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जिले को मिला 690 मीट्रिक टन डीएपी खाद, कुछ राहत की आस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 02:18 AM IST
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District got 690 metric tons of DAP fertilizer, hope for some relief
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। गेहूं बिजाई के लिए जिले में डीएपी खाद का एक रैक मंगलवार को उपलब्ध हो गया है। आईपीएल कंपनी का यह करीब 1250 मीट्रिक टन खाद का रैक है, जिसमें से करनाल को 690 मीट्रिक टन डीएपी खाद मिला है। इसके अलावा मंगलवार तक जिले में डीएपी खाद की उपलब्ध मात्रा 2185 मीट्रिक टन है।
गेहूं बिजाई को लेकर करनाल सहित अन्य जिलों में फिलहाल डीएपी खाद का टोटा बना हुआ है। ऐसे में करनाल को 690 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध होने से कुछ राहत की उम्मीद है, हालांकि कुल 2875 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध होने के बावजूद जिले में डीएपी का संकट टला नहीं है। किसानों को पूरी मात्रा में खाद नहीं मिल रहा। विदित हो कि पूरे रबी सीजन में सभी फसलों के लिए करीब 30 हजार मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत पड़ती है। करीब 1.72 लाख हेक्टेयर रकबे में गेहूं बिजाई के लिए ही 20 हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त अन्य फसलों में भी खाद की आवश्यकता होती है।
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अवशेष प्रबंधन तकनीक में खाद-बीज साथ-साथ जरूरी
हैप्पी सीडर मशीन व जीरो ड्रिल मशीन से फसल अवशेष प्रबंधन के साथ गेहूं बिजाई करते हुए वैज्ञानिक पहलू के हिसाब से बीज व खाद साथ ही डालने पड़ते हैं। 100 किलोग्राम डीएपी खाद में मुख्य पोषक तत्व फास्फोरस 46 प्रतिशत व नाइट्रोजन 18 प्रतिशत होता है। शुरू में पौधा एक सप्ताह तक बीज से ही भोजन लेता है। उसके बाद उसे नाइट्रोजन की जरूरत होती है। डीएपी से उसकी पूर्ति हो जाती है। फास्फोरस को बीज के साथ इसलिए डाला जाता है, क्योंकि यह ऐसा तत्व है जो भूमि में जहां डालते हैं, उसी निश्चित दायरे में असर करता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा के आधार पर निश्चित मात्रा में ही रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करें। कोई भी खाद अनियंत्रित रूप से न डालेें।
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डा. दीपक कुमार, अनुसंधान वैज्ञानिक, अंतरराष्ट्रीय एवं मक्का गेहूं सुधार केंद्र।
गेहूं बिजाई की चिंता
डीएपी खाद बिना गेहूं की बिजाई करना चिंता का विषय बन गया है। डीएपी कहीं भी उपलब्ध नहीं है। इसकी जगह यदि एनपीके खाद डालें तो उसकी मात्रा डेढ़ गुना करनी पड़ती है। एनपीके खाद महंगा है। को-आपरेटिव सोसाइटी में बार-बार संपर्क कर रहे हैं लेकिन सकारात्मक जवाब नहीं मिलता।

- हरप्रीत सिंह, किसान
उपलब्धता के आधार पर मिलता रहेगा खाद
डीएपी खाद का एक रैक मंगलवार को आया है। उपलब्धता के आधार पर किसानों को खाद मुहैया करवाया जाएगा। आगे भी नियमित रूप से रैक आने की उम्मीद है। उपायुक्त के आदेश पर सभी खाद वितरण केंद्रों पर जांच चल रही है। संबंधित क्षेत्र के उपमंडल अधिकारी (नागरिक) इस अभियान के नोडल अधिकारी हैं। कृषि अधिकारियों की भी ड्यूटी लगी है। कोई गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
- डा. आदित्य प्रताप डबास, उपनिदेशक, कृषि विभाग।
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