फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Elderly people, who were abused by their children, were sent home and given a written assurance: "We will serve you..."

Karnal News: बच्चों के दुत्कारे बुजुर्गों को भेजा घर, लिखित में दिया- हम सेवा करेंगे...

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
Elderly people, who were abused by their children, were sent home and given a written assurance: "We will serve you..."
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन


करनाल/घरौंडा।
एसडीएम घरौंडा की कोर्ट में वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित तीन मामलों की मंगलवार को सुनवाई हुई। उपमंडल स्तरीय ट्रिब्यूनल कमेटी के चेयरमेन एवं एसडीएम घरौंडा राजेश कुमार सोनी व ट्रिब्यूनल की सदस्य सीमा शर्मा ने सुनवाई के बाद दो मामलों को तुरंत निपटाया, जबकि एक मामले को आगामी तिथि के लिए लंबित रखा गया।

एसडीएम ने बताया कि बताया कि एक केस गांव गोगड़ीपुर से संबंधित था जिसमें बुजुर्गों द्वारा शिकायत में लिखा गया था कि उनके बच्चे उनकी देखभाल नहीं करते हैं और घर में आने जाने नहीं देते। जिस पर कमेटी की ओर से उनके बच्चों को निर्देश दिए गए कि उनके माता-पिता उनके घर में रहेंगे और बच्चे उनकी देखभाल करेंगे। इस पर उनके बच्चों ने लिखित में आश्वासन दिया कि वह अपने माता-पिता की देखभाल करेंगे। बुजुर्गों को उनके घर में भी प्रवेश दिलवा दिया गया है।
विज्ञापन


दूसरा केस गांव गढ़ी भरल से संबंधित था जिसमें बुजुर्गों ने शिकायत दी कि उन्होंने अपनी जमीन बच्चों के नाम कर दी है और वह उनकी सेवा नहीं करते हैं। जिस पर कमेटी की ओर से उनके बच्चों को निर्देश दिए गए कि वे अपने माता-पिता की सेवा करें, अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिस पर उनके बच्चों ने सहमति जताई और कहा कि वे अपने माता-पिता की सेवा करेंगे और पूरा ध्यान रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर मंगलवार को ट्रिब्यूनल में होती है सुनवाई

एसडीएम घरौंडा राजेश कुमार सोनी ने बताया कि एसडीएम कार्यालय में प्रत्येक मंगलवार को बुजुर्गों की देखभाल से संबंधित केसों को सुना जाता है। इन केसों की पैरवी व्यक्ति स्वयं कर सकते हैं। ट्रिब्यूनल का उद्देश्य बुजुर्गों को सस्ता व सुलभ न्याय दिलवाना है। जो बुजुर्ग अपनी संपत्ति बच्चों से वापिस लेना चाहते हैं उन्हें अपनी रजिस्ट्री में यह शर्त आवश्यक रूप से डलवानी चाहिए कि संपत्ति का हस्तांतरण इस शर्त पर किया जा रहा है कि बच्चे माता-पिता की सेवा करेंगे। यह रखरखाव ट्रिब्यूनल माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम 2017 के अंतर्गत सरकार की ओर से बनाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed