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Karnal News: सर्दी में बढ़े रूखी त्वचा और एक्जिमा के मरीज
Fri, 12 Dec 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 12 Dec 2025 01:11 AM IST
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त्वचा रोग ओपीडी के बाहर मरीजों की कतार
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। तापमान गिरते ही त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगी हैं। हड़ताल के बावजूद जिला नागरिक अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में रोजाना करीब 100 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें रूखी त्वचा, एक्जिमा, खुजली, जलन और लाल चकत्तों की शिकायतें सबसे ज्यादा हैं। त्वचा रोग ओपीडी में इन समस्याओं के 70 प्रतिशत मरीज आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंगल ने बताया कि ठंडी हवा और कम होती नमी त्वचा की प्राकृतिक नमी को तेजी से कम कर देती है। उन्होंने कहा कि सर्दी में हवा शुष्क हो जाती है। जब त्वचा की ऊपरी परत नमी खो देती है, तो वह फटने लगती है और यही रूखापन आगे चलकर एक्जिमा का रूप ले लेता है जिनकी त्वचा पहले से संवेदनशील है, उनमें यह समस्या ज्यादा दिख रही है।
डॉ. सिंगल के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या अधिक दिखाई दे रही है। बच्चे बाहर खेलने के दौरान ठंडी हवा के संपर्क में आ रहे हैं और बुजुर्गों की त्वचा उम्र बढ़ने के कारण पतली हो जाती है, जिससे सूखापन ज्यादा बढ़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर ध्यान न देने पर साधारण रूखापन भी एक्जिमा में बदल सकता है, इसलिए मरीजों को मौसम में बदलाव के साथ त्वचा की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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ये हो रही परेशानी
मरीजों में खुजली, लाल धब्बे, त्वचा फटने, जलन और हाथ-पैरों में सफेद पपड़ी जमने जैसी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। कई मरीज उपचार में देरी के कारण दोबारा ओपीडी में लौट रहे हैं।
- दिन में 2-3 बार मॉइस्चराइजर लगाएं
डॉ. सिंगल ने बताया कि ऐसी स्थिति में त्वचा की सही देखभाल बेहद जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि गुनगुने पानी से ही स्नान करें, दिन में 2-3 बार मॉइस्चराइजर लगाएं, ठंडी हवा से बचें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से दवा लें।
केस 1
पांच साल की लड़की को अस्पताल में लेकर पहुंची एक महिला आरती ने बताया कि पिछले चार दिनों से बच्ची की त्वचा पर लाल दाने निकल आए थे। त्वचा इतनी रूखी हो गई कि रात में बच्चा लगातार खुजली करके सोती रही। जांच में इंफैंटाइल एक्जिमा पाया। उपचार शुरू करने के बाद स्थिति में सुधार आया।
केस-2
45 वर्षीय रमेश कुमार ने बताया कि सर्दी की शुरुआत के बाद रूखी त्वचा की तकलीफ से परेशान हो गए थे। हाथ व पैरों की त्वचा में गहरी पपड़ी उतरने लगी थी, जिससे खून भी निकलने लगा। डॉक्टर ने नियमित मॉइश्चराइजर लगाने की सलाह दी, अब त्वचा की स्थिति धीरे-धीरे ठीक हो रही है।
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करनाल। तापमान गिरते ही त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगी हैं। हड़ताल के बावजूद जिला नागरिक अस्पताल की त्वचा रोग ओपीडी में रोजाना करीब 100 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें रूखी त्वचा, एक्जिमा, खुजली, जलन और लाल चकत्तों की शिकायतें सबसे ज्यादा हैं। त्वचा रोग ओपीडी में इन समस्याओं के 70 प्रतिशत मरीज आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंगल ने बताया कि ठंडी हवा और कम होती नमी त्वचा की प्राकृतिक नमी को तेजी से कम कर देती है। उन्होंने कहा कि सर्दी में हवा शुष्क हो जाती है। जब त्वचा की ऊपरी परत नमी खो देती है, तो वह फटने लगती है और यही रूखापन आगे चलकर एक्जिमा का रूप ले लेता है जिनकी त्वचा पहले से संवेदनशील है, उनमें यह समस्या ज्यादा दिख रही है।
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डॉ. सिंगल के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या अधिक दिखाई दे रही है। बच्चे बाहर खेलने के दौरान ठंडी हवा के संपर्क में आ रहे हैं और बुजुर्गों की त्वचा उम्र बढ़ने के कारण पतली हो जाती है, जिससे सूखापन ज्यादा बढ़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर ध्यान न देने पर साधारण रूखापन भी एक्जिमा में बदल सकता है, इसलिए मरीजों को मौसम में बदलाव के साथ त्वचा की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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ये हो रही परेशानी
मरीजों में खुजली, लाल धब्बे, त्वचा फटने, जलन और हाथ-पैरों में सफेद पपड़ी जमने जैसी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। कई मरीज उपचार में देरी के कारण दोबारा ओपीडी में लौट रहे हैं।
- दिन में 2-3 बार मॉइस्चराइजर लगाएं
डॉ. सिंगल ने बताया कि ऐसी स्थिति में त्वचा की सही देखभाल बेहद जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि गुनगुने पानी से ही स्नान करें, दिन में 2-3 बार मॉइस्चराइजर लगाएं, ठंडी हवा से बचें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से दवा लें।
केस 1
पांच साल की लड़की को अस्पताल में लेकर पहुंची एक महिला आरती ने बताया कि पिछले चार दिनों से बच्ची की त्वचा पर लाल दाने निकल आए थे। त्वचा इतनी रूखी हो गई कि रात में बच्चा लगातार खुजली करके सोती रही। जांच में इंफैंटाइल एक्जिमा पाया। उपचार शुरू करने के बाद स्थिति में सुधार आया।
केस-2
45 वर्षीय रमेश कुमार ने बताया कि सर्दी की शुरुआत के बाद रूखी त्वचा की तकलीफ से परेशान हो गए थे। हाथ व पैरों की त्वचा में गहरी पपड़ी उतरने लगी थी, जिससे खून भी निकलने लगा। डॉक्टर ने नियमित मॉइश्चराइजर लगाने की सलाह दी, अब त्वचा की स्थिति धीरे-धीरे ठीक हो रही है।