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Karnal News: बिजली निगम 112851 उपभोक्ताओं से वसूलेगा बकाया बिल
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- बकाया 72 करोड़ 75 लाख 88 हजार रुपये की राशि बकाया वसूली के लिए होगी सख्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बिजली निगम की ओर से जिले के ऐसे डिफाल्टरों की सूची एक बार फिर जारी कर दी गई है, जिन उपभोक्ताओं ने कई महीनों या सालों से बिल नहीं भरा है। जिले भर में 112851 उपभोक्ताओं पर 72 करोड़ 75 लाख 88 हजार रुपये की राशि बकाया है। अब इनसे वसूली में भी सख्ती की जाएगी।
इसके अलावा बाकी 59412 ऐसे उपभोक्ता भी हैं जिन्होंने 51 करोड़ पांच लाख 89 हजार रुपये की राशि जमा करवा दी है। इसके साथ ही 421 ऐसे उपभोक्ता हैं जिन का कोर्ट केस चल रहा है। बिजली निगम की ओर से 12 महीने बिल जमा करवाने के लिए काउंटर खुले रहते हैं, लेकिन उपभोक्ता इसके बावजूद सक्रियता नहीं दिखाते हैं। जिसके कारण बिजली निगम घाटे में चल रहा है। बिजली निगम डिफाल्टरों की हर महीने सूची बनाता है, जो उपभोक्ता अपने बिल जमा करवा देते हैं उनका नाम सूची से काट दिया जाता है। यह बिजली निगम के सालों पुराने उपभोक्ता हैं।
यह उपभोक्ता पांच हजार से लेकर पांच लाख से ऊपर तक की राशि का भुगतान करने वाले हैं। इन उपभोक्ताओं में सक्रिय व निष्क्रिय दोनों प्रकार के हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जो देरी से बिल जमा करवाते रहते हैं, वहीं कुछ ऐसे उपभोक्ता हैं जो विदेशों में रहते हैं या फिर उन पर बिल भरने के मैसेज नहीं पहुंच पाते या फिर कुछ गलत बिल आने के कारण भी होते हैं जिनका कोर्ट केस चलता है। बिल की अदायगी न होने पर उनके कनेक्शन काट दिए जाते हैं।
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जिले में 216 ऐसे उपभोक्ता डिफाल्टर हो रहे हैं जिनके पास गलत बिल हो चले गए हैं। जिले भर में जो बिजली उपभोक्ता किन्हीं कारणों से समय पर बिल नहीं भरते हैं और उसके बाद वह डिफाल्टर हो जाते हैं। वह बिल लाखों में हो जाते हैं। ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए निगम द्वारा समय-समय पर अभियान चलाता है वहीं उनको इकट्ठा बिल भरने पर कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती है।
बिजली निगम द्वारा लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए एबीटी सेल बनाई गई है। जिसमें उपभोक्ता नए कनेक्शन, बिजली खराब, फाल्ट समस्या को लेकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। यहां बिजली निगम द्वारा टीम गठित की हुई है जो जिला के सभी क्षेत्र पर नजर रखती हैं, वहीं प्रत्येक दिन एक एसडीओ यहां रात की ड्यूटी भी देता है।
बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि निगम लोगों को बिजली से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वह समय पर बिल भरें, इससे बिजली निगम व उपभोक्ता दोनों का ही फायदा होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बिजली निगम की ओर से जिले के ऐसे डिफाल्टरों की सूची एक बार फिर जारी कर दी गई है, जिन उपभोक्ताओं ने कई महीनों या सालों से बिल नहीं भरा है। जिले भर में 112851 उपभोक्ताओं पर 72 करोड़ 75 लाख 88 हजार रुपये की राशि बकाया है। अब इनसे वसूली में भी सख्ती की जाएगी।
इसके अलावा बाकी 59412 ऐसे उपभोक्ता भी हैं जिन्होंने 51 करोड़ पांच लाख 89 हजार रुपये की राशि जमा करवा दी है। इसके साथ ही 421 ऐसे उपभोक्ता हैं जिन का कोर्ट केस चल रहा है। बिजली निगम की ओर से 12 महीने बिल जमा करवाने के लिए काउंटर खुले रहते हैं, लेकिन उपभोक्ता इसके बावजूद सक्रियता नहीं दिखाते हैं। जिसके कारण बिजली निगम घाटे में चल रहा है। बिजली निगम डिफाल्टरों की हर महीने सूची बनाता है, जो उपभोक्ता अपने बिल जमा करवा देते हैं उनका नाम सूची से काट दिया जाता है। यह बिजली निगम के सालों पुराने उपभोक्ता हैं।
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यह उपभोक्ता पांच हजार से लेकर पांच लाख से ऊपर तक की राशि का भुगतान करने वाले हैं। इन उपभोक्ताओं में सक्रिय व निष्क्रिय दोनों प्रकार के हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जो देरी से बिल जमा करवाते रहते हैं, वहीं कुछ ऐसे उपभोक्ता हैं जो विदेशों में रहते हैं या फिर उन पर बिल भरने के मैसेज नहीं पहुंच पाते या फिर कुछ गलत बिल आने के कारण भी होते हैं जिनका कोर्ट केस चलता है। बिल की अदायगी न होने पर उनके कनेक्शन काट दिए जाते हैं।
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जिले में 216 ऐसे उपभोक्ता डिफाल्टर हो रहे हैं जिनके पास गलत बिल हो चले गए हैं। जिले भर में जो बिजली उपभोक्ता किन्हीं कारणों से समय पर बिल नहीं भरते हैं और उसके बाद वह डिफाल्टर हो जाते हैं। वह बिल लाखों में हो जाते हैं। ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए निगम द्वारा समय-समय पर अभियान चलाता है वहीं उनको इकट्ठा बिल भरने पर कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती है।
बिजली निगम द्वारा लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए एबीटी सेल बनाई गई है। जिसमें उपभोक्ता नए कनेक्शन, बिजली खराब, फाल्ट समस्या को लेकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। यहां बिजली निगम द्वारा टीम गठित की हुई है जो जिला के सभी क्षेत्र पर नजर रखती हैं, वहीं प्रत्येक दिन एक एसडीओ यहां रात की ड्यूटी भी देता है।
बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि निगम लोगों को बिजली से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वह समय पर बिल भरें, इससे बिजली निगम व उपभोक्ता दोनों का ही फायदा होगा।