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Karnal News: ई-बसों से प्रदूषण मुक्त होगी परिवहन व्यवस्था
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्र सरकार के बजट में परियोजनाओं से जिले के विकास की आस इस बार भी अधूरी रह गई। हालांकि ई-बसों की संख्या बढ़ने और बस अड्डा बनने की संभावना से शहर की परिवहन व्यवस्था प्रदूषण मुक्त होगी। शहर में ई-बस टर्मिनल बनाने का दो साल से विचार चल रहा है। अब केंद्रीय बजट में इसका जिक्र आने से इस वर्ष में इसके निर्माण में तेजी आ सकती है। वर्षों पुरानी घोषणा यमुनानगर रेल लाइन, हवाई पट्टी विस्तार और रैपिड रेल के लिए बजट में कोई जिक्र नहीं हुआ है।
कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाने के एलान को बेहतर माना जा रहा है। स्कूलों और एक कॉलेज में कंटेंट लैब बनाने की घोषणा पर भी लोगों ने खुशी जताई। इससे विद्यार्थियों के कौशल में निखार आएगा। विदेश में पढ़ाई और यात्रा की दरों को घटाने के निर्णय से भी युवाओं में उत्साह है। विदेश में घूमने और पढ़ाई का चलन जीटी बेल्ट के जिलों में काफी ज्यादा है।
गांवों में विकास कार्य
छोटे-मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रखने का एलान हुआ है। निगमायुक्त के अनुसार इसके तहत शहर में कच्ची एवं नई बनी ऐसी कॉलोनियों में विकास कार्य हो सकते हैं, जो अभी पिछड़ी हैं। गांवों में सीवरेज और पेयजल सुविधा भी दी जाती है। टियर-2 और 3 शहरों के विकास के लिए भी अलग से बजट है। शहर में 20 वार्ड और 395 ग्राम पंचायतें हैं।
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50 ई-बस का बनेगा बेड़ा
करनाल शहर में 50 ई-बसों का संचालन होना है। अभी तक केवल पांच बसें ही आई हैं। नए बस अड्डे के पीछे ही इसके लिए अलग से टर्मिनल भी बनाया जाना है। अब वित्त मंत्री की ओर से देश में नई ई-बसों के चलाने की घोषणा से करनाल की परिवहन व्यवस्था भी मजबूत होगी। जीएम कुलदीप का कहना है कि इस वर्ष में यह परियोजना सिरे चढ़ सकती है। टर्मिनल बनने के बाद नई बसें आएंगी।
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महिला छात्रावास से होगा लाभ
करनाल जिले में 30 हजार से ज्यादा ऐसी महिलाएं हैं जो दूसरे जिलों से यहां आकर नौकरी करती हैं। रोडवेज और रेलवे में इन महिलाओं के दैनिक पास बने हुए हैं। 20 हजार से ज्यादा छात्राएं पढ़ाई के सिलसिले में दूसरे जिले या दूर के कस्बों से शहर आती हैं। नया छात्रावास यहां बनने पर इन्हें लाभ होगा। फिलहाल स्मार्ट सिटी के तहत एक छात्रावास पहले से तैयार किया जा रहा है।
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तीन परियोजनाओं वर्षों से लटकीं
- हवाई पट्टी : वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में करनाल आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसके लिए एलान किया था। अब तक केवल जमीन ही खरीदी गई, इससे आगे की प्रक्रिया नहीं हुई। मौजूदा हवाई पट्टी को तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार फीट किया जाना है।
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- यमुनानगर रेल लाइन : करनाल से यमुनानगर रेल लाइन बिछाने के लिए उत्तर रेलवे की ओर से 2024 में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। 61 किलोमीटर लंबी लाइन में तीन जिलों के कुल पांच ग्रामीण क्षेत्रों में भी रेलवे स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। 2024 में हरियाणा प्रदेश के बजट में मुख्यमंत्री रहते हुए मनोहर लाल ने इस रेल लाइन का जिक्र किया था।
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- रैपिड रेल : नमो भारत कॉरिडोर परियोजना यानी रैपिड रेल के करनाल तक विस्तार को मंजूरी मिली लेकिन बजट घोषित नहीं हुआ। परियोजना के तहत जिले में पांच स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए अभी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। वर्ष 2020 में करनाल तक रैपिड रेल के प्रोजेक्ट लाने की घोषणा हुई थी।
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करनाल। केंद्र सरकार के बजट में परियोजनाओं से जिले के विकास की आस इस बार भी अधूरी रह गई। हालांकि ई-बसों की संख्या बढ़ने और बस अड्डा बनने की संभावना से शहर की परिवहन व्यवस्था प्रदूषण मुक्त होगी। शहर में ई-बस टर्मिनल बनाने का दो साल से विचार चल रहा है। अब केंद्रीय बजट में इसका जिक्र आने से इस वर्ष में इसके निर्माण में तेजी आ सकती है। वर्षों पुरानी घोषणा यमुनानगर रेल लाइन, हवाई पट्टी विस्तार और रैपिड रेल के लिए बजट में कोई जिक्र नहीं हुआ है।
कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाने के एलान को बेहतर माना जा रहा है। स्कूलों और एक कॉलेज में कंटेंट लैब बनाने की घोषणा पर भी लोगों ने खुशी जताई। इससे विद्यार्थियों के कौशल में निखार आएगा। विदेश में पढ़ाई और यात्रा की दरों को घटाने के निर्णय से भी युवाओं में उत्साह है। विदेश में घूमने और पढ़ाई का चलन जीटी बेल्ट के जिलों में काफी ज्यादा है।
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गांवों में विकास कार्य
छोटे-मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रखने का एलान हुआ है। निगमायुक्त के अनुसार इसके तहत शहर में कच्ची एवं नई बनी ऐसी कॉलोनियों में विकास कार्य हो सकते हैं, जो अभी पिछड़ी हैं। गांवों में सीवरेज और पेयजल सुविधा भी दी जाती है। टियर-2 और 3 शहरों के विकास के लिए भी अलग से बजट है। शहर में 20 वार्ड और 395 ग्राम पंचायतें हैं।
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50 ई-बस का बनेगा बेड़ा
करनाल शहर में 50 ई-बसों का संचालन होना है। अभी तक केवल पांच बसें ही आई हैं। नए बस अड्डे के पीछे ही इसके लिए अलग से टर्मिनल भी बनाया जाना है। अब वित्त मंत्री की ओर से देश में नई ई-बसों के चलाने की घोषणा से करनाल की परिवहन व्यवस्था भी मजबूत होगी। जीएम कुलदीप का कहना है कि इस वर्ष में यह परियोजना सिरे चढ़ सकती है। टर्मिनल बनने के बाद नई बसें आएंगी।
महिला छात्रावास से होगा लाभ
करनाल जिले में 30 हजार से ज्यादा ऐसी महिलाएं हैं जो दूसरे जिलों से यहां आकर नौकरी करती हैं। रोडवेज और रेलवे में इन महिलाओं के दैनिक पास बने हुए हैं। 20 हजार से ज्यादा छात्राएं पढ़ाई के सिलसिले में दूसरे जिले या दूर के कस्बों से शहर आती हैं। नया छात्रावास यहां बनने पर इन्हें लाभ होगा। फिलहाल स्मार्ट सिटी के तहत एक छात्रावास पहले से तैयार किया जा रहा है।
तीन परियोजनाओं वर्षों से लटकीं
- हवाई पट्टी : वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में करनाल आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसके लिए एलान किया था। अब तक केवल जमीन ही खरीदी गई, इससे आगे की प्रक्रिया नहीं हुई। मौजूदा हवाई पट्टी को तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार फीट किया जाना है।
- यमुनानगर रेल लाइन : करनाल से यमुनानगर रेल लाइन बिछाने के लिए उत्तर रेलवे की ओर से 2024 में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। 61 किलोमीटर लंबी लाइन में तीन जिलों के कुल पांच ग्रामीण क्षेत्रों में भी रेलवे स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। 2024 में हरियाणा प्रदेश के बजट में मुख्यमंत्री रहते हुए मनोहर लाल ने इस रेल लाइन का जिक्र किया था।
- रैपिड रेल : नमो भारत कॉरिडोर परियोजना यानी रैपिड रेल के करनाल तक विस्तार को मंजूरी मिली लेकिन बजट घोषित नहीं हुआ। परियोजना के तहत जिले में पांच स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए अभी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। वर्ष 2020 में करनाल तक रैपिड रेल के प्रोजेक्ट लाने की घोषणा हुई थी।