कि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया गया तो इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉय फेडरेशन ऑफ इंडिया का जो भी आगामी फैसला होगा चाहे वह हड़ताल का हो इंद्री सब डिवीजन का एक-एक कर्मचारी उस पर खरा उतरेगा।
प्रदर्शन की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान मुनीश कांबोज ओर संचालन सब यूनिट सचिऔर अमित कुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
मेरठ रोड सब यूनिट में की गेट मीटिंग
करनाल। ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन की राज्य कमेटी के आह्वान पर मेरठ रोड सब यूनिट में चंडीगढ़ बिजली बोर्ड व यूपी के आगरा और वाराणसी को प्राइवेट करने के विरोध में गेट मीटिंग की गई।
प्रधान सुरेंद्र कंबोज ने कहा कि चंडीगढ़ का बिजली विभाग हर वर्ष 100 करोड़ रुपये से ज्यादा मुनाफा कमाता है और लाइन लॉसेस भी 10 प्रतिशत से कम है।
सचिव प्रदीप कुमार ने विभाग को प्राइवेट करना तर्कसंगत नहीं है। बैठक में राज्य के उपमहासचिव राजेंद्र राणा व यूनिट के उप प्रधान संजीव कुमार, सुमित धनखड़, विशाल संदीप कुमार, विद्या निधि, महिमा सिंह, कैलाश चंद, राजेंद्र, मनोज सैनी, ओमकार मौजूद रहे। संवाद