लाइन पर काम करते समय पूर्व बिजली कर्मी की मौत, परिजनों ने लगाया जाम
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करनाल जिले के गांव संगोहा में बिजली लाइन पर काम करते समय करंट लगने से एक युवक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। परिजनों ने शव को रंबा के पास यमुनानगर हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया। करीब दो घंटों तक लगे जाम की वजह से हाइवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। रंबा चौकी प्रभारी ने बिजली निगम अधिकारियों से बातचीत करने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने आश्वासन देकर जाम खुलवाया। वहीं, निगम अधिकारियों ने इस मामले में दोषी एएलएम को सस्पेंड कर दिया तथा एक कांट्रेक्ट कर्मी को बर्खास्त कर दिया है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
गांव संगोहा निवासी रामलाल (32) की सोमवार को बिजली लाइन पर काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई है। परिजनों के अनुसार, रविवार की रात आई तेज आंधी की वजह से संगोहा क्षेत्र में बिजली के कई खंभे टूट गए थे। सोमवार को सुबह किसानों ने लाइनों को ठीक करवाने के लिए संगोहा शिकायत केंद्र पर शिकायत की थी। आरोप है कि एएलएम दीपक कुमार ने बिजली लाइनों को ठीक करने के लिए चूरनी फीडर बंद करने की परमिशन ली थी। पावर हाउस में ड्यूटी पर तैनात कर्मी राहुल ने परमिशन टाइम नोट करने के बाद फीडर को बंद कर दिया था। परमिशन मिलने के बाद एएलएम दीपक कुमार गांव के एक ही युवक रामलाल (पूर्व बिजली निगम कर्मी) को लाइन ठीक करने के लिए ले गया था। रामलाल जैसे ही लाइन ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ा तो करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बिजली निगम की लापरवाही पर परिजन भड़क गए और उन्होंने करीब 10 बजे रंबा पुलिस चौकी के पास शव को यमुनानगर हाइवे पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की। जाम की वजह से हाइवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। भीषण गर्मी व जाम की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे निगम अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उनकी मांगे पूरी करने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। परिजनों ने बताया कि रामलाल पहले बिजली निगम में ठेके पर कर्मचारी रहा है।
बिजली निगम की लापरवाही से उजड़ा परिवार
मृतक रामलाला के भाई रायसिंह ने बताया कि बिजली निगम कर्मियों की लापरवाही से उनका परिवार उजड़ गया है। उन्होंने बताया कि रामलाल की दो बेटियां और एक बेटा है। वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। उसका कहना है कि निगम द्वारा रामलाल को वर्ष 2012-13 में कुछ समय के लिए ठेके पर रखा था। लेकिन बाद निगम द्वारा छटनी के दौरान उसे बाहर निकाल दिया था। अब वह संगोहा के एएलएम दीपक कुमार के साथ कई बार लाइनें ठीक करवाने चला जाया करता था। सोमवार को भी वह दीपक कुमार के कहने पर ही लाइन ठीक करवाने गया था। दीपक ने लाइन पर काम करने की परमिशन ली थी, लेकिन लाइन पर काम करते समय अचानक करंट आने से उसकी मौके पर मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि वे सरकार से मांग करते हैं कि सरकार रामलाल के परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ उसकी पत्नी को निगम में नौकरी दे, ताकि उसके परिवार का गुजारा चलता रहे।
आठ सालों में बिजली निगम के 46 कर्मियों की करंट से मौत व दर्जनों जख्मी
बिजली निगम कर्मियों की लापरवाही से लाइनों पर काम करते समय करंट से हादसों का शिकार होने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले आठ सालों में अब तक करनाल सर्कल में 46 कर्मियों की करंट हादसों में मौत हो चुकी है। इसमें डिवीजन-1 के 12 कर्मी, डिवीजन-2 के आठ कर्मी व सिटी डिवीजन 26 कर्मी शामिल हैं। ये हादसे वर्ष 2007 से मई 2016 तक हुए हैं। इसके अलावा करंट हादसों में अपाहिज व जख्मी होने वाले कर्मियों की संख्या 65 से ऊपर है। यदि प्रदेश की बात करें तो एवरेज हर सप्ताह एक या दो कर्मी करेंट हादसों की वजह से मौत का शिकार हो रहे हैं। लेकिन बिजली निगम का कर्मियों की सुरक्षा के प्रति कोई ध्यान नहीं है।
फीडर ओवर क्रासिंग की वजह से हो रहे हादसे
बिजली निगम द्वारा नियमों को ताक पर रखकर एक ही पोल पर 11 केवी की कई लाइनें खींच दी हैं। ऐसे में कई बार एक फीडर बंद होने पर दूसरे फीडर की तार का स्पर्श होने से ही भी करंट आ जाता है। ऐसे में बिजली कर्मियों को लाइनों पर काम करने के लिए सेफ्टी पर्पज के लिए पांच से सात फीडर बंद करवाने पड़ते हैं। इसके अलावा निगम की परमिशन के बिना डायरेक्ट लाइन पर चलने वाले जनरेटर भी हादसों का कारण बन रहे हैं।
एएलएम सस्पेंड और कांट्रेक्ट कर्मी बर्खास्त
चूरनी फीडर की लाइन पर काम करते वक्त करंट लगने से एक युवक की मौत हुई है। इस मामले की जांच की जा रही है। परिजनों की शिकायत पर एएलएम दीपक कुमार को सस्पेंड कर दिया है तथा पावर हाउस में फीडर पर कार्यरत अनुबंध कर्मी राहुल को बर्खास्त कर दिया गया है। जांच के दौरान इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
जेके कांबोज, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम करनाल।