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Karnal News: विभाग ने 1327 घरों में खंगाले लार्वा, तीन को नोटिस
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- डेंगू मिलने पर फॉगिंग व एंटी लार्वा गतिविधियां करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग की गठित टीमों ने रविवार को 1327 घरों में मच्छर के लार्वा की तलाश की। इनमें से आठ घरों में पर लार्वा मिले और तीन मकान मालिकों को नोटिस थमाया। विभाग की टीमें रोजाना घर-घर जाकर मच्छर का लार्वा तलाश कर उन्हें नष्ट करवा रही है। साथ ही आमजन को डेंगू से बचाव के बारे सचेत व जागरूक भी कर रही है।
उप-सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की 166 टीमों ने अब तक 10,33,307 घरों को कवर कर लिया है। जिसमें से अभी तक 6265 घरों में लार्वा मिल चुका है और टीमों ने 3077 मकान मालिकों को नोटिस थमाए हैं। वहीं जिले में बुखार से पीड़ित 3922 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है। जिनमें से जिले में अब तक 80 डेंगू के केस आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि सभी तरह का बुखार डेंगू नहीं होता है। बुखार होने पर बिना समय गंवाए डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर जांच के बाद जैसा परामर्श दें उसके अनुसार अपना इलाज करवाएं। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
डेंगू के लक्षण
मलेरिया विंग से बायोलॉजिस्ट पिंकी ने बताया कि डेंगू बीमारी की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है। आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप नॉर्मल होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। इससे बचने के लिए कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें, छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें। बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग की गठित टीमों ने रविवार को 1327 घरों में मच्छर के लार्वा की तलाश की। इनमें से आठ घरों में पर लार्वा मिले और तीन मकान मालिकों को नोटिस थमाया। विभाग की टीमें रोजाना घर-घर जाकर मच्छर का लार्वा तलाश कर उन्हें नष्ट करवा रही है। साथ ही आमजन को डेंगू से बचाव के बारे सचेत व जागरूक भी कर रही है।
उप-सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की 166 टीमों ने अब तक 10,33,307 घरों को कवर कर लिया है। जिसमें से अभी तक 6265 घरों में लार्वा मिल चुका है और टीमों ने 3077 मकान मालिकों को नोटिस थमाए हैं। वहीं जिले में बुखार से पीड़ित 3922 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है। जिनमें से जिले में अब तक 80 डेंगू के केस आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि सभी तरह का बुखार डेंगू नहीं होता है। बुखार होने पर बिना समय गंवाए डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर जांच के बाद जैसा परामर्श दें उसके अनुसार अपना इलाज करवाएं। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
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डेंगू के लक्षण
मलेरिया विंग से बायोलॉजिस्ट पिंकी ने बताया कि डेंगू बीमारी की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है। आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप नॉर्मल होने लगता है। बुखार के साथ ही साथ शरीर में खून की कमी होने लगती है। इससे बचने के लिए कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें, छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें। बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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