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Karnal News: अटीं मंडियां, रास्ते जाम, आज बंद रहेगी खरीद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Oct 2024 04:25 AM IST
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Crowded markets, roads jammed, purchasing will remain closed today
- राइस मिलर्स की कमी के कारण नियमित नहीं हो रही खरीद, एमएसपी से 200 रुपये कम पर बिक रहा धान
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- रास्तों में धान डाले जाने के कारण मंडियों में आवागमन हुआ बाधित

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मंडियों से धान का उठान नहीं हो पाने के कारण करनाल मुख्य मंडी सहित जिलेभर की अनाज मंडियां फुल हो गई हैं। मंडियों के अंदर जाम लग गया है। आढ़तियों, राइस मिलरों, किसानों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। परिणाम ये है कि करनाल, घरौंडा, जुंडला सहित कई अनाज मंडियों में रविवार को धान की खरीद बंद रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि मंडियों से उठान करा उन्हें खाली किया जा सके। अनाज मंडियों की ये स्थिति राइस मिलरों का पंजीकरण न हो पाने और खरीद के लिए मंडियों में नहीं पहुंचने के कारण हो रही है। इससे मंडियों में एमएसपी से 200 रुपये प्रति क्विंटल कम पर धान बिक रहा है।
इस बार राइस मिलर शुरू से ही आंदोलित हैं। उनकी मांग है कि एफसीआई जो अब प्रति क्विंटल धान के बदले 67 किलो सीएमआर लेती है, उसकी दर घटाकर 60 से 62 किलो करे। कुछ अन्य मांगें भी हैं लेकिन एफसीआई उनकी मांग मानने को तैयार नहीं है, यही कारण है कि इस बार सिर्फ 40 प्रतिशत राइस मिलर ही मंडियों में पहुंचे हैं। एजेंसियों के पास धान खरीदकर रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
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धान का उठान करने वाली एजेंसी के पास भी संसाधनों की भारी कमी है, जिससे अब ट्रकों के स्थान पर ट्रालियां भी लगानी पड़ रही हैं। सीएम के आदेश पर विधायक भी मंडियों में उतरे थे लेकिन सिर्फ नमी चेक करके और दिशा निर्देश जारी करने तक सीमित रहे, किसानों को कोई खास राहत नहीं मिल पाई है। करनाल नई मंडी आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राज कुमार सिंगला ने बताया कि धान की एमएसपी 2320 रुपये हैं लेकिन किसानों का धान 2100 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा जा रहा है। राइस मिलर आधे से भी कम मंडियों में आए हैं।
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ई-खरीद पोर्टल पर किसानों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है, कई किसानों को गेट से ही लौटना पड़ रहा है, पोर्टल में उसका नाम ही शो नहीं हो रहा है। उठान न होने के कारण पूरी मंडी धान से अट गई है, जाम लग गया है। आवागमन नहीं हो पा रहा है। इधर मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि रविवार को मंडी में धान की खरीद बंद रखी जाएगी, सिर्फ उठान होगा, ताकि मंडी में धान के लिए जगह खाली हो सके।
उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि जिले में 15 मंडी और विक्रय केंद्रों पर अब तक दो लाख 14 हजार 364 मीट्रिक टन धान मंडियों में आई, जिससे सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा गया। इसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 1 लाख 37 हजार 841 मीट्रिक टन धान, हैफेड द्वारा 47 हजार 188 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउस कार्पोरेशन द्वारा 29 हजार 335 मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
अनाज मंडी के रास्ते हुए बंद

जुंडला। अनाज मंडी जुंडला में उठान कार्य में तेजी को लेकर रविवार को एक दिन के लिए अवकाश का निर्णय लिया है। मंडी सचिव बलवान सिंह ने बताया कि जुंडला मंडी में धान व धान से भरी बोरियों का उठान न होने के कारण किसानों को फड़ों पर फसल डालने के लिए जगह नहीं मिल रही।
अनाज मंडी में प्रवेश से लेकर रास्ते बंद होने पर धान डालने के लिए फड़ों पर रिक्त स्थान नहीं बचा है, जिस कारण मंडी बिल्कुल जाम है। जिसमें धान उठान को मंडी से लगते दोनों रास्तों पर ट्रैक्टर ट्रालियों के जाम होने से खरीदी हुई फसल का उठान नहीं हो पा रहा है। संवाद
- हैफेड द्वारा खरीदी गई समर्थन मूल्य पर धान की करीब पांच गाड़ियां दिनों से मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने खड़ी हैं। जिस संबंध में हैफेड इंस्पेक्टर भूमिका ने बताया कि सरकार द्वारा मिलों की कागजी प्रक्रिया में देरी होने के कारण मिल में गाड़ी खाली नहीं हो सकीं। इस कारण धान से लोड हुई गाड़ियों को अनाज मंडी में ही खड़ा कर रखा गया। शनिवार की शाम तक सभी धान से लोड गाड़ियों को खाली करवा दिया जाएगा।
मंडी उठान ट्रांसपोर्टर सत्यवान सिंह ने कहा कि करीब पांच दिनों से धान से लोड हुईं गाड़ियां मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने खड़ी रहीं। शनिवार को धान से लोड हैफेड की गाड़ियों को मिल में अनलोडिंग करने के लिए ले जाया गया, लेकिन मिल पहुंचने पर धान की गुणवत्ता आंकी गई तो सरकारी मापदंडों के अनुकूल न पाए जाने पर गाड़ियां अनलोड नहीं हो सकीं, जिसका खामियाजा ट्रांसपोर्टर को भुगताना पड़ रहा है।


बल्ला मंडी में अनाज की तुलाई सुचारू

मूनक। बल्ला की अनाज मंडी में तुलाई न होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शेर सिंह, रणबीर मान पूर्व प्रधान, वेद प्रकाश, कर्मवीर, इंदर शर्मा ने बताया कि आज तुलाई चालू होने से किसानों को राहत मिली है।
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