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Karnal News: हमले से पहले कुत्ते देते हैं संकेत, समझकर हमले से बचें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Dec 2025 12:48 AM IST
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Dogs give signals before attacking, understand and avoid attack
करनाल ।अनजान कुत्तों के पास न जाएं और न ही उन्हें परेशान करें। कुत्ते आप पर हमला कर घायल कर सकते हैं। कुत्तों के सोते समय, खाना खाते समय या खिलौने से खेलते समय उनको छेड़ना खतरनाक हो सकता है। कुत्ते की बॉडी लैंग्वेज समझते हुए, शांत रहकर, धीरे चलकर अपने आप को उनके आक्रमण से बचाया जा सकता है। गुर्राना, दांत दिखाना, पूंछ दबाना, कान पीछे करना, आंखें चुराना, बार-बार जम्हाई लेना संकेत है कि कुत्ता असहज है। दूरी बनाए रखें।
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भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड ने ये हिदायतें जारी की हैं। इनमें बताया गया है कि आवारा कुत्तों के हमले पर लोगों और बच्चों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं। कैसे एक कुत्ते के हमले से बचा जा सकता है और कैसे पहचान की जा सकती है कि कोई कुत्ता आप पर हमला करने वाला है। कुत्ते के कुछ संकेत बता देते हैं कि आप पर हमला कर आपको काट सकता है और घायल कर सकता है।
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शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग-बाइट की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बोर्ड ने व्यापक कार्ययोजना जारी की है। इसमें जिम्मेदार फीडिंग, ठोस कचरा प्रबंधन, गोद लेने को बढ़ावा और नागरिकों में जागरूकता फैलाने को भी प्राथमिकता दी गई है। हर संस्थान में एक नोडल अधिकारी को तैनात कर उनके लिए जिम्मेदारी निर्धारित की गई है कि वे विद्यार्थियों, बच्चों और कर्मचारियों को कुत्तों के व्यवहार, सुरक्षा उपायों और डॉग-बाइट से बचने के तरीकों के बारे में जागरूक करें।
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हिदायतें

- संकेतों को समझें : गुर्राना, दांत दिखाना, पूंछ दबाना, कान पीछे करना, आंखें चुराना, बार-बार जम्हाई लेना संकेत है कि कुत्ता असहज है। दूरी बनाए रखें।

- अनजान कुत्तों के पास न जाएं : किसी कुत्ते को छूने या दुलारने से पहले हमेशा उनके मालिक की अनुमति लें।

- परेशान न करें : सोते समय, खाना खाते समय या खिलौने से खेलते समय कुत्ते को छेड़ना खतरनाक हो सकता है।

- सिखाएं सुरक्षित व्यवहार : बच्चों को कुत्ते को धीरे से छूना चाहिए, उसके कान, पूंछ या फर नहीं खींचने चाहिए और न ही उसे गले लगाना या चढ़ना चाहिए।

- शांत रहें और धीरे चलें : कुत्ते तेज हरकतों पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं। अगर कोई कुत्ता करीब आए तो न भागें, न चिल्लाएं।

- हमले की स्थिति में : खुद को बचाने के लिए बैग या जैकेट आगे रखें। जमीन पर गिरने पर गोले की मुद्रा बनाकर अपने चेहरे और गर्दन को बचाएं।

- पालतू कुत्तों पर सख्ती : मालिकों को अपने पालतू कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर हमेशा पट्टे में रखना होगा और उन्हें प्रशिक्षण देना जरूरी होगा।






कचरा निस्तारण की सिफारिश

पशु चिकित्सक डॉ. तरसेम राणा ने बताया कि बोर्ड के अनुसार, कुत्तों की अनियंत्रित जनसंख्या का सबसे बड़ा कारण खुले में फैला कचरा भी है। इसलिए शहरभर में कचरा निस्तारण व्यवस्था सुधारने, कूड़ेदानों की संख्या बढ़ाने और नागरिकों को जिम्मेदार फीडिंग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे न केवल कुत्तों की संख्या नियंत्रित होगी, बल्कि उनकी आक्रामकता में भी कमी आएगी। आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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