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कैथल से बस में आकर करनाल व कुरूक्षेत्र में करते थे बाइक चोरी, दोनों आरोपी काबू
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
कैथल से बस में बैठकर करनाल में बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों से पुलिस के दो दिन के रिमांड के दौरान चोरी की 9 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में कर जेल भेज दिया गया है।
दोनों आरोपी नशे की लत को पुरा करने के लिए बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। यह जानकारी सीआईए-1 में सिटी डीएसपी बलजिंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि एंटी ऑटो थेफ्ट स्टाफ का गठन 2011 में किया गया था। एंटी ऑटो थेफ्ट टीम के इंचार्ज एएसआई रोहताश को गुप्त सूचना मिली कि दो लड़के चोरी की बाइक के साथ करनाल में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही रोहताश टीम के साथ शहर में गश्त के लिए रवाना हो गया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग जगहों से आरोपी बंटी वासी सिवन जिला कैथल व आरोपी रोहताश वासी बाबा लदाना जिला कैथल को अलग स्थानों से चोरी की बाइक के साथ काबू कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने करनाल में उन्होंने विभिन्न स्थानों से 5 मोटरसाइकिलें चोरी की हैं। इसके अलावा उन्होंने दो बाइक थाना शहर कैथल के एरिया से चोरी की थी व दो बाइक जिला कुरूक्षेत्र की पेहवा इलाका से चोरी की थीं। आरोपियों से कुल 9 वारदात का खुलासा हुआ है। 23 जून को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। चोरी की हुईं 9 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं हैं। इनमें से दो बाइक सिटी थाना क्षेत्र से चोरी की हुईं थीं, एक बुटाना थाना और एक-एक बाइक सिविल व सदर थाना क्षेत्र से चोरी की हुई हैै। ये आरोपी अधिकतर स्प्लेंडर बाइक को चोरी करते थे।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम, यूपी में बेचते थे बाइक को
एंटी ऑटो थफ्ट के इंचार्ज रोहताश ने बताया कि आरोपी नशे की लत और शौक को पूरा करने के लिए बाइक चोरी की घटना को अंजाम देते थे। उनका टारगेट वे बाइक होती थी जिनका लॉक खुला हुआ या पुराना होता था, क्योंकि पुराने लॉक में आसानी से दूसरी चाबी लग जाती है। बाइक चोरी करने के बाद आरोपी बाइक को यूपी लेकर जाते थे और वहां 10 हजार रुपये में बेच देते थे। इन आरोपियों के खिलाफ कैथल में मामले दर्ज है और ये जमानत पर बाहर आए हुए थे। एएसआई रोहताश ने बताया कि वाहन मालिकोंको चाहिए कि वह बाइक में व्हील लॉक लगवा लें।
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करनाल।
कैथल से बस में बैठकर करनाल में बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों से पुलिस के दो दिन के रिमांड के दौरान चोरी की 9 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में कर जेल भेज दिया गया है।
दोनों आरोपी नशे की लत को पुरा करने के लिए बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। यह जानकारी सीआईए-1 में सिटी डीएसपी बलजिंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि एंटी ऑटो थेफ्ट स्टाफ का गठन 2011 में किया गया था। एंटी ऑटो थेफ्ट टीम के इंचार्ज एएसआई रोहताश को गुप्त सूचना मिली कि दो लड़के चोरी की बाइक के साथ करनाल में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही रोहताश टीम के साथ शहर में गश्त के लिए रवाना हो गया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग जगहों से आरोपी बंटी वासी सिवन जिला कैथल व आरोपी रोहताश वासी बाबा लदाना जिला कैथल को अलग स्थानों से चोरी की बाइक के साथ काबू कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने करनाल में उन्होंने विभिन्न स्थानों से 5 मोटरसाइकिलें चोरी की हैं। इसके अलावा उन्होंने दो बाइक थाना शहर कैथल के एरिया से चोरी की थी व दो बाइक जिला कुरूक्षेत्र की पेहवा इलाका से चोरी की थीं। आरोपियों से कुल 9 वारदात का खुलासा हुआ है। 23 जून को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। चोरी की हुईं 9 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं हैं। इनमें से दो बाइक सिटी थाना क्षेत्र से चोरी की हुईं थीं, एक बुटाना थाना और एक-एक बाइक सिविल व सदर थाना क्षेत्र से चोरी की हुई हैै। ये आरोपी अधिकतर स्प्लेंडर बाइक को चोरी करते थे।
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ऐसे देते थे वारदात को अंजाम, यूपी में बेचते थे बाइक को
एंटी ऑटो थफ्ट के इंचार्ज रोहताश ने बताया कि आरोपी नशे की लत और शौक को पूरा करने के लिए बाइक चोरी की घटना को अंजाम देते थे। उनका टारगेट वे बाइक होती थी जिनका लॉक खुला हुआ या पुराना होता था, क्योंकि पुराने लॉक में आसानी से दूसरी चाबी लग जाती है। बाइक चोरी करने के बाद आरोपी बाइक को यूपी लेकर जाते थे और वहां 10 हजार रुपये में बेच देते थे। इन आरोपियों के खिलाफ कैथल में मामले दर्ज है और ये जमानत पर बाहर आए हुए थे। एएसआई रोहताश ने बताया कि वाहन मालिकोंको चाहिए कि वह बाइक में व्हील लॉक लगवा लें।
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