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11 अगस्त से ही ई-अपॉइंटमेंट का ऐलान, आज भी साफ्टवेयर से जिम्मेदार अंजान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2020 02:45 AM IST
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declaration of e-appoinment from 11 but software not received
भले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कृषि भूमि के विलेखों (डीड) की रजिस्ट्रियां 17 अगस्त से दोबारा शुरू करने के ऐलान के साथ साथ यह आशा भी जताई है कि नए साफ्टवेयर से इससे काफी आसानी हो जाएगी, लेकिन तैयारियां देखकर ऐसा लग नहीं रहा है। सीएम ने कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए ई-अपॉइंटमेंट को 11 अगस्त से ही शुरू करने की बात कही थी लेकिन अभी ई-अपॉइंटमेंट शुरू नहीं किया जा सका है। खास बात यह है कि इस नए साफ्टवेयर के बारे में अभी तक सभी अनजान हैं। यही कारण है कि असमंजस की स्थिति बनी होने के कारण किसानों ने ई-अपॉइंटमेंट कराना शुरू नहीं किया है।
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रजिस्ट्री में गड़बड़ी रोकने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार की ओर से नया साफ्टवेयर लाने की बात कही गयी, जिसके कारण 22 जुलाई से ही जमीन की सभी तरह की रजिस्ट्री बंद हैं। साफ्टवेयर के अपग्रेडेशन का कार्य चल रहा है, ऐसा अफसरों द्वारा कहा जा रहा है। करनाल वसीका नवीस एसोसिएशन के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि साफ्टवेयर का नया वर्जन कैसा है, इसके बारे में अभी तक कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। क्योंकि अभी तक इस बारे में कोई स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। जब नोटिफिकेशन मिल जाएगा, उसके बाद ही यह कहा जा सकेगा कि यह किसानों के लिए कितना अच्छा रहेगा। इतना जरूर है कि अब तक किसानों, खेतिहरों को कृषि जमीन की रजिस्ट्री कराने से
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पहले तहसील कार्यालय आकर रजिस्ट्रेशन कराकर टोकन लेना होता था, लेकिन अब उन्हें मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी, वह अपने घर बैठे या फिर किसी भी सीएचसी से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर रजिस्ट्री के लिए टोकन ले सकेंगे। इस टोकन में उनकी जमीन की रजिस्ट्री कब व किस समय होगी, यह पूरी जानकारी अंकित होगी। वह उस निर्धारित तिथि व समय पर आकर रजिस्ट्री करा सकेंगे। उन्हें अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने होंगे। इधर, तहसील कार्यालय पर अन्य कार्यो से पहुंचे किसानों ने बताया कि रजिस्ट्री का कार्य बंद होने से दिक्कतें तो बहुत आ रही है, क्योंकि जमीन की खरीद फरोख्त का कार्य ठप हो गया है। हालांकि लोग जमीन का सौदा तो कर रहे हैं लेकिन रजिस्ट्री बंद होने के कारण सौदा होने के बाद भी मुकर जाने जैसी आशंकाएं बनी रहती हैं। सरकार को अपनी रजिस्ट्री नीति को स्पष्ट करना चाहिए। बहुत से किसान ऐसे हैं, जो ई-अपॉइंटमेंट स्वयं नहीं कर पाएंगे, उन्हें तहसील मुख्यालय आना ही होगा।
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लॉकडाउन से पहले सरकार हर रोज 90 टोकन जारी करती थी, जिसमें औसतन 50 से 60 रजिस्ट्री हर रोज हो जाती थी। लेकिन लॉकडाउन के बाद इनमे भारी कमीं कमीं आई, इसके बाद 22 जुलाई से तो सरकार ने ही रजिस्ट्री बंद कर रखी है। अब 17 अगस्त से ही रजिस्ट्री का कार्य शुरू होगा। वसीका नवीस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि ई-अपाइंटमेंट 11 अगस्त से शुरू करने का ऐलान तो किया गया लेकिन वेबसाइट व साफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण अभी ई-अपाइंटमेंट किए नहीं जा सके हैं।

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-ई-अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है, एनओसी का दायरा भी बढ़ने की संभावना है। 17 अगस्त से ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि की रजिस्ट्री का कार्य शुरू हो जाएगा। तब तक सरकार की ओर गाइडलाइन भी प्राप्त हो जाएगी।
-राज बख्श, तहसीलदार करनाल।
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