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बकाया किराया न देने पर आठ दुकानें सील
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करीब 80 लाख रुपये से अधिक की बकायेदारी वाले 31 दुकानदारों के खिलाफ नगर निगम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। किराया शाखा की टीम ने वीरवार को आठ दुकानों को सील कर दिया। चार दुकानदारों ने सीलिंग से बचने के लिए मौके पर 2.58 लाख रुपये का किराया जमा कर दिया। इसके बाद दुकानदारों को सात दिन का समय दे दिया गया है।
नगर निगम की 55 दुकानें हैं, जो लोगों ने किराये पर ले रखी हैं लेकिन कई साल से उनका किराया जमा नहीं किया जा रहा है। पिछले महीने नगर निगम ने सभी 55 बकायेदार दुकानदारों को नोटिस जारी करके एक सप्ताह में बकाया जमा करने को कहा था लेकिन सिर्फ 15 दुकानदारों ने भुगतान किया। चार दुकानदारों ने वीरवार सुबह निगम कार्यालय पहुंचकर किराया जमा कर दिया। इसके बाद निगम ने शेष 31 दुकानों को सील करने का अभियान शुरू किया। इसमें से 36.97 लाख की बकाया राशि वाली आठ दुकानों को सील कर दिया। जबकि चार अन्य दुकानदारों ने मौके पर 2.58 लाख रुपये जमा कर दिए।
निगमायुक्त ने आज की कार्रवाई के लिए ईओ देवेंद्र नरवाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया था। सीलिंग की कार्रवाई डीएमसी अरुण कुमार, रेंट असिस्टेंट जितेंद्र मलिक की अगुवाई में की गई। इसमें भवन निर्माणा शाखा के कर्मचारी भी शामिल थे। कर्ण ताल के पास सदर बाजार मार्केट की दुकान संख्या 2, 3 व 4 को सील किया गया। जिन पर 26 लाख रुपये बकाया हैं। कंबोपुरा में दुकान संख्या 14 व 19 को सील किया गया। इन पर 6.81 लाख रुपये का किराया बकाया है। यहीं पर दुकान संख्या 16 सहित दो दुकानदारों ने मौके पर एक लाख 33 हजार रुपये आज ही जमा करने की रसीद दिखा दी। प्रेम नगर में दुकान नंबर 8, 25 व 27 को सील किया गया। इन पर 3.31 लाख रुपये का किराया बकाया है। इसके अलावा कुंजपुरा रोड स्थित डॉ. ज्ञान भूषण मार्केट के दुकान नंबर 8 व 18 को भी सील करने के लिए टीम पहुंची लेकिन मौके पर ही 1.25 लाख रुपये जमा करवा दिए।
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उप निगमायुक्त अरुण कुमार ने बताया कि सीलिंग की कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण रही। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि यदि किसी ने सील से छेड़छाड़ की तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। डिफाल्टर दुकानदारों की दुकानों की सीलिंग करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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करनाल। करीब 80 लाख रुपये से अधिक की बकायेदारी वाले 31 दुकानदारों के खिलाफ नगर निगम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। किराया शाखा की टीम ने वीरवार को आठ दुकानों को सील कर दिया। चार दुकानदारों ने सीलिंग से बचने के लिए मौके पर 2.58 लाख रुपये का किराया जमा कर दिया। इसके बाद दुकानदारों को सात दिन का समय दे दिया गया है।
नगर निगम की 55 दुकानें हैं, जो लोगों ने किराये पर ले रखी हैं लेकिन कई साल से उनका किराया जमा नहीं किया जा रहा है। पिछले महीने नगर निगम ने सभी 55 बकायेदार दुकानदारों को नोटिस जारी करके एक सप्ताह में बकाया जमा करने को कहा था लेकिन सिर्फ 15 दुकानदारों ने भुगतान किया। चार दुकानदारों ने वीरवार सुबह निगम कार्यालय पहुंचकर किराया जमा कर दिया। इसके बाद निगम ने शेष 31 दुकानों को सील करने का अभियान शुरू किया। इसमें से 36.97 लाख की बकाया राशि वाली आठ दुकानों को सील कर दिया। जबकि चार अन्य दुकानदारों ने मौके पर 2.58 लाख रुपये जमा कर दिए।
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निगमायुक्त ने आज की कार्रवाई के लिए ईओ देवेंद्र नरवाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया था। सीलिंग की कार्रवाई डीएमसी अरुण कुमार, रेंट असिस्टेंट जितेंद्र मलिक की अगुवाई में की गई। इसमें भवन निर्माणा शाखा के कर्मचारी भी शामिल थे। कर्ण ताल के पास सदर बाजार मार्केट की दुकान संख्या 2, 3 व 4 को सील किया गया। जिन पर 26 लाख रुपये बकाया हैं। कंबोपुरा में दुकान संख्या 14 व 19 को सील किया गया। इन पर 6.81 लाख रुपये का किराया बकाया है। यहीं पर दुकान संख्या 16 सहित दो दुकानदारों ने मौके पर एक लाख 33 हजार रुपये आज ही जमा करने की रसीद दिखा दी। प्रेम नगर में दुकान नंबर 8, 25 व 27 को सील किया गया। इन पर 3.31 लाख रुपये का किराया बकाया है। इसके अलावा कुंजपुरा रोड स्थित डॉ. ज्ञान भूषण मार्केट के दुकान नंबर 8 व 18 को भी सील करने के लिए टीम पहुंची लेकिन मौके पर ही 1.25 लाख रुपये जमा करवा दिए।
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उप निगमायुक्त अरुण कुमार ने बताया कि सीलिंग की कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण रही। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि यदि किसी ने सील से छेड़छाड़ की तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। डिफाल्टर दुकानदारों की दुकानों की सीलिंग करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।