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पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती कराने के नाम पर 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। झज्जर निवासी एक व्यक्ति के साथ घरौंडा के गांव कैमला निवासी दो भाइयों द्वारा पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती कराने के नाम पर 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कैमला गांव निवासी दोनों भाई भोपाल और रमेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
घरौंडा थाना पुलिस को दी शिकायत में झज्जर के गांव कसार निवासी संजीव ने बताया कि वह किसान है। वह अपनी रिश्तेेदारी गांव मदाना में गया हुआ था तो उसके बेटे की नौकरी की बात चल पड़ी। उस दौरान उसके बेटे ने सिपाही पद के लिए फार्म भरा हुआ था। उसके रिश्तेदार ने बताया कि घरौंडा के गांव कैमला में भोपाल नाम का एक व्यक्ति है जो कुछ रुपये लेकर सिपाही की नौकरी दिला देगा।
2018 में वह घरौंडा में आकर भोपाल से मिला उस दौरान उसका भाई रमेश भी साथ था। उन्होंने कहा कि नौकरी पक्की है। आधे रुपये अभी देने होंगे और आधे नौकरी लगने के बाद। उसकी बातों में आकर उसने सात लाख रुपये भोपाल व रमेश को दे दिए। जब सिपाही की भर्ती का रिजल्ट आया तो उसका बेटा रह गया। इसके बाद उन्होंने भोपाल व उसके भाई से रुपये मांगे तो उन्होंने बैंक चेक दे दिया। लेकिन वह बाउंस हो गया। अब वह रुपये देने से मना कर रहा है।
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करनाल। झज्जर निवासी एक व्यक्ति के साथ घरौंडा के गांव कैमला निवासी दो भाइयों द्वारा पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती कराने के नाम पर 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कैमला गांव निवासी दोनों भाई भोपाल और रमेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
घरौंडा थाना पुलिस को दी शिकायत में झज्जर के गांव कसार निवासी संजीव ने बताया कि वह किसान है। वह अपनी रिश्तेेदारी गांव मदाना में गया हुआ था तो उसके बेटे की नौकरी की बात चल पड़ी। उस दौरान उसके बेटे ने सिपाही पद के लिए फार्म भरा हुआ था। उसके रिश्तेदार ने बताया कि घरौंडा के गांव कैमला में भोपाल नाम का एक व्यक्ति है जो कुछ रुपये लेकर सिपाही की नौकरी दिला देगा।
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2018 में वह घरौंडा में आकर भोपाल से मिला उस दौरान उसका भाई रमेश भी साथ था। उन्होंने कहा कि नौकरी पक्की है। आधे रुपये अभी देने होंगे और आधे नौकरी लगने के बाद। उसकी बातों में आकर उसने सात लाख रुपये भोपाल व रमेश को दे दिए। जब सिपाही की भर्ती का रिजल्ट आया तो उसका बेटा रह गया। इसके बाद उन्होंने भोपाल व उसके भाई से रुपये मांगे तो उन्होंने बैंक चेक दे दिया। लेकिन वह बाउंस हो गया। अब वह रुपये देने से मना कर रहा है।
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