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Karnal News: फसल में बौना रोग तो नहीं मिला, संवाहक सफेद पीठ वाला तेला दिखा
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कुंजपुरा। केंद्र व राज्य सरकार की एक संयुक्त टीम ने वीरवार को गांव नेवल, कुंजपुरा,महमदपुर में धान की फसल पर लगने वाली बीमारी एवं कीटों का सर्वे किया। धान में बौना रोग को तो नहीं मिला लेकिन फसल में इस रोग को फैलाने वाला सफेद पीठ वाला तेला दिखाई दिया।
टीम में केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र फरीदाबाद से पौध संरक्षण अधिकारी डॉ लक्ष्मी चंद, डॉ जमुना नेगी व सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ दीपिका चक्रवर्ती व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग करनाल से सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ सुरेश कुमार, कृषि विकास अधिकारी राकेश सहारण शामिल रहे। सर्वे के द्वारा फसल पर कीट एवं बीमारियों का नुकसान आर्थिक क्षति स्तर से नीचे पाया गया। किसी भी खेत में धान का बौना वायरस रोग नहीं देखा गया लेकिन इस वायरस का वाहक सफेद पीठ वाला तेला (फुदका ) देखा गया जो कि रोग को फैलाता है। सफेद पीठ वाले तेला (फुदका) की रोकथाम के लिए खेत में प्रकाश प्रपंच के द्वारा प्रबंध किया जा सकता है। खेत में तेला (फुदका) की रोकथाम के लिए नीम तेल (नीम आधारित कीटनाशक)का स्प्रे करें। यदि धान में बोने पौधे दिखाई देते हैं, तो पौधों को उखाड़ कर नष्ट करने से बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
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टीम में केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र फरीदाबाद से पौध संरक्षण अधिकारी डॉ लक्ष्मी चंद, डॉ जमुना नेगी व सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ दीपिका चक्रवर्ती व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग करनाल से सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ सुरेश कुमार, कृषि विकास अधिकारी राकेश सहारण शामिल रहे। सर्वे के द्वारा फसल पर कीट एवं बीमारियों का नुकसान आर्थिक क्षति स्तर से नीचे पाया गया। किसी भी खेत में धान का बौना वायरस रोग नहीं देखा गया लेकिन इस वायरस का वाहक सफेद पीठ वाला तेला (फुदका ) देखा गया जो कि रोग को फैलाता है। सफेद पीठ वाले तेला (फुदका) की रोकथाम के लिए खेत में प्रकाश प्रपंच के द्वारा प्रबंध किया जा सकता है। खेत में तेला (फुदका) की रोकथाम के लिए नीम तेल (नीम आधारित कीटनाशक)का स्प्रे करें। यदि धान में बोने पौधे दिखाई देते हैं, तो पौधों को उखाड़ कर नष्ट करने से बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
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