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Karnal News: लाखों खर्च करने के बाद भी खाली पड़े शेल्टर होम
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जिला नागरिक अस्पताल में घूमते कुत्ते
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में आवारा और आक्रामक कुत्तों की समस्या गंभीर होती जा रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इससे सबक लेने को तैयार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर तो बना दिए लेकिन इनमें एक भी आक्रामक कुत्ते को पकड़ कर नहीं छोड़ा। नतीजतन समस्या ज्यों की त्यों है। हालात ये हैं कि एक दिन पहले ही शहर के विकास नगर में करीब 10 साल के बच्चे को कुत्तों ने नोचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया फिर भी नगर निगम की ओर से हमलावर कुत्तों को शेल्टर होम में नहीं छोड़ा गया।
वीरवार को फिर से शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर झुंड में घूम रहे आक्रामक कुत्ते घूमते दिखाई दिए। शहर में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, जिला नागरिक अस्पताल में भी खुलेआम कुत्तों के झुंड देखे गए। शहर की सड़कों, गलियों में भी इन आक्रामक कुत्तों का इतना खौफ देखने को मिला कि इनसे स्कूल जाते बच्चे, सुबह-शाम टहलने निकलने वाले बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा डर के साए में दिखे। इससे पहले भी कई जगहों पर कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं लेकिन प्रशासनिक स्तर पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
हालांकि औपचारिकताएं पूरी करने के लिए निगम की ओर से हेल्पलाइन नंबर 18001802700 जारी किया गया है। इस पर लोग कुत्तों को पकड़ने की शिकायत दे सकते हैं। वहीं किसी कुत्ते के काटे जाने पर भी निगम अधिकारी उन्हें आक्रामक कुत्ते नहीं मान रहे। निगम अधिकारी ये कहने पर लगे हैं कि उन्हें आक्रामक कुत्तों की कोई जानकारी नहीं है। उन्हें नहीं पता कि कौन सा कुत्ता आक्रामक है और कौन सा नहीं। अगर कोई उन्हें बताएगा तो वे उसे पकड़कर शेल्टर में डाल सकते हैं। वर्ना नसबंदी का काम तो जारी है ही। जहां से कुत्ते उठाएंगे वापस वहीं पर छोड़े जाएंगे।
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शेल्टर बने, लेकिन इस्तेमाल नहीं
नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों को रखने और उनकी देखरेख के लिए शहर में चार स्थानों पर शेल्टर होम बनाए जाने थे। इनमें से केवल तीन स्थानों पर ही शेल्टर तैयार किए गए। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी वे आज तक खाली पड़े हैं। न तो इनमें आक्रामक कुत्तों को रखा जा रहा है और न ही इनके संचालन के लिए कोई ठोस व्यवस्था की गई है।
- शहर से आक्रामक कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजा जाएगा। इसके लिए निगम अधिकारियों को सख्ती से निर्देश जारी किए जाएंगे। शहर के लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
- डॉ. वैशाली शर्मा, आयुक्त, नगर निगम
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करनाल। शहर में आवारा और आक्रामक कुत्तों की समस्या गंभीर होती जा रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इससे सबक लेने को तैयार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर तो बना दिए लेकिन इनमें एक भी आक्रामक कुत्ते को पकड़ कर नहीं छोड़ा। नतीजतन समस्या ज्यों की त्यों है। हालात ये हैं कि एक दिन पहले ही शहर के विकास नगर में करीब 10 साल के बच्चे को कुत्तों ने नोचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया फिर भी नगर निगम की ओर से हमलावर कुत्तों को शेल्टर होम में नहीं छोड़ा गया।
वीरवार को फिर से शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर झुंड में घूम रहे आक्रामक कुत्ते घूमते दिखाई दिए। शहर में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, जिला नागरिक अस्पताल में भी खुलेआम कुत्तों के झुंड देखे गए। शहर की सड़कों, गलियों में भी इन आक्रामक कुत्तों का इतना खौफ देखने को मिला कि इनसे स्कूल जाते बच्चे, सुबह-शाम टहलने निकलने वाले बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा डर के साए में दिखे। इससे पहले भी कई जगहों पर कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं लेकिन प्रशासनिक स्तर पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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हालांकि औपचारिकताएं पूरी करने के लिए निगम की ओर से हेल्पलाइन नंबर 18001802700 जारी किया गया है। इस पर लोग कुत्तों को पकड़ने की शिकायत दे सकते हैं। वहीं किसी कुत्ते के काटे जाने पर भी निगम अधिकारी उन्हें आक्रामक कुत्ते नहीं मान रहे। निगम अधिकारी ये कहने पर लगे हैं कि उन्हें आक्रामक कुत्तों की कोई जानकारी नहीं है। उन्हें नहीं पता कि कौन सा कुत्ता आक्रामक है और कौन सा नहीं। अगर कोई उन्हें बताएगा तो वे उसे पकड़कर शेल्टर में डाल सकते हैं। वर्ना नसबंदी का काम तो जारी है ही। जहां से कुत्ते उठाएंगे वापस वहीं पर छोड़े जाएंगे।
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शेल्टर बने, लेकिन इस्तेमाल नहीं
नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों को रखने और उनकी देखरेख के लिए शहर में चार स्थानों पर शेल्टर होम बनाए जाने थे। इनमें से केवल तीन स्थानों पर ही शेल्टर तैयार किए गए। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी वे आज तक खाली पड़े हैं। न तो इनमें आक्रामक कुत्तों को रखा जा रहा है और न ही इनके संचालन के लिए कोई ठोस व्यवस्था की गई है।
- शहर से आक्रामक कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजा जाएगा। इसके लिए निगम अधिकारियों को सख्ती से निर्देश जारी किए जाएंगे। शहर के लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
- डॉ. वैशाली शर्मा, आयुक्त, नगर निगम