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गबन के मामले में बल्ला के पूर्व सरपंच व दो पंचों को दो साल की सजा
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गबन के मामले में बल्ला के पूर्व सरपंच और दो पंचों को दो साल की सजा
-फंड के दुुरुपयोग व गबन का था आरोप, असंध की अदालत का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बल्ला (करनाल)। सब-डिविजनल कोर्ट ने पंचायती फंड के दुरूपयोग एवं गबन के मामले में बल्ला के पूर्व सरपंच एवं दो पंचों को दो साल की सजा दी है। सजा के अतिरिक्त पांच सौ रुपये का जुर्माना भी भरने के आदेश जारी किए गए हैं। आरोपियों को फैसले के खिलाफ अगली कोर्ट में अपील करने के लिए एक माह का समय दिया गया है।
गांव बल्ला के ग्रामीण सोमबीर ने तत्कालीन सरपंच राजबीर सिंह एवं दो पंचों पर फंड के दुरूपयोग एवं गबन के आरोप को लेकर असंध सब-डिविजनल कोर्ट में केस दायर किया गया था। सरपंच राजबीर सिंह पर आरोप था कि उसने अपने कार्यकाल में हजारों रुपये के झूठे यात्रा-भत्ता बिल क्लेम किए हैं एवं रसीदों में भी कांट-छांट की गई है। इसके अलावा, गांव में लगाई गई सोलर लाइट जिसकी कीमत 48000 रुपये की दर से खरीदी गई, जबकि शिकायतकर्ता ने उसी तरह की लाइट 2947 रुपये में लाइट खरीद थी। जांच में पाया गया कि इन लाइट की खरीद करने से पूर्व हरियाणा पंचायती इलेक्ट्रानिक विभाग से परमीशन भी नहीं ली गई। इसके अलावा, गांव के खिलाड़ियों के लिए खेल किट पर हजारों रुपये का भुगतान किया गया, जबकि खिलाड़ियों को खेल का सामान नहीं देने का आरोप लगाया गया था। गांव के कुछ पेंशन धारकों एवं मृतकों की पेंशन डकारने का भी आरोप लगाया गया था। सरपंच के अलावा गांव के दो तत्कालीन पंचों पर भी होर्डिंग्स एवं बैनर पर खर्च करने के अलावा झूठे अंगूठों की पहचान का आरोपी बनाया गया था। सब-डिविजनल कोर्ट में माननीय जज रेखा ने तीनों आरोपियों को दो-दो साल की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त दोषियों पर पांच सौ रुपये प्रत्येक पर जुर्माना लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ अधिकांश जानकारी सूचना के अधिकार नियम के तहत एकत्रित की थी। आरोपियों को फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए तीस दिन का समय दिया गया है। उधर, पूर्व सरपंच व अन्य का कहना है कि वे इस मामले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करेंगे।
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-फंड के दुुरुपयोग व गबन का था आरोप, असंध की अदालत का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बल्ला (करनाल)। सब-डिविजनल कोर्ट ने पंचायती फंड के दुरूपयोग एवं गबन के मामले में बल्ला के पूर्व सरपंच एवं दो पंचों को दो साल की सजा दी है। सजा के अतिरिक्त पांच सौ रुपये का जुर्माना भी भरने के आदेश जारी किए गए हैं। आरोपियों को फैसले के खिलाफ अगली कोर्ट में अपील करने के लिए एक माह का समय दिया गया है।
गांव बल्ला के ग्रामीण सोमबीर ने तत्कालीन सरपंच राजबीर सिंह एवं दो पंचों पर फंड के दुरूपयोग एवं गबन के आरोप को लेकर असंध सब-डिविजनल कोर्ट में केस दायर किया गया था। सरपंच राजबीर सिंह पर आरोप था कि उसने अपने कार्यकाल में हजारों रुपये के झूठे यात्रा-भत्ता बिल क्लेम किए हैं एवं रसीदों में भी कांट-छांट की गई है। इसके अलावा, गांव में लगाई गई सोलर लाइट जिसकी कीमत 48000 रुपये की दर से खरीदी गई, जबकि शिकायतकर्ता ने उसी तरह की लाइट 2947 रुपये में लाइट खरीद थी। जांच में पाया गया कि इन लाइट की खरीद करने से पूर्व हरियाणा पंचायती इलेक्ट्रानिक विभाग से परमीशन भी नहीं ली गई। इसके अलावा, गांव के खिलाड़ियों के लिए खेल किट पर हजारों रुपये का भुगतान किया गया, जबकि खिलाड़ियों को खेल का सामान नहीं देने का आरोप लगाया गया था। गांव के कुछ पेंशन धारकों एवं मृतकों की पेंशन डकारने का भी आरोप लगाया गया था। सरपंच के अलावा गांव के दो तत्कालीन पंचों पर भी होर्डिंग्स एवं बैनर पर खर्च करने के अलावा झूठे अंगूठों की पहचान का आरोपी बनाया गया था। सब-डिविजनल कोर्ट में माननीय जज रेखा ने तीनों आरोपियों को दो-दो साल की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त दोषियों पर पांच सौ रुपये प्रत्येक पर जुर्माना लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ अधिकांश जानकारी सूचना के अधिकार नियम के तहत एकत्रित की थी। आरोपियों को फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए तीस दिन का समय दिया गया है। उधर, पूर्व सरपंच व अन्य का कहना है कि वे इस मामले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करेंगे।
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