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मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने तोड़ा मरीज का इलाज कराने आए व्यक्ति का मोबाइल
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से डॉक्टर की दादागिरी सामने आई है। इमरजेंसी में मरीज का इलाज कराने आए एक व्यक्ति का डॉक्टर ने मोबाइल तोड़ दिया। उस व्यक्ति का कुसूर इतना था कि जब वह अपने मरीज को लेकर इमरजेंसी के बाहर पहुंचा तो उसने वहां गाड़ी खड़ी कर दी थी। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड उस व्यक्ति को गाड़ी साइड में करने के लिये कहा तो उसने पूछा की पहले से ही एक कार यहां खड़ी है यह किसकी है। इस दौरान उस व्यक्ति ने मोबाइल का कैमरा ऑन किया हुआ था। मोबाइल को देखकर इमरजेंसी के अंदर खड़े डॉक्टर ने उसे व्यक्ति को कहा कि मेरी है कार, अंदर आ। वह व्यक्ति अंदर नहीं गया तो उस डॉक्टर ने उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। इस मामले की शिकायत उस व्यक्ति ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दे दी है। पुलिस का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं।
पीड़ित मनीष गांधी ने बताया कि उसकी फलाई की दुकान है वहां उसके साथ राम नाम का व्यक्ति काम करता है तो उसके हाथ में शीशा लग गया था। जिसके हाथ से काफी खून बह रहा था। इमरजेंसी में वह उसे मेडिकल कॉलेज लेकर गया तो उसे इमरजेंसी के बाहर कार खड़ी कर दी और मरीज को इमरजेंसी के अंदर लेकर गया। इस दौरान पांच से छह सिक्योरिटी गार्ड आवाज लगाते आए बोले पहले कार को पार्किंग में लगाकर आ, उस व्यक्ति ने गार्ड को कहा कि उसके मरीज को गंभीर चोट लगी है, एक बार उसे दिखा लू तो दो मिनट बाद कर दूूंगा या फिर आप कर दो में आपको चाबी देता हूं। इसके बाद मरीज का इलाज कराने के बाद वह बाहर आया तो उसने देखा कि उसके कार के पास एक ओर कार खड़ी है उसने गार्ड से पूछा की ये कार खड़ी है आपने इसे क्यों नहीं हटवाया। इस दौरान उस व्यक्ति ने मोबाइल की रिकॉर्डिंग ऑन कर ली। ये बात सुनकर डॉक्टर ने अंदर से आवाज लगाई मेरी है कार अंदर आ, वह व्यक्ति अंदर नहीं गया तो डॉक्टर ने बाहर आकर उसका मोबाइल जमीन में दे मारा और तोड़ दिया।
मनीष गांधी की शिकायत मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। मेडिकल कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जाएंगी। उसके आधार कर कार्रवाई की जाएगी।
-विजय कुमार, सिविल थाना प्रभारी, करनाल।
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से डॉक्टर की दादागिरी सामने आई है। इमरजेंसी में मरीज का इलाज कराने आए एक व्यक्ति का डॉक्टर ने मोबाइल तोड़ दिया। उस व्यक्ति का कुसूर इतना था कि जब वह अपने मरीज को लेकर इमरजेंसी के बाहर पहुंचा तो उसने वहां गाड़ी खड़ी कर दी थी। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड उस व्यक्ति को गाड़ी साइड में करने के लिये कहा तो उसने पूछा की पहले से ही एक कार यहां खड़ी है यह किसकी है। इस दौरान उस व्यक्ति ने मोबाइल का कैमरा ऑन किया हुआ था। मोबाइल को देखकर इमरजेंसी के अंदर खड़े डॉक्टर ने उसे व्यक्ति को कहा कि मेरी है कार, अंदर आ। वह व्यक्ति अंदर नहीं गया तो उस डॉक्टर ने उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। इस मामले की शिकायत उस व्यक्ति ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दे दी है। पुलिस का कहना है कि वह मामले की जांच कर रहे हैं।
पीड़ित मनीष गांधी ने बताया कि उसकी फलाई की दुकान है वहां उसके साथ राम नाम का व्यक्ति काम करता है तो उसके हाथ में शीशा लग गया था। जिसके हाथ से काफी खून बह रहा था। इमरजेंसी में वह उसे मेडिकल कॉलेज लेकर गया तो उसे इमरजेंसी के बाहर कार खड़ी कर दी और मरीज को इमरजेंसी के अंदर लेकर गया। इस दौरान पांच से छह सिक्योरिटी गार्ड आवाज लगाते आए बोले पहले कार को पार्किंग में लगाकर आ, उस व्यक्ति ने गार्ड को कहा कि उसके मरीज को गंभीर चोट लगी है, एक बार उसे दिखा लू तो दो मिनट बाद कर दूूंगा या फिर आप कर दो में आपको चाबी देता हूं। इसके बाद मरीज का इलाज कराने के बाद वह बाहर आया तो उसने देखा कि उसके कार के पास एक ओर कार खड़ी है उसने गार्ड से पूछा की ये कार खड़ी है आपने इसे क्यों नहीं हटवाया। इस दौरान उस व्यक्ति ने मोबाइल की रिकॉर्डिंग ऑन कर ली। ये बात सुनकर डॉक्टर ने अंदर से आवाज लगाई मेरी है कार अंदर आ, वह व्यक्ति अंदर नहीं गया तो डॉक्टर ने बाहर आकर उसका मोबाइल जमीन में दे मारा और तोड़ दिया।
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मनीष गांधी की शिकायत मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। मेडिकल कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जाएंगी। उसके आधार कर कार्रवाई की जाएगी।
-विजय कुमार, सिविल थाना प्रभारी, करनाल।