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Karnal News: डीसी को सिविल अस्पताल में नहीं मिली दवा, सीएमओ बोले घर पहुंचा देंगे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jun 2023 12:02 AM IST
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DC did not get medicine in civil hospital, CMO said will deliver it home
पानीपत। सिविल अस्पताल में दवा की कमी बरकरार है। आम मरीजों को तो दूर खुद डीसी को भी आंखों की दवा नहीं मिली।सीएमओ और डॉक्टरों ने मजबूरी में डीसी को दवा घर पहुंचाने की बात कही। ऐसे में डीसी को बिना वापस आना पड़ा।
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इधर, आम लोगों को भी अस्पताल में दवाओं के लिए दिनभर भटकना पड़ा। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में सिविल अस्पताल में दवा की कमी के समाचार को ''अस्पताल में मरीजों को डॉक्टर मिले, जरूरी दवा खत्म'' शीर्षक से प्रकाशित किया था।
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डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया मंगलवार दोपहर पौने दो बजे सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा के साथ सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अपनी आंखों की जांच कराने की बात कही। डॉ. केतन और अंजली ने उनकी आंखों की जांच की। इसके बाद सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने टार्च लेकर डीसी की आंखों की खुद जांच की। इसके बाद मशीन से भी जांच की गई। डॉक्टर जांच करने के बाद दवा देने के समय एक-दूसरे की ओर देखने लगे।
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सीएमओ ने स्थिति को संभाला और डीसी को दवा घर पहुंचाने की बात कही। डीसी स्थिति देेखने के बाद लंबी सांस लेकर गाड़ी में बैठकर चले गए। डीसी अपनी डायरी और फाइल अस्पताल में ही छोड़ आए। सीएमओ उनको डायरी और फाइल पहुंचाई। विदित हो कि डीसी का एक महीने में दूसरी बार सिविल अस्पताल पहुंचे। डीसी ने बताया कि आंख जांच कराने सिविल अस्पताल गए थे। सीएमओ को दवाओं को उपलब्ध कराने की बात कही है।

डीसी ही नहीं मरीज भी बिना दवा लौटे
सिविल अस्पताल से डीसी ही नहीं मंगलवार को सैकड़ों लोग बिना दवा लौटे। अधिकारियों ने डीसी के घर आंखों की दवा पहुंचा दी, लेकिन लोगों को निजी दुकान पर जेब ढीली करनी पड़ी। लोगों का कहना है कि अस्पताल में एक भी दिन डॉक्टरों की लिखी सभी दवा नहीं मिलती। यहां आकर रोग कम होने के बजाय बढ़ जाता है।

परेशानी मरीजों की जुबानी
कोट्स फोटो
लिखी थी 10, मिली तीन दवा : काकू
गांव रिसालू निवासी काकू ने बताया कि वह अपने पिता को सिविल अस्पताल में दिखाने लाया था। डॉक्टर ने 10 दवा लिखी। इनमें से तीन ही दवा अस्पताल में मिली। अस्पताल में पर्ची बनवाने से लेकर दवा लेने तक सिफारिश चलती है। सिफारिशी सीधे आते ही दवा ले जाते हैं, जबकि बाकी लोग इंतजार में खड़े रहते हैं।

कोट्स फोटो
नहीं मिलती पूरी दवा : जगदीश
अमर भवन चौक निवासी जगदीश ने बताया की उसे शुगर है। वह कई साल से इसकी दवा खा रहा है। डॉक्टर ने मंगलवार को चार दवा लिखी थी। इनमें से केवल एक दवा मिली। उसको साफ तौर पर कहा कि सरकारी अस्पताल में दवा नहीं मिलेंगी तो दो-तीन घंटे लाइन में लगने का कोई फायदा नहीं। यहां आने पर तो बीमारी बढ़ जाती है।


कोट्स फोटो
तीन में से एक भी नहीं मिली : शीतल
सेक्टर-11-12 निवासी शीतल ने बताया की उसके भाई देव के छाती में दर्द था। वह उसकी दवा लेने अस्पताल में आई थी। डॉक्टर ने उसको तीन दवा लिखकर दी। अस्पताल के स्टोर पर एक भी दवा नहीं मिली। गर्मी में घर से इतनी दूर आकर पूरा दिन चक्कर काटने के बाद भी दवा नहीं मिली। इससे अच्छा को वह प्राइवेट अस्पताल में चली जाती।
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