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Karnal News: करंट लगने से बिजली निगम के लाइनमैन की मौत
Wed, 04 Dec 2024 01:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 04 Dec 2024 01:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बिजली निगम के लाइनमैन भगवत लाल की साइट पर काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई है। परिजनों ने बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर आरोप लगाए है। आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। दयानगर गांव के भगवत की मौत से दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
चाचा का कहना है कि भगवत पिछले 12 साल से बिजली निगम में कार्य कर रहा था। वह बिजली निगम की कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित था। सोमवार को भगवत निगदू क्षेत्र में ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई बाधित होने की शिकायत पर गया था। इस कार्य के लिए उसने बिजली निगम से अपने फोन द्वारा लाइन बंद करने का परमिट भी लिया था।
इसके बावजूद बिजली निगम ने लाइन चालू रखी, यह निगम के उच्चाधिकारियों की गंभीर चूक है। निगम कर्मचारियों का कहना है कि भगवत अकेला की बिजली शिकायत पर गया था, इस बारे में उन्हें सूचना नहीं थी। भगवत के परिवार वालों का कहना है कि किसी भी लाइन का परमिट लेने के लिए उच्च अधिकारियों एसडीओ या जेई की अनुमति अनिवार्य है।
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बावजूद इसके विभाग के कर्मचारियों द्वारा दूसरी लाइन का परमिट होने और अलग लाइन पर काम करने की बात कही जा रही है। नीलोखेड़ी के दयानगर गांव निवासी लाइनमैन 36 वर्ष के थे। वह साइट पर काम करने के लिए सभी सुरक्षा उपकरणों व एक साथी को साथ लेकर जरूर जाते थे। उनका अकेला लाइन पर जाकर काम करने की बात हजम नहीं हो रही है। परिवार ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।
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करनाल। बिजली निगम के लाइनमैन भगवत लाल की साइट पर काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई है। परिजनों ने बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर आरोप लगाए है। आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। दयानगर गांव के भगवत की मौत से दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
चाचा का कहना है कि भगवत पिछले 12 साल से बिजली निगम में कार्य कर रहा था। वह बिजली निगम की कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित था। सोमवार को भगवत निगदू क्षेत्र में ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई बाधित होने की शिकायत पर गया था। इस कार्य के लिए उसने बिजली निगम से अपने फोन द्वारा लाइन बंद करने का परमिट भी लिया था।
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इसके बावजूद बिजली निगम ने लाइन चालू रखी, यह निगम के उच्चाधिकारियों की गंभीर चूक है। निगम कर्मचारियों का कहना है कि भगवत अकेला की बिजली शिकायत पर गया था, इस बारे में उन्हें सूचना नहीं थी। भगवत के परिवार वालों का कहना है कि किसी भी लाइन का परमिट लेने के लिए उच्च अधिकारियों एसडीओ या जेई की अनुमति अनिवार्य है।
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बावजूद इसके विभाग के कर्मचारियों द्वारा दूसरी लाइन का परमिट होने और अलग लाइन पर काम करने की बात कही जा रही है। नीलोखेड़ी के दयानगर गांव निवासी लाइनमैन 36 वर्ष के थे। वह साइट पर काम करने के लिए सभी सुरक्षा उपकरणों व एक साथी को साथ लेकर जरूर जाते थे। उनका अकेला लाइन पर जाकर काम करने की बात हजम नहीं हो रही है। परिवार ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।