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पुलिस सुरक्षा में प्राइवेट बसों से स्कूल पहुंचीं छात्राएं
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टपराना गांव की छात्राएं अनशन खत्म होने के बाद मंगलवार को पुलिस सुरक्षा के बीच प्राइवेट बस से टीकरी गांव के स्कूल पहुंची। इस दौरान स्कूल के बाहर पुलिस की दुर्गा शक्ति टीम स्कूल के बाहर तैनात रही। अनशन खत्म होने के अगले दिन मंगलवार को टीकरी स्कूल में 125 विद्यार्थियों ने से 78 बच्चे स्कूल पढ़ने पहुंचे। इनमें से 55 लड़कों में से 28 व 70 छात्राओं में से 50 छात्राएं ही स्कूल पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ छात्राओं की तबीयत खराब होने के कारण वह स्कूल नहीं जा पाई, जल्द ही बाकि विद्यार्थी स्कूल जाना शुरू कर देंगे।
टीकरी स्कूल प्रधानाचार्य पवन कुमार ने बताया कि स्कूल में टपराना गांव के छात्र-छात्राओं के लिए अलग से सेक्शन बनाए गए हैं। बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए स्कूल समय में पुलिस बल मौजूद रहेगा। यदि किसी छात्रा को परेशानी आती है तो वह उनको शिकायत कर सकती हैं। गांव टीकरी के सरपंच हंसराज भी स्कूल में कई बार चक्कर लगा चुके हैं और छात्राओं से बात कर चुके हैं।
सोमवार को एसपी के दिए आश्वासन के बाद एसपी व डीसी ग्रामीणों व छात्राओं से मिलने के लिए गांव टपराना पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों व छात्राओं को दो घंटे समझाया था और उनको स्कूल अपग्रेड करवाने के लिए दस दिन का आश्वासन दिया था। तब छात्राओं का गुस्सा शांत हुआ था और उन्होंने अनशन खत्म किया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्कूल 10 दिन में अपग्र्रेड होना चाहिए, टीकरी स्कूल में छात्राओं के लिए अलग से सेक्शन होना चाहिए व बच्चों के लिए टीकरी गांव तक बस की सुविधा व स्कूल के बाहर व रास्ते में पुलिस गश्त करे यह चार मांगे रखा थी।
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आठवें दिन डीसी के आश्वासन पर मानी थीं छात्राएं
छात्राएं समीप लगते गांव टीकरी में पढ़ने के लिए जाती हैं। जहां युवकों से परेशान होने के बाद उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया था। 26 अगस्त को छात्राओं ने गांव से जिला सचिवालय तक सात किलोमीटर पैदल चलकर गई थी। प्रशासन को अपनी समस्या और मांगों से अवगत कराया था। 27 अगस्त को एसडीएम इंद्री सुमित सिहाग व 29 अगस्त को एसडीएम करनाल नरेंद्र मलिक गांव टपराना गए थे। उनके आश्वासन के बाद भी छात्राएं नहीं मानी। 1 सितंबर को छात्राएं मुख्यमंत्री से मिलने के लिए चंडीगढ़ पैदल चल पड़ी थी, एसपी ने उन्हें डीसी को साथ लेकर उनके गांव में आने का आश्वासन दिया था। 2 सितंबर को एसपी व डीसी टपराना गांव पहुंचे और ग्रामीणों व छात्राओं को 10 दिन का आश्वासन दिया था। तब जाकर छात्राओं ने अनशन खत्म किया था।
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टीकरी स्कूल प्रधानाचार्य पवन कुमार ने बताया कि स्कूल में टपराना गांव के छात्र-छात्राओं के लिए अलग से सेक्शन बनाए गए हैं। बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए स्कूल समय में पुलिस बल मौजूद रहेगा। यदि किसी छात्रा को परेशानी आती है तो वह उनको शिकायत कर सकती हैं। गांव टीकरी के सरपंच हंसराज भी स्कूल में कई बार चक्कर लगा चुके हैं और छात्राओं से बात कर चुके हैं।
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सोमवार को एसपी के दिए आश्वासन के बाद एसपी व डीसी ग्रामीणों व छात्राओं से मिलने के लिए गांव टपराना पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों व छात्राओं को दो घंटे समझाया था और उनको स्कूल अपग्रेड करवाने के लिए दस दिन का आश्वासन दिया था। तब छात्राओं का गुस्सा शांत हुआ था और उन्होंने अनशन खत्म किया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्कूल 10 दिन में अपग्र्रेड होना चाहिए, टीकरी स्कूल में छात्राओं के लिए अलग से सेक्शन होना चाहिए व बच्चों के लिए टीकरी गांव तक बस की सुविधा व स्कूल के बाहर व रास्ते में पुलिस गश्त करे यह चार मांगे रखा थी।
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आठवें दिन डीसी के आश्वासन पर मानी थीं छात्राएं
छात्राएं समीप लगते गांव टीकरी में पढ़ने के लिए जाती हैं। जहां युवकों से परेशान होने के बाद उन्होंने स्कूल जाना छोड़ दिया था। 26 अगस्त को छात्राओं ने गांव से जिला सचिवालय तक सात किलोमीटर पैदल चलकर गई थी। प्रशासन को अपनी समस्या और मांगों से अवगत कराया था। 27 अगस्त को एसडीएम इंद्री सुमित सिहाग व 29 अगस्त को एसडीएम करनाल नरेंद्र मलिक गांव टपराना गए थे। उनके आश्वासन के बाद भी छात्राएं नहीं मानी। 1 सितंबर को छात्राएं मुख्यमंत्री से मिलने के लिए चंडीगढ़ पैदल चल पड़ी थी, एसपी ने उन्हें डीसी को साथ लेकर उनके गांव में आने का आश्वासन दिया था। 2 सितंबर को एसपी व डीसी टपराना गांव पहुंचे और ग्रामीणों व छात्राओं को 10 दिन का आश्वासन दिया था। तब जाकर छात्राओं ने अनशन खत्म किया था।