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मेडिकल कॉलेज में ही होगी 6 जिलों के विसरे की जांच
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करनाल व आसपास के पांच जिलों के ऐसे मृतक जिनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाता है, उनका विसरा रिजर्व करके जांच के लिए भेजा जाता है। उनके विसरे की जांच अब कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में होगी। मेडिकल कॉलेज ही ऐसे व्यक्तियों के मरने का कारण बताएगा। इससे पहले रोहतक व मधुबन में विसरे की जांच हो रही थी। रोहतक पीजीआई से मेडिकल कॉलेज को पत्र मिला है जिसमें कहा है कि करनाल के आसपास के पांच जिलों में मरने वाले व्यक्तियों का पोस्टमार्टम होने के बाद उस विसरे की जांच करनी शुरू की जाए। इसके लिए मेडिकल कॉलेज ने 5 कर्मियों को नियुक्त करने की मांग भी भेज दी है। जल्द मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में विसरा जांच शुरू की जाएगी। इन पांच जिलोें में पानीपत, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर व जींद शामिल है। करनाल के विसरे की जांच भी मेडिकल कॉलेज में हो रही है।
नहीं करना पड़ेगा इंतजार
किसी की मौत के बाद पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाता है। इस दौरान जिन मृतकों की मौत के कारणों का पता नहीं चलता उसके विसरे को जांच के लिए भेजा जाता है। इससे पहले रोहतक व मधुबन में विसरे की जांच होती थी। विसरे की जांच होने पर ही मृतक की मौत के कारणों का पता चलता है। ऐसे में विसरे की रिपोर्ट के लिए पीड़ितों व पुलिस को लंबा इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज के निदेशक का कहना है कि समय पर ही विसरे की रिपोर्ट पुलिस को दी जाएगी ताकि पुलिस जांच में देरी न हो।
रोहतक पीजीआई में बढ़ गया था लोड
रोहतक पीजीआई के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सामने आया है कि रोहतक में विसरे की जांच का लोड बढ़ गया था। इस कारण उच्च अधिकारियों ने यह निर्णय लिया है कि करनाल के आसपास के जिलों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में जोड़ा जाए ताकि रोहतक का लोड कम हो सके और समय पर पुलिस को विसरा रिपोर्ट मिल सके।
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रोहतक पीजीआई से निर्देश जारी किए गए हैं कि करनाल सहित जींद, कैथल, कुुरुक्षेत्र, यमुनानगर व पानीपत में मरने वालों की विसरे की जांच मेडिकल कॉलेज में कराना सुनिश्चित करें। इसके लिए पांच कर्मचारियों की डिमांड भेजी है जल्द इन कर्मचारियों की भर्ती कर दी जाएगी। ताकि मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में समय पर जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जा सके।
-डॉ. जगदीश दुरेजा, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल।
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नहीं करना पड़ेगा इंतजार
किसी की मौत के बाद पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाता है। इस दौरान जिन मृतकों की मौत के कारणों का पता नहीं चलता उसके विसरे को जांच के लिए भेजा जाता है। इससे पहले रोहतक व मधुबन में विसरे की जांच होती थी। विसरे की जांच होने पर ही मृतक की मौत के कारणों का पता चलता है। ऐसे में विसरे की रिपोर्ट के लिए पीड़ितों व पुलिस को लंबा इंतजार करना पड़ता था लेकिन अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज के निदेशक का कहना है कि समय पर ही विसरे की रिपोर्ट पुलिस को दी जाएगी ताकि पुलिस जांच में देरी न हो।
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रोहतक पीजीआई में बढ़ गया था लोड
रोहतक पीजीआई के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सामने आया है कि रोहतक में विसरे की जांच का लोड बढ़ गया था। इस कारण उच्च अधिकारियों ने यह निर्णय लिया है कि करनाल के आसपास के जिलों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में जोड़ा जाए ताकि रोहतक का लोड कम हो सके और समय पर पुलिस को विसरा रिपोर्ट मिल सके।
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रोहतक पीजीआई से निर्देश जारी किए गए हैं कि करनाल सहित जींद, कैथल, कुुरुक्षेत्र, यमुनानगर व पानीपत में मरने वालों की विसरे की जांच मेडिकल कॉलेज में कराना सुनिश्चित करें। इसके लिए पांच कर्मचारियों की डिमांड भेजी है जल्द इन कर्मचारियों की भर्ती कर दी जाएगी। ताकि मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में समय पर जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जा सके।
-डॉ. जगदीश दुरेजा, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल।