फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Eight lakh saplings were planted during monsoon

Karnal News: मानसून में रोपित किए गए आठ लाख पौधे

Fri, 22 Aug 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 22 Aug 2025 01:01 AM IST
विज्ञापन
Eight lakh saplings were planted during monsoon
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। कर्ण नगरी को धरा को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग की ओर से आठ लाख पौध लगाई गई। यह पौध स्कूली बच्चों, जल शक्ति अभियान, विभागीय कार्यालयों, खेतों व सरकारी वन भूमि पर रोपित की गई। पहली बार ऐसा हुआ कि इन पौध में से 96 प्रतिशत पौध उभर का पौधे का रूप ले गई हैं। इस मुख्य कारण लगातार हो रही बारिश पौध के विकसित होने के लिए वरदान साबित हो रही है।

वन विभाग की ओर से जिले की आठ नर्सरियों से तैयार की गई पौध में फलों के साथ-साथ छायादार पौध भी लगाई गई है। मानसून की शुरुआत में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करने का आह्वान किया गया था। वन विभाग के आंकड़ों अनुसार सरकारी वन भूमि पर करीब ढाई लाख पौध रोपित की गई है। वहीं किसानों के खेतों में साढ़े तीन लाख पौध रोपित की गई है। वहीं पौधगीरी अभियान के अंतर्गत स्कूली छात्रों की ओर से 45 हजार पौध लगाई गई। जल शक्ति अभियान के अंतर्गत एक लाख 10 हजार पौधे लगाई गई। इसके अलावा एक लाख 15 हजार पौध लोगों को निशुल्क वितरित की गई। पहले मानसून पौधरोपण के बाद केवल 65 से 70 प्रतिशत पौध विकसित हो पाती थी। वन विभाग के अनुसार जिले की 38 प्रतिशत भूमि पर हरियाली होना जरूरी है जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे। यहां अभी तक 27 प्रतिशत भाग ही हरा भरा है, हमें अभी भी 11 प्रतिशत भू भाग पर पौध रोपण करना होगा ताकि धरा हरी-भरी हो और लोगों को साफ व स्वच्छ वातावरण मिल सके। वन विभाग के साथ-साथ शहर में कुछ सामाजिक संस्थाएं ऐसी भी है जो धरती को हरा-भरा बनाए रखने के लिए बेहतर कार्य कर रही है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed