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निसिंग में डायरिया के मरीज 100 के पार, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Aug 2021 02:38 AM IST
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Diarrhea patients cross 100 in Nissing, stir in health department
निसिंग (करनाल)। क्षेत्र में डायरिया के मरीजों की संख्या करीब 125 तक पहुंच गई है। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। लोगों में भी दहशत है। सीएचसी में प्रतिदिन दर्जन भर डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं। हालात को देखते हुए डॉ. अमन के नेतृत्व में आईडीएसपी करनाल की टीम वार्डों में पहुंची। उन्होंने घर-घर जाकर बीमार लोगों का हाल जाना और रक्त व पानी के सैंपल एकत्रित कि ए। वार्ड 1 और 13 में अस्थाई ओपीडी भी शुरू करा दी गई है। सरकारी अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को भर्ती करके उपचार किया जा रहा है। तीन दिन बाद कई मरीजों को छुट्टी दे दी गई है। विभाग ने तीन टीमें भी गठित कर दी हैं जो वार्डों में जाकर जांच कर रही हैं।
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सात अगस्त को आया पहला मरीज
मंगलवार को जब यहां की स्थिति को देखा गया तो अस्पताल में एक दर्जन से अधिक मरीज दाखिल मिले। जिनमें एक बच्चा और ज्यादातर महिलाएं थीं। सभी ने बीमारी का कारण इलाके में गंदे पानी की आपूर्ति को बताया। जिसको लेकर नगरपालिका और जन स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सात अगस्त को डायरिया का पहला मरीज आया था। जिसके बाद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है, जो अब तक जारी है।
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-सात अगस्त को उल्टी व दस्त होने पर अस्पताल में भर्ती हुई थी। उपचार के बाद अब आराम है। शायद गंदा पानी पीने की वजह से बीमार हुई।
-ऊषा वार्ड 4
-9 अगस्त को पेट दर्द हुआ था जिसके बाद अस्पताल में उपचार लिया। अब कुछ हद तक आराम है।
ऊषा रानी, सांभली
वार्ड 1 में काफी समय से गंदा पानी आ रहा है, जिसको लेकर विभाग को अवगत भी करवाया गया लेकिन समाधान न होने से बीमार होकर खामियाजा भुगतना पड़ा।
-सुमन वार्ड 1
-बारिश में पानी की निकासी न होने की वजह से नालों का गंदा पानी पीने के पानी की पाइप लाइन में घुसने से यह पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं।
-संतोष
डायरिया के लक्षण
निसिंग सीएचसी के एसएमओ डॉ राजेश जौहरी ने बताया कि डायरिया गंदा पानी पीने, बासी व दूषित भोजन एवं अस्वच्छ खानपान एवं सड़े गले फल व सब्जियों के सेवन से फैलता है। बारिश के मौसम में वायरस भी अधिक फैलता है। जिससे खाद्य पदार्थ शीघ्र खराब हो जाते हैं। उन पर फफूंद लग जाती है। उपचार में देरी होने पर डायरिया से मौत भी हो सकती है। डायरिया से इंफेक्शन के कारण पेट में दर्द होने लगता है। उल्टी व दस्त शुरू हो जाते हैं। आंत का बुखार, मशल पेन, कमजोरी व थकान महसूस होती है।
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डायरिया से बचाव के तरीके
ताजा एवं स्वच्छ भोजन लें। बासी भोजन से परहेज करेें, पानी को उबाल कर पीएं, घरों के पानी की टंकी की सफाई करें, खाद्य एवं पेय पदार्थों को ढककर रखें, थोड़ी दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श दें।

-पानी के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी 48-72 घंटे में रिपोर्ट आने की संभावना है। वहीं हेपेटाइटिस ए और ई के सैंपल लेकर क्लोरीन व ओआरएस भी वितरित किए गए। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। हालांकि बारिश में पानी की निकासी न होने से दूषित पानी पीने के पानी की पाइप में घुसने से भी हो लोग बीमार हो सकते हैं।
-डॉ अमन, आईडीएसपी टीम सदस्य करनाल
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