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Karnal News: बादल छाने से मक्का के भाव गिरे, किसानों को नुकसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Jun 2025 02:55 AM IST
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Due to cloud cover the price of corn fell, farmers suffered losses
- कम दामों पर बेचनी पड़ रही फसल, मंडी में सुखाने के लिए फैलाई मक्का, एमएसपी पर खरीदने के लिए नहीं व्यवस्था
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दस दिनों से करनाल अनाज मंडी में भी मक्का की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। हर रोज करीब सात हजार कट्टे की आवक हो रही है। तीन दिनों से आसमान पर छाए बादलों के कारण मक्का के भाव में गिरावट आ गई है। एमएसपी से 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल पर मक्का बिक रही है। जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
पिछले एक महीने से मक्का की फसल की कटाई चल रही है। किसान मक्का को अनाज मंडियों में ला रहे थे। हरियाणा सरकार ने इस बार मक्का को भी एमएसपी पर खरीदने के आदेश दे दिए हैं, जिसके कारण शुरुआत दौर से ही मंडियों में मक्का का भाव 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव किसानों को सीधे खेत से मंडी में लाने पर मिल रहा था। मक्का का सरकारी भाव 2225 रपुये प्रति क्विंटल सरकार ने घोषित किया है। जब जोरशोर से मक्का की कटाई शुरू हुई तो फसल की आवक अनाज मंडियों में बढ़ गई। इन दिनों करनाल अनाज मंडी में मक्का की आवक करीब सात हजार कट्टे रोजाना हो गई है। आलम ये हो गया कि अनाज में हर तरफ मक्का ही मक्का दिखाई दे रही है, क्योंकि किसानों व आढ़तियों से उसे सुखाने के लिए खुले में फैला रखा है। तीन दिनों से आसमान पर काले बादल छा रहे हैं, रोजाना बारिश के आसार भी बन जाते हैं, जिसके कारण किसानों को भी भीगने के भय के कारण मक्का को बेचने की जल्दी है। यही कारण है कि अब मक्का के भाव में 1100 से 1800 रुपये तक पहुंच गए हैं। ये रेट मक्का में नमी पर आधारित हैं।
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शेखूपुरा के किसान राजपाल ने बताया कि अब यदि बारिश होती है तो मक्का खराब हो सकती है। एमएसपी पर बेचने के लिए एजेंसियों के कर्मचारी कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। किसानों को भी अब एमएसपी के बराबर की भाव मिल रहा था लेकिन बारिश के आसार बनने के बाद निजी खरीदारों ने भाव गिरा दिए हैं। जिससे को प्रति क्विंटल 400 से 600 रुपये तक का मुकसान हो रहा है।
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अनाज मंडी में इस समय मक्का की आवक सात से आठ हजार कट्टे रोजाना है लेकिन मक्का गीली है, उसे सुखाने के लिए किसानों ने शेड के बाहर फैला रखा है। मंडी में तो शेड हैं, लेकिन मक्का बाहर फैली होने के कारण बारिश होने पर भीग सकती है, जिसका सीधा नुकसान किसानों व आढ़तियों को होगा। सरकार ने एमएसपी घोषित तो कर दिया लेकिन खरीद करने की कोई व्यवस्था नहीं की है, एजेंसियां मक्का खरीदने नहीं आ रही हैं। किसानों को पता ही नहीं है कि सरकारी रेट पर मक्का कौन खरीदेगा। जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। सरकार को तत्काल एमएसपी पर मक्का खरीदने की व्यवस्था करनी चाहिए।
- रजनीश चौधरी, प्रधान- नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल।
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