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38 हजार का लालच देकर दो लाख उड़ाये
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
Updated Tue, 25 Aug 2015 12:57 AM IST
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पब्लिक हेल्थ से रिटायर्ड मदन वासी मंगलपुर गांव को बीमा के बकाया 38 हजार
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रुपये देने का लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले यूपी के सुल्तानपुर जिला वासी
कोरियर हॉकर एक आरोपी को पकड़ने में सिटी थाना पुलिस ने कामयाबी मिली है।
आरोपी पंचकूला के एक कोरियर कंपनी में काम करता था।
आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और रविवार को सीजीएम अमित गर्ग की अदालत में पेश करके पांच दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी ने 200 का रुपये चेक मंगवाकर उस पर 199 रुपये लिखकर एक लाख 99 हजार 200 रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी का पता कई महीने गुजरने के बाद तब पता चला जब वह बैंक अकाउंट की स्टेटमेंट चेक करने लगा। सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल का कहना है कि लोगों को लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले इन आरोपियों का गिरोह हो सकता है। पूछताछ में आरोपी सुरेंद्र ने कबूला है कि इस मामले का मास्टरमाइंड कोई और है। उसने पहली बार कुछ पैसों के लालच में यह धोखाधड़ी की है।
स्टेटमेंट से निकला सच
मदन ने 12 जनवरी 2015 को शिकायत की थी कि उसने एसबीआई बैंक से लोन लिया था और इस पर बीमा के पैसे उसे मिले थे। कुछ महीने बाद आरोपी सुरेंद्र ने फोन करके उसको बीमा के 38 हजार रुपये और देने का लालच दिया। इस रकम को लेने के लिए आरोपी सुरेंद्र ने मदन से 100-100 रुपये के दो चेक मंगवाए। 100 रुपये के एक चेक के आगे आरोपी ने 99 लिखकर इस रकम को 99 हजार 100 रुपये कर लिया। यह चेक बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी सुरेंद्र ने मदन से फोन पर बात करके चेक बाउंस होने की बात बताकर 200 रुपये का एक ही चेक मंगवा लिया। 200 रुपये के चेक के आगे आरोपी ने 199 रुपये लिख लिए और यह रकम एक लाख 99 हजार 200 रुपये बना ली। 11 जुलाई 2014 को चेक लगाया और 12 जुलाई 2014 को चेक क्लीयर हो गया। पूरी रकम आरोपी सुरेंद्र के खाते में चली गई। कई महीने बाद जब मदन ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाईए तो यह रकम नहीं मिली।
मोबाइल की आईडी से पकड़ा गया आरोपी
सिटी थाना प्रभारी मोहनलाल ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र ने पूरी चालाकी से यह धोखाधड़ी की है। आरोपी ने जिस खाते में यह चेक लगाए उस खाते की आईडी भी फर्जी मिली। इससे आरोपी को पकड़ने में देरी लगी। अब चेक लगाने के दौरान आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर लिख दिया। मोबाइल की आईडी निकलवाकर आरोपी को दबोचा गया है।
आरोपी ने 40 हजार की करवा ली एफडी
थाना प्रभारी मोहनलाल ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र ने कबूला है कि उसने यह धोखाधड़ी दूसरे युवक के कहने पर की है। रिमांड के दौरान आरोपी से रकम, चेक बरामद करना है। आरोपी ने इस रकम से 40 हजार रुपये की बैंक से एफडी करवा रखी है। बैंक से एफडी के कागजात लिए जाएंगे। रिमांड अवधि में आरोपी की निशानदेही पर अन्य आरोपी को भी पकड़ना है। इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड कोई अन्य आरोपी है।
आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और रविवार को सीजीएम अमित गर्ग की अदालत में पेश करके पांच दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी ने 200 का रुपये चेक मंगवाकर उस पर 199 रुपये लिखकर एक लाख 99 हजार 200 रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी का पता कई महीने गुजरने के बाद तब पता चला जब वह बैंक अकाउंट की स्टेटमेंट चेक करने लगा। सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल का कहना है कि लोगों को लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले इन आरोपियों का गिरोह हो सकता है। पूछताछ में आरोपी सुरेंद्र ने कबूला है कि इस मामले का मास्टरमाइंड कोई और है। उसने पहली बार कुछ पैसों के लालच में यह धोखाधड़ी की है।
स्टेटमेंट से निकला सच
मदन ने 12 जनवरी 2015 को शिकायत की थी कि उसने एसबीआई बैंक से लोन लिया था और इस पर बीमा के पैसे उसे मिले थे। कुछ महीने बाद आरोपी सुरेंद्र ने फोन करके उसको बीमा के 38 हजार रुपये और देने का लालच दिया। इस रकम को लेने के लिए आरोपी सुरेंद्र ने मदन से 100-100 रुपये के दो चेक मंगवाए। 100 रुपये के एक चेक के आगे आरोपी ने 99 लिखकर इस रकम को 99 हजार 100 रुपये कर लिया। यह चेक बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी सुरेंद्र ने मदन से फोन पर बात करके चेक बाउंस होने की बात बताकर 200 रुपये का एक ही चेक मंगवा लिया। 200 रुपये के चेक के आगे आरोपी ने 199 रुपये लिख लिए और यह रकम एक लाख 99 हजार 200 रुपये बना ली। 11 जुलाई 2014 को चेक लगाया और 12 जुलाई 2014 को चेक क्लीयर हो गया। पूरी रकम आरोपी सुरेंद्र के खाते में चली गई। कई महीने बाद जब मदन ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाईए तो यह रकम नहीं मिली।
मोबाइल की आईडी से पकड़ा गया आरोपी
सिटी थाना प्रभारी मोहनलाल ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र ने पूरी चालाकी से यह धोखाधड़ी की है। आरोपी ने जिस खाते में यह चेक लगाए उस खाते की आईडी भी फर्जी मिली। इससे आरोपी को पकड़ने में देरी लगी। अब चेक लगाने के दौरान आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर लिख दिया। मोबाइल की आईडी निकलवाकर आरोपी को दबोचा गया है।
आरोपी ने 40 हजार की करवा ली एफडी
थाना प्रभारी मोहनलाल ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र ने कबूला है कि उसने यह धोखाधड़ी दूसरे युवक के कहने पर की है। रिमांड के दौरान आरोपी से रकम, चेक बरामद करना है। आरोपी ने इस रकम से 40 हजार रुपये की बैंक से एफडी करवा रखी है। बैंक से एफडी के कागजात लिए जाएंगे। रिमांड अवधि में आरोपी की निशानदेही पर अन्य आरोपी को भी पकड़ना है। इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड कोई अन्य आरोपी है।