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Karnal News: ड्रेन पुल निर्माण का कार्य पांच साल से अटका

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2024 06:00 AM IST
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Drain bridge construction work stuck for five years
- नवनिर्माण का टेंडर लगाया तो पता चला 50 साल पहले गलत जगह बना था पुल
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुंडला। कतलाहेड़ी गांव में ड्रेन के पुल का निर्माण पांच साल से अटका है। ग्रामीणों ने बताया कि कतलाहेड़ी गांव के इस पुल का निर्माण वर्ष 2019 से अटका है। कतलाहेड़ी गांव से कुचपुरा तक सड़क तो बन गई थी परंतु इस पुल का निर्माण नहीं हो पाया। शुरुआत से इसमें अड़चनें आती रहीं हैं।

टेंडर अलॉट होने के बाद निशानदेही हुई तो पता चला कि पुल का रास्ता ही दूसरी जगह है। नए रास्ते पर पुल बनाने की बात आई तो लंबाई बढ़ गई। पुल का खर्च बढ़ने के बाद परियोजना अटक गई है। टेंडर प्रक्रिया में ही पांच साल का समय बीत गया लेकिन नए पुल की नींव नहीं रखी गई।
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स्थानीय निवासी नीरण राणा, राहुल राणा, मित्रपाल ने बताया कि अगर नये पुल का निर्माण हो जाता है तो उनकी वर्षों से दबी जमीन निकल आएगी। क्योंकि पुल का निर्माण विभाग की ओर से गलत जगह पर किया गया जिस कारण सड़क भी उनकी जमीन में से निकाल दी गई। लेकिन निशानदेही ये पता चला कि असली पुल दूसरी जगह पर है। नए पुल को लेकर विभागीय प्रक्रिया शुरू हुई तो उन्हें आस जगी कि अब जल्द उनकी दबी जमीन निकल जाएगी। लेकिन पिछले पांच वर्षों से यह प्रोजेक्ट फाइल में ही चक्कर काट रहा है।
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नहरी विभाग की करीब 50 साल पहले की चूक ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई थी। इधर, निजी जमीन से सड़क निकालने से नाराज परिवार के सदस्य कुछ घंटों के लिए रास्ता बंद कर प्रशासन को चेतावनी भी दे चुके हैं लेकिन उनकी समस्या ज्यों की त्यों है।

कतलाहेड़ी गांव निवासी मित्रपाल व नीरज चौहान ने बताया कि करीब 50 साल पहले नहरी विभाग ने ड्रेन पर ऐसी जगह पुल बना दिया जहां से आगे सरकारी रास्ता ही नहीं था। उनके बुजुर्गों को इतनी जानकारी नहीं थी। कई सालों बाद पुल को मुख्य रास्ते से जोड़ने के लिए उनके बाड़े से सड़क निकाल दी गई। उनकी जमीन से सड़क बनी तो बुजुर्गों ने कागज दिखाए परंतु सुनवाई नहीं हुई। अब नया पुल बनाने से पहले निशानदेही करवाई तो पता चला कि यह रास्ता दूसरी जगह पर है। अब दूसरी पीढ़ी को उनकी पुश्तैनी जमीन वापस मिलेगी।

परिवार ने एक दिन रास्ता बंद कर प्रशासन को जल्द पुल बनाने की चेतावनी दी थी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन जल्द सही जगह पर पुल बनाकर उनकी जमीन छोड़े। पुल का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो उनकी जमीन से निकाली सड़क को बंद कर दिया जाएगा।

कई गांवों को जोड़ता है रास्ता
गत दिनों कतलाहेड़ी गांव के परिवार ने पुश्तैनी जमीन से निकाला रास्ता बंद कर दिया था। कतलाहेड़ी गांव की ड्रेन पर बने पुल के आगे का रास्ता बंद होता तो कतलाहेड़ी, गोंदर, औंंगद, अलिपुर, हथलाना, मंजूरा व प्योंत सहित कुछ अन्य गांव के लोगों को परेशानी होगी। यह रास्ता कई गांवों को जोड़ता है। इसलिए रोजाना हजारों वाहन चालक इससे गुजरते हैं।
वर्जन
ड्रेन के पुल का 2.40 करोड़ का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। इसका टेंडर लगा दिया गया है। टेंडर अलॉट होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
- संदीप सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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