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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Chief of the accused were fooling

सीएम तक बनाने का झांसा देते थे आरोपी

Sat, 30 Jan 2016 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल Updated Sat, 30 Jan 2016 11:41 PM IST
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हाई प्रोफाइल ठगी के आरोपी अजय शर्मा और उसके साथी रितेश तिवारी नेताओं को सीएम तक बनाने के दावे करते थे। इसके बदले में वे करोड़ों रुपये की डील भी करते थे। यह दावा किया है शनिवार को एसपी द्वारा गठित एसआईटी के इंचार्ज जितेंद्र गहलावत से मिलने पहुंचे पांच करोड़ की ठगी के शिकार दिल्ली निवासी मनीष मिश्रा और एक अन्य ने।

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मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने दावा किया कि रितेश तिवारी गिरफ्तारी के भय से नेपाल में जाकर छिप गया है। इससे पहले भी वह नेपाल जाता रहा है। हालांकि, पुलिस दिल्ली में दबिशें देने के बाद शांत हो गई है, जबकि अजय शर्मा और रितेश तिवारी दोनों का ही रुतबा एक जैसा है।
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पीड़ित मनीष मिश्रा ने बताया कि आईपीएल के टेंडर की एवज में उससे पांच करोड़ रुपये की ठगी की है। काम न होने पर मिश्रा ने आरोपी रितेश तिवारी से पांच करोड़ रुपये मांगे तो इन्होंने दिल्ली पुलिस को शिकायत करके पीड़ित मिश्रा के खिलाफ ही फिरौती का केस दर्ज करवा दिया। अब मिश्रा शनिवार को एसआईटी के इंचार्ज जितेंद्र गहलावत से मिले। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
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सीबीआई जांच की करेंगे मांग
मिश्रा ने बताया कि वह इस मामले को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलकर सीबीआई से जांच करवाने की मांग उठाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस पर उन्हें भरोसा नहीं है। क्योंकि वे दिल्ली पुलिस को कई बार रितेश तिवारी व अजय पंडित के खिलाफ शिकायत दे चुके हैं, लेकिन केस दर्ज नहीं किया।

उधर, बता दें कि करनाल पुलिस को दुनार फूड के एमडी सुरेंद्र के साथ हुई साढ़े चार करोड़ की ठगी मामले में रितेश तिवारी व उसके अन्य साथियों की तलाश है। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर करनाल पुलिस कई बार दिल्ली व अन्य स्थानों पर दबिश दे चुकी है, लेकिन आरोपियों तक नहीं पहुुंच पाई है।

दोनों का था बराबर का रुतबा
पीड़ित मिश्रा ने बताया कि रितेश तिवारी और अजय शर्मा का रुतबा एक जैसा था। दोनों के आगे पीछे लग्जरी गाड़ियां व सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध थे। अजय शर्मा के चार पीए थे और रितेश तिवारी के पास भी तीन पीए थे। मिश्रा की सिक्योरिटी एजेंसी है और रितेश तिवारी को उसने 50 सुरक्षा कर्मी दे रखे थे। तीन महीने तक बिल पास न करने पर उसने सिक्योरिटी हटा ली थी।


करोड़ों में मुख्यमंत्री बनवाने का भी दिया था झांसा
पीड़ित मनीष मिश्रा के साथ एक और व्यक्ति ने एसआईटी इंचार्ज से हुई मुलाकात में दावा किया है कि एक राज्य का मुख्यमंत्री बनवाने के लिए भी उसने करोड़ों रुपये की डिमांड की थी। व्यक्ति का दावा है कि एक प्रदेश के नेता से रितेश तिवारी व अजय शर्मा की सीएम बनाने की बात भी हुई थी, जिसके बदले में दोनों ने मोटी रकम की मांग की थी।

वर्जन
मामले की जांच एसआईटी कर रही है। जो भी दोषी होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रितेश तिवारी और अन्य की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
पंकज नैन, एसपी। करनाल

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