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लाइन पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आई बुजुर्ग महिला एक घंटे तक रुकी रही ट्रेन
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्णनगरी के खिलाड़ी अब घुड़सवारी की बारीकियां सीख सकेंगे। लंबे इंतजार के बाद पुंडरक स्थित घुड़सवारी केंद्र में गुरुग्राम से चार थौरो नस्ल के घोड़ों की खेप पहुंच गई। इन घोड़ों के पहुंचने के साथ ही खेल विभाग ने खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया कर्ण स्टेडियम में शुरू कर दी है। अगस्त के शुरूआती सप्ताह में खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अब तक जिले के घुड़सवारी खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता था। अब पुंडरक में घुड़सवारी केंद्र खुलने से यह सुविधा जिले में ही प्राप्त हो सकेगी। खेल विभाग ने पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो खिलाड़ी घुड़सवारी में रुचि रखते हैं, वे अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इस केंद्र में 25 से 30 खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे। खेल विभाग ने घोड़ों के रखरखाव के लिए पर्याप्त सुविधा और शेड का निर्माण करा दिया है। अब तक जिले का एक मात्र घुड़सवारी केंद्र मधुबन स्थित पुलिस अकादमी में संचालित किया जाता है, जहां केवल पुलिस विभाग के लोगों को ही प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन अब आम खिलाड़ी भी जिले में ही घुड़सवारी का अभ्यास कर सकेंगे।
पुंडरक स्थित राजीव गांधी खेल परिसर में शुरू हुए घुड़सवारी केंद्र के जरिए जिले के खिलाड़ी घुड़सवारी में अपना भविष्य संवार सकते हैं। यह प्रदेश सरकार का बेहतरीन कदम है। पहले खिलाड़ियों को घुड़सवारी के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा जिले में ही मिल सकेगी। गुरुग्राम से घोड़े आने का इंतजार था, जो कि पूरा हो गया है। जल्द खिलाड़ियों का प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा।
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- सतबीर सिंह, वरिष्ठ फेंसिंग कोच
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करनाल। कर्णनगरी के खिलाड़ी अब घुड़सवारी की बारीकियां सीख सकेंगे। लंबे इंतजार के बाद पुंडरक स्थित घुड़सवारी केंद्र में गुरुग्राम से चार थौरो नस्ल के घोड़ों की खेप पहुंच गई। इन घोड़ों के पहुंचने के साथ ही खेल विभाग ने खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया कर्ण स्टेडियम में शुरू कर दी है। अगस्त के शुरूआती सप्ताह में खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अब तक जिले के घुड़सवारी खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता था। अब पुंडरक में घुड़सवारी केंद्र खुलने से यह सुविधा जिले में ही प्राप्त हो सकेगी। खेल विभाग ने पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो खिलाड़ी घुड़सवारी में रुचि रखते हैं, वे अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इस केंद्र में 25 से 30 खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे। खेल विभाग ने घोड़ों के रखरखाव के लिए पर्याप्त सुविधा और शेड का निर्माण करा दिया है। अब तक जिले का एक मात्र घुड़सवारी केंद्र मधुबन स्थित पुलिस अकादमी में संचालित किया जाता है, जहां केवल पुलिस विभाग के लोगों को ही प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन अब आम खिलाड़ी भी जिले में ही घुड़सवारी का अभ्यास कर सकेंगे।
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पुंडरक स्थित राजीव गांधी खेल परिसर में शुरू हुए घुड़सवारी केंद्र के जरिए जिले के खिलाड़ी घुड़सवारी में अपना भविष्य संवार सकते हैं। यह प्रदेश सरकार का बेहतरीन कदम है। पहले खिलाड़ियों को घुड़सवारी के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा जिले में ही मिल सकेगी। गुरुग्राम से घोड़े आने का इंतजार था, जो कि पूरा हो गया है। जल्द खिलाड़ियों का प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा।
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- सतबीर सिंह, वरिष्ठ फेंसिंग कोच